उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सभी राजनीतिक दल जनता के बीच पहुंच रहे हैं। इस बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP/बसपा) भी एक्टिव हो गई है। गुरुवार को बसपा प्रमुख मायावती ने एक कड़ा कदम उठाते हुए यूपी के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और पार्टी के नेता अनन्त कुमार मिश्रा उर्फ अन्टू मिश्रा को पार्टी से निकाल दिया है। मायावती ने बताया है कि अन्टू मिश्रा को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण बसपा से निकाला गया है। बता दें कि कानपुर के क्षेत्र में अन्टू मिश्रा का काफी प्रभाव माना जाता है। ऐसे में उन्हें पार्टी से निकाला जाना एक बड़ी खबर मानी जा रही है।
क्या बोलीं मायावती?
बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने आधिकारिक X हैंडल से ट्वीट कर के बताया- “उत्तर प्रदेश में बीएसपी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे अनन्त कुमार मिश्रा उर्फ अन्टू मिश्रा को उनकी पार्टी विरोधी गतिविधियों आदि के फलस्वरूप आज तत्काल प्रभाव से उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। वैसे भी अब जबकि खासकर उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल काफी गरमाया हुआ है, पार्टी के सभी स्तर के लोगों को विरोधियों के सभी प्रकार के साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों से सावधान रहते हुये अपनी पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ बी.एस.पी. के अम्बेडकरवादी मिशन को आगामी विधानसभा आमचुनाव में सफल बनाने में पूरे जी-जान से लगे रहना है, यही संदेश व अपील भी है।”
अन्टू मिश्रा के बारे में जानिए
आपको बता दें कि अनन्त कुमार मिश्रा साल 80 के दशक में कानपुर में क्राइस्ट चर्च कॉलेज छात्र संघ के सचिव बने थे। इसके बाद वह NSUI के यूपी महासचिव भी बने। इसके बाद अनन्त कुमार मिश्रा ने समाजवादी पार्टी का दामन थामा। 1993 में उन्होंने कानपुर की जनरलगंज सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन हार गए। जानकारी के अनुसरा, इसके बाद अनंत ने 2002 में आर्यनगर विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन वहां भी चुनाव हार गए। इसके बाद अनन्त कुमार मिश्रा 2006 में बसपा में शामिल हुए। उन्होंने 2007 यूपी विधानसभा चुनाव में कानपुर की सरसौल सीट से चुनाव लड़ा लेकिन फिर हार गए। हालांकि, इस चुनाव में बसपा ने बहुमत हासिल किया और सरकार बनाई। ऐसे में हारने के बाद भी अन्टू मिश्रा को मायावती ने अपनी सरकार में स्वास्थ्य राज्य मंत्री बनाया। इसके बाद अन्टू मिश्रा को फर्रुखाबाद सदर सीट से चुनाव लड़ाया गया जहां से जीतने के बाद वह राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बने।
मायावती ने समधी को भी पार्टी से निकाला
आपको बता दें कि इससे पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने 2 अगस्त को पूर्व राज्यसभा सांसद और अपने समधी अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाल दिया था। अशोक सिद्धार्थ पर अनुशासनहीनता अर्थात् पार्टी के दिशा-निर्देश के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था। मायावती ने बताया था कि अशोक सिद्धार्थ को पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है।
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