ऑटोमोबाइल कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी धूत ट्रांसमिशन का आईपीओ सोमवार, 10 अगस्त को खुलेगा और बुधवार, 12 अगस्त को बंद हो जाएगा। एंकर इंवेस्टर्स के लिए ये आईपीओ 7 अगस्त को ही खुल जाएगा। धूत ट्रांसमिशन अपने इस आईपीओ से 3,067 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। कंपनी ने अपने इस आईपीओ के तहत, 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर के लिए 829-871 रुपये का प्राइस बैंड फिक्स किया है। कंपनी के कर्मचारियों को प्रत्येक शेयर पर 80 रुपये का डिस्काउंट दिया जाएगा।
17 अगस्त को शेयर बाजार में लिस्ट होगी कंपनी
12 अगस्त को आईपीओ बंद होने के बाद, 13 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा और 14 अगस्त को निवेशकों के डीमैट खाते में शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। जिन आवेदकों को शेयर अलॉट नहीं होंगे, उन्हें 14 अगस्त को ही रिफंड मिल जाएगा। ये एक मेनबोर्ड आईपीओ है, जो घरेलू शेयर बाजार के दोनों प्रमुख एक्सचेंजों बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होगा। धूत ट्रांसमिशन सोमवार, 17 अगस्त को शेयर बाजार में लिस्ट हो जाएगी।
रिटेल इंवेस्टर्स को एक लॉट में मिलेंगे 17 शेयर
रिटेल इंवेस्टर्स को एक लॉट के लिए कम से कम 14,807 रुपये का निवेश करना होगा। इस राशि में उन्हें एक लॉट में 17 शेयर दिए जाएंगे। रिटेल इंवेस्टर्स इस आईपीओ में अधिकतम 1,92,491 रुपये का निवेश कर सकते हैं। इस राशि में उन्हें 13 लॉट में कुल 221 शेयर दिए जाएंगे।
कंपनी के प्रोमोटर 1,667 करोड़ रुपये में बेचेंगे हिस्सेदारी
प्राइस रेंज के ऊपरी स्तर पर कंपनी का इश्यू के बाद मार्केट कैप लगभग 17,816 करोड़ रुपये होगा, जबकि निचले स्तर पर ये लगभग 17,025 करोड़ रुपये रहेगा। धूत ट्रांसमिशन के इस आईपीओ में 1,400 करोड़ रुपये 1,60,80,445 फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे। जबकि, कंपनी के प्रोमोटर्स 1,667 करोड़ रुपये के 1,91,37,602 शेयर ओएफएस के जरिए बेचेंगे।
किन कामों में इस्तेमाल होगा आईपीओ से आया पैसा
कंपनी नए शेयरों से जुटाई जाने वाले पैसों का इस्तेमाल कुछ बकाया कर्जों के पुनर्भुगतान और पूर्व भुगतान करने, सब्सिडरी कंपनियों के कर्ज चुकाने और हरियाणा के झज्जर तथा तमिलनाडु के होसुर में वायरिंग हार्नेस मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट लगाने करने में करेगी। इश्यू से आने वाले पैसों का एक हिस्सा अधिग्रहणों और अन्य रणनीतिक पहलों पर भी खर्च किया जाएगा।
1999 में राहुल धूत ने की थी धूत ट्रांसमिशन की स्थापना
बताते चलें कि साल 1999 में राहुल धूत ने कंपनी की स्थापना की थी। धूत ट्रांसमिशन वायरिंग हार्नेस, इलेक्ट्रॉनिक सेंसर और कंट्रोलर, ऑटोमोटिव स्विच, पावर कॉर्ड, केबल, कनेक्टर और टर्मिनल जैसे ऑटोमोबाइल कंपोनेंट बनाती है।
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