जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर-लद्दाख हाईवे पर फटा बादल, अचानक आई बाढ़ में बह गई कार; लैंडस्लाइड से कई लोगों पर असर

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जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर-लद्दाख हाईवे पर मीनामार्ग के पास बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई और लद्दाख के ज़ोजिला इलाके में द्रास-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर भूस्खलन हुआ। अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने पुलिस पोस्ट मीनामार्ग के सामने मौजूद बकरवाल परिवारों के चार अस्थायी ठिकानों (डेरों) को प्रभावित किया। इस घटना से लगभग 20 लोग प्रभावित हुए। पुलिसकर्मियों की तत्परता से जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ। सभी प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रूप से पुलिस पोस्ट मीनामार्ग की इमारत और पास की भेड़ पालन विभाग की इमारत में पहुंचा दिया गया।

नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक पर असर

प्रभावित जगह पर द्रास-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक रोक दिया गया। पुलिस और सड़क साफ करने वाली टीमें मशीनों के साथ मौके पर मौजूद हैं और जल्द से जल्द आवाजाही बहाल करने के लिए मलबा हटा रही हैं। द्रास ज़िला पुलिस ने यात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे उफान पर बह रहे पानी के रास्तों, धाराओं और बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में जाने से बचें और हालात सामान्य होने तक सावधानी से यात्रा करें।

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बाढ़ में बह गई कार

घटना के दौरान, अचानक आई बाढ़ में एक वैगन-आर कार बह गई। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि गाड़ी में सवार सभी लोग सुरक्षित बच निकले और किसी के हताहत होने या घायल होने की खबर नहीं है। इस बीच, जिला पुलिस द्रास ने यात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे उफान पर बहने वाले नालों, जल-धाराओं और बाढ़ की आशंका वाले अन्य इलाकों को पार करने से बचें।  

छात्रू क्षेत्र में भी फटा बादल

वहीं, किश्तवाड़ जिले के छात्रू क्षेत्र में शनिवार देर रात बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ से कम से कम दो दुकान और दो मकान क्षतिग्रस्त हो गये जबकि दो कार बह गईं। अधिकारियों ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण चेनाब घाटी में सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। एहतियात के तौर पर किश्तवाड़, डोडा और रामबन जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। 

अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार देर रात लगभग ढाई बजे छात्रू में बादल फटा, जिससे अचानक बाढ़ आ गई। उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण दो मकान और दो दुकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गये तथा दो कार बह गईं। उन्होंने बताया कि इससे मुख्य बाजार बड़े पत्थरों, कीचड़ और मलबे से भर गया और किश्तवाड़-छात्रू-सिंथन राष्ट्रीय राजमार्ग आवाजाही के लिए बंद कर दिया। इससे पहले अभी हाल में ही उरी के बिजहिमा इलाके में भी बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई थी और अपने साथ बड़े-बड़े पत्थर और मलबा बहा ले गई।

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