flight attendant video viral, flight attendant job video : होटल की जॉब से बेहतर क्यों है फ्लाइट अटेंडेंट का प्रोफेशन

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एक एयरलाइन की फ्लाइट अटेंडेंट ईशा ने इंस्टाग्राम पर अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने होटल इंडस्ट्री छोड़कर केबिन क्रू बनने का फैसला क्यों किया। दरअसल, अपने वायरल वीडियो में महिला ने होटल नौकरी की हकीकत बताई और कहा कि कम वेतन, लंबी शिफ्ट और सपनों की पूर्ति ने उन्हें एविएशन की ओर खींचा। इंस्टाग्राम पर साझा की गई एक पोस्ट में उन्होंने लंबे कार्य समय और कम सराहना को अपने होटल की नौकरी छोड़ने के पीछे के कारणों के रूप में बताया।

होटल की नौकरी छोड़ने के कारण बताए 

इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @isha_skydiaries नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में फ्लाइट अटेंडेंट ने अपनी नौकरी छोड़ने के कारणों को छह बिंदुओं में बताया। सबसे पहले, उन्होंने लंबे कामकाजी घंटों को इसका कारण बताया। ईशा ने कहा कि उनकी शिफ्ट अक्सर 12 घंटे या उससे भी अधिक लंबी होती थी। लंबी शिफ्टों के कारण उन्हें किसी और चीज पर ध्यान देने का समय नहीं मिलता था। उन्होंने कहा, ‘लंबे वर्किंग आवर जीवन का एक सामान्य हिस्सा बन गए थे, जिससे मुझे अपने लिए बहुत कम समय मिलता था।’  

कम सैलरी और कोई प्रोत्साहन नहीं 

नौकरी छोड़ने के उनके फैसले का दूसरा कारण उनकी कम सैलरी थी। ईशा के अनुसार, उन्हें मिलने वाला वेतन उनकी मेहनत के अनुरूप नहीं था। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘मेहनत, दबाव और जिम्मेदारियां अक्सर वेतन के मुकाबले कम थीं।’ उसने यह भी गौर किया कि सराहना कितनी दुर्लभ थी। चाहे वह अपनी भूमिका में कितना भी अच्छा प्रदर्शन करे, किसी का ध्यान आकर्षित करना या बस अच्छा काम कहना दुर्लभ था।

वर्क लाइफ बैलेंस

अपने चौथे कारण के रूप में, ईशा ने कहा कि होटल की नौकरी में उनके वर्क और उनकी लाइफ के बीच कोई संतुलन नहीं था। काम में व्यस्त रहने के कारण वह अक्सर महत्वपूर्ण पलों को खो देती थीं। उन्होंने कहा, ‘वीकेंड, फेस्टिवल और पारिवारिक समारोह आमतौर पर काम पर ही बीतते थे।’

‘मुस्कान के पीछे का तनाव नहीं दिखा’

फ्लाइट अटेंडेंट ने बताया कि होटल की नौकरी कितनी तनावपूर्ण थी। ग्राहकों से सीधे बातचीत करने वाली भूमिका होने के कारण, उनसे हमेशा मुस्कुराते रहने की उम्मीद की जाती थी। उन्होंने कहा, ‘मेहमानों को मेरी मुस्कान के पीछे का तनाव कभी नहीं दिखता था, लेकिन हॉस्पिटैलिटी ने मुझे सहनशीलता सिखाई।’ वे बोलीं कि, ‘यह मेरा सपना नहीं था। होटल उद्योग ने मुझे आकार दिया, लेकिन मेरा दिल हमेशा से केबिन क्रू बनने पर अटका हुआ था। उस सपने को पूरा करना मेरे द्वारा लिया गया सबसे अच्छा निर्णय था।’  

यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं 

इस पोस्ट पर कई यूजर्स की प्रतिक्रियाएं आईं। एक यूजर ने लिखा कि, ‘अगर आप क्रू मेंबर बनना चाहते हैं तो आपको वही करना होगा जो आपने होटल में किया था दबाव में भी मुस्कुराना होगा, क्रू मेंबर के तौर पर लंबी शिफ्ट करनी होंगी। अगर आप होटल इंडस्ट्री में काम नहीं कर सकते तो निश्चित रूप से क्रू मेंबर का काम भी नहीं कर पाएंगे। एविएशन इंडस्ट्री और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री 90% एक जैसी हैं।’ ईशा ने टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि, ‘हॉस्पिटैलिटी उद्योग इसलिए नहीं छोड़ा क्योंकि मैं काम का बोझ नहीं संभाल सकती थीं, बल्कि इसलिए छोड़ा क्योंकि वह केबिन क्रू बनने के अपने सपने को पूरा करना चाहती थी।’ 

दूसरे ने लिखा कि, ‘होटल उद्योग में मुझे 2 साल से अधिक का अनुभव है, इसलिए मैं हॉस्पिटैलिटी और एविएशन के बीच समानताएं और अंतर दोनों से भली-भांति परिचित हूं। मैंने काम न संभाल पाने के कारण नौकरी नहीं छोड़ी, बल्कि इसलिए छोड़ी क्योंकि मेरा सपना केबिन क्रू सदस्य बनने का था और विमानन में वेतन और करियर विकास मेरे लक्ष्यों के अनुरूप थे। हर उद्योग के अपने फायदे और नुकसान होते हैं और मैं दोनों का सम्मान करती हूं।’ 

गौरतलब है कि, इससे पहले गुरुग्राम में मकानों की बढ़ती कीमतों से परेशान शख्स की पोस्ट वायरल हुई थी, जिस पर यूजर्स ने रिएक्ट किया था। 

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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