रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2025 के एक अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभ्यर्थी की पहचान सुमन सौरभ के रूप में हुई है। उसे हजारीबाग पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
बता दें कि JPSC 14वीं सिविल सेवा परीक्षा विवाद में CID की ताबड़तोड़ कार्रवाई लगातार जारी है। CID JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते से भी पूछताछ की है।
पूछताछ में कबूला जुर्म
CID की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्रवाई CID थाना कांड संख्या 16/2026 के अनुसंधान के दौरान की गई। जांच में सामने आया कि अभ्यर्थी ने झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा, 2025 (विज्ञापन संख्या-01/2026) की प्रारंभिक परीक्षा में अनुचित तरीके अपनाकर सफलता हासिल की थी। पूछताछ के दौरान सुमन सौरभ ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
100 में से मात्र 48 प्रश्न किए थे सॉल्व
सुमन सौरभ ने गलत तरीके से पीटी परीक्षा पास की थी। ये वही छात्र है जिसकी कार्बन कॉपी सोशल मीडिया में वायरल हो रही था। इस कार्बन कॉपी को जांच करने पर पता चला था कि इसने 100 में से मात्र 48 प्रश्न हल किये थे। इसके बावजूद उसने पीटी परीक्षा पास कर ली थी। गिरफ्तारी के बाद पुलिस और सीआईडी की टीम ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.
आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही CID
CID ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और जांच के दौरान जो भी नए साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे भी विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसी अन्य संभावित पहलुओं और संबंधित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। यह कार्रवाई JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की व्यापक जांच का हिस्सा है, जिसे लेकर CID लगातार साक्ष्य जुटाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
विश्वविद्यालयों में प्रोफेसरों की नियुक्ति पर हाई कोर्ट ने JPSC से मांगा जवाब
वहीं, हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने राज्य के विश्वविद्यालयों में एसोसिएट प्रोफेसरों की नियमित नियुक्ति को लेकर दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने JPSC को मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी। सुनवाई के दौरान JPSC की ओर से बताया गया कि झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट (जेट)-2024 की परीक्षा संपन्न हो चुकी है, लेकिन इसका परिणाम अभी जारी नहीं किया जा सका है।
(रिपोर्ट- मुकेश सिन्हा)
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