CSMCL घोटाले में बिजनेसमैन अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से मिली सशर्त अंतरिम जमानत, छत्तीसगढ़ से बाहर रहना पड़ेगा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में छत्तीसगढ़ के बिजनेसमैन अनवर ढेबर को अंतरिम ज़मानत दे दी है। हालांकि, जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने अभियोजन पक्ष की उस मांग को मान लिया जिसमें कहा गया था कि जमानत के दौरान ढेबर को छत्तीसगढ़ से बाहर रहना चाहिए, क्योंकि गवाहों को प्रभावित करने की आशंका थी। कोर्ट ने ढेबर को यह भी निर्देश दिया है कि वे अधिकारियों को अपने रहने की जगह (राज्य के बाहर) का पता और अपना कॉन्टैक्ट नंबर बताएं।

चीफ़ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने ढेबर को ज़मानत की शर्त के तौर पर छत्तीसगढ़ से बाहर रहने और ट्रायल के दौरान कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया। ढेबर की ओर से सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी पेश हुए, जबकि छत्तीसगढ़ की ओर से सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी पेश हुए।

हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी याचिका

इससे पहले छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 13 मई को ढेबर की ज़मानत अर्ज़ी खारिज कर दी थी और कहा था कि आरोपों से राज्य सरकार के कॉर्पोरेशन में गहरी जड़ें जमा चुके और व्यवस्थित भ्रष्टाचार नेटवर्क का संकेत मिलता है। हाई कोर्ट ने माना कि पब्लिक फंड से जुड़े आर्थिक अपराधों को ज़्यादा गंभीरता से लिया जाना चाहिए। हाई कोर्ट ने कहा था कि गहरी साज़िशों और बड़े पैमाने पर जनता के पैसे के नुकसान वाले आर्थिक अपराध गंभीर अपराध हैं जो पूरे देश की अर्थव्यवस्था पर असर डालते हैं।

भ्रष्टाचार के मामले में दर्ज हुए थे केस

कोर्ट ने गौर किया कि जांच के दौरान इकट्ठा किए गए सबूतों से प्रथम दृष्टया पता चलता है कि मैनपावर सप्लाई एजेंसियों को अपने वैध बिलों और बकाया राशि की मंज़ूरी पाने के लिए कथित तौर पर अवैध कमीशन देने के लिए मजबूर किया जाता था। यह मामला इकोनॉमिक ऑफेंस विंग/एंटी-करप्शन ब्यूरो ने इंडियन पीनल कोड और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के प्रावधानों के तहत दर्ज किया था।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, CSMCL के भीतर कथित तौर पर एक व्यवस्थित तंत्र काम करता था जिसमें मैनपावर एजेंसियों को बिल मंज़ूरी के लिए कमीशन देने के लिए मजबूर किया जाता था और इससे मिलने वाली रकम कथित तौर पर बिचौलियों के ज़रिए पहुंचाई जाती थी।

ये भी पढ़ेंः छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष गिरफ्तार, पेपर लीक केस में ED का शिकंजा





Source link

Leave a Comment

और पढ़ें