जब हम किसी ऐसे कपल को देखते हैं जिनकी शादी को 15, 20 या 30 साल हो चुके हैं, तो आमतौर पर लगता है कि अब यह रिश्ता कभी नहीं टूटेगा. इतना लंबा सफर तय करने के बाद आखिर ऐसा क्या बदल जाता है कि लोग अलग होने का फैसला कर लेते हैं? लेकिन सच यह है कि लंबे शादीशुदा जीवन के बाद भी रिश्ते टूटते हैं. फैमिली लॉ एक्सपर्ट्स और रिलेशनशिप थेरेपिस्ट्स का मानना है कि लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों के टूटने के पीछे कुछ खास और बहुत ही आम वजहें होती हैं. आइए जानते हैं वे 9 प्रमुख कारण, जो सालों पुरानी शादी में भी अलगाव का कारण बन जाते हैं.
लंबी शादीशुदा जिंदगी इन वजहों से टूट जाती है-
नजदीकी का अभाव
हर तलाक के पीछे कोई बड़ा झगड़ा या विवाद हो, यह जरूरी नहीं है. कई बार सालों साथ रहने के बाद पति-पत्नी के बीच भावनात्मक नजदीकी कम होने लगती है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 20-30 साल की शादी के बाद जब बच्चे बड़े होकर अपने घर चले जाते हैं, तो कपल्स को अचानक महसूस हो सकता है कि अब उनके बीच पहले जैसा जुड़ाव या साथ बिताने की वजह नहीं बची है. इसे अक्सर एम्प्टी नेस्ट सिंड्रोम से जोड़कर देखा जाता है. ऐसे में अगर दोनों अपने रिश्ते पर ध्यान नहीं देते, तो एक-दूसरे से दूरी और बोरियत बढ़ सकती है. धीरे-धीरे यह दूरी अलगाव की वजह बन सकती है.
रिश्ते की अनदेखी
बच्चों की जिम्मेदारी, नौकरी, बीमारी या परिवार से जुड़ी दूसरी परेशानियों के बीच कपल्स कई बार एक-दूसरे के लिए समय निकालना भूल जाते हैं. धीरे-धीरे पार्टनर उनकी प्राथमिकताओं में पीछे छूटने लगता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए हफ्ते में कम से कम एक बार दिल खोलकर बात करना और महीने में एक बार साथ में डेट नाइट प्लान करना जरूरी है.
सच यह है कि लंबे शादीशुदा जीवन के बाद भी रिश्ते टूटते हैं.
बेवफाई या एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर
बेवफाई किसी भी रिश्ते को कमजोर कर सकती है. खासकर शादीशुदा रिश्ते में इसका असर लंबे समय तक रहता है. कई बार कपल्स बच्चों, परिवार या आर्थिक मजबूरियों के चलते शुरुआत में इसे नजरअंदाज कर देते हैं और रिश्ता चलता रहता है. लेकिन समय के साथ भरोसा टूटने लगता है. शक और मनमुटाव बढ़ते जाते हैं, जिससे पति-पत्नी के बीच दूरी बढ़ सकती है. यही वजह है कि बेवफाई लंबे समय में तलाक की बड़ी वजह बन सकती है.
आर्थिक तनाव और पैसों की तंगी (Money Issues)-
पैसा हमेशा से कपल्स के बीच बहस का बड़ा मुद्दा रहा है. जब परिवार में आर्थिक तंगी आती है, या एक पार्टनर की नौकरी चली जाती है, तो resentment (कड़वाहट) बढ़ने लगती है. अक्सर देखा गया है कि नए साल की शुरुआत या त्योहारों के ठीक बाद (जब खर्च ज्यादा होते हैं) तलाक के मामले अचानक बढ़ जाते हैं.
लत या खराब व्यवहार (Addiction or Bad Behaviour)-
शराब, ड्रग्स या जुए (Gambling) की लत किसी भी मजबूत रिश्ते को पल भर में तोड़ सकती है. जब एक पार्टनर अपनी बुरी आदतों के कारण कर्ज में डूब जाता है या परिवार को खतरे में डालता है, तो दूसरे पार्टनर के पास अलग होने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता.
शारीरिक और भावनात्मक दूरी (Lack of Intimacy)-
सालों बाद भी पार्टनर आपस में सेक्स और इंटीमेसी को लेकर खुलकर बात नहीं कर पाते. पुरुषों के लिए जहां इंटीमेसी जुड़ाव महसूस करने का तरीका है, वहीं महिलाओं को इंटीमेट होने के लिए पहले भावनात्मक जुड़ाव की जरूरत होती है. जब इस पर बात नहीं होती, तो दूरी बढ़ती जाती है.
एक-दूसरे की बात न सुनना (Not Hearing Each Other)-
खराब कम्यूनिकेशन किसी भी रिश्ते का सबसे बड़ा दुश्मन है. एक-दूसरे को नीचा दिखाना, आरोप लगाना और सिर्फ अपनी बात सही साबित करने की कोशिश करना रिश्ते को स्थायी नुकसान पहुंचाता है. जैसा कि एक्सपर्ट्स कहते हैं—”आप या तो सही हो सकते हैं, या रिश्ते में रह सकते हैं.”
किसी भी तरह का शोषण (Abuse)-
शादी को चाहे कितने भी साल हो गए हों, शारीरिक, मानसिक या आर्थिक शोषण को कभी भी सही नहीं माना जा सकता. घरेलू हिंसा, हर बात पर मानसिक दबाव बनाना, सच को झुठलाकर खुद को सही साबित करना और पैसों पर पूरी तरह नियंत्रण रखना जैसी चीजें रिश्ते को बेहद तकलीफदेह बना देती हैं. ऐसी परिस्थितियों में कई बार इंसान के पास तलाक लेने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता.









