भारतीय रेल ने बिहार में रेल क्षमता को बढ़ाने के लिए पूर्व मध्य रेलवे के 29 किलोमीटर लंबे दानापुर-फतुहा सेक्शन पर 976 करोड़ रुपये की लागत से मल्टीट्रैक बिछाने की मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट से पटना रेल कॉरिडोर के सबसे बिजी सेक्शन में से एक दानापुर-फतुहा सेक्शन पर ट्रेनों का लोड कम होगा, जिससे यात्री और माल ढुलाई से जुड़ी रेल सेवाओं में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
दानापुर और पटना के बीच बिछाई जाएगी तीसरी और चौथी लाइन
रेल मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट में 3 घटक शामिल हैं। दानापुर और पटना के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाई जाएगी। राजेंद्र नगर और पटना साहिब के बीच तीसरी लाइन बिछाई जाएगी। पटना साहिब और फतुहा के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाई जाएगी। इन एक्स्ट्रा लाइनों से पटना क्षेत्र में ट्रेनों की लेट-लतीफी कम होगी और समय की पाबंदी में सुधार होगा।
आम लोगों को क्या होगा फायदा
बताते चलें कि देश के सबसे अहम रेल कॉरिडोर में शामिल दिल्ली-हावड़ा कॉरिडोर बिहार के कई जिलों से होकर गुजरता है। ये एक बेहद बिजी रेल कॉरिडोर है, लिहाजा इस कॉरिडोर पर ट्रेनों की आवाजाही लगातार चलती रहती है। ऐसे में कई जगहों पर लाइन की कमी के कारण ट्रेनों को सिग्नल के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। एक्स्ट्रा लाइन बिछाने से न तो ट्रेनों का सिग्नल का इंतजार करना पड़ेगा और न ही ट्रेनें अपने गंतव्य तक पहुंचने में लेट होंगी। इसका सीधा फायदा यात्रियों को मिलेगा और वे भी समय पर अपने गंतव्य पहुंच पाएंगे।
पहले साल में 22 पैसेंजर ट्रेनें और 18 मालगाड़ियां चल सकेंगी
प्रोजेक्ट के पहले साल में रोजाना 22 एक्स्ट्रा पैसेंजर ट्रेनें और 18 एक्स्ट्रा मालगाड़ियां चल सकेंगी। इससे हर साल 52 लाख टन एक्स्ट्रा माल ढुलाई की क्षमता भी बढ़ेगी।
रेलवे के ऊर्जा, खनिज और सीमेंट कॉरिडोर के अंतर्गत आता है रूट
ये प्रोजेक्ट दिल्ली, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, पटना, किउल, भागलपुर, खन्ना और हावड़ा रूट पर चौगुनी रेल सुविधा शुरू करने की पहल का हिस्सा है। ये रूट भारतीय रेलवे के ऊर्जा, खनिज और सीमेंट कॉरिडोर के अंतर्गत आता है। मजबूत किया गया ये सेक्शन बक्सर जिले के चौसा में बनने वाले 2120 मेगावाट के थर्मल पावर प्लांट के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है, जो भारी मात्रा में कच्चे माल की रेल ढुलाई पर निर्भर करेगा।
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