महाराष्ट्र के लातूर जिले के औसा पंचायत समिति कार्यालय में उमेद अभियान के तहत बचत गटों को मिलने वाले फंड और लोन अप्रूवल को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। लोन मंजूरी की प्रक्रिया में कथित तौर पर पैसे मांगे जाने के आरोपों के बाद महिला ने कार्यालय पहुंचकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
लोन अप्रूवल के लिए महिला से मांगे पैसे
उमेद अभियान में CRP के तौर पर काम करने वाली अनीता संजय कवठाडे ने आरोप लगाया कि लोन अप्रूवल के लिए उनसे भी पैसे मांगे गए। उन्होंने कहा कि ‘गरीब हूं, रिश्वत नहीं दे सकती।’ पैसे नहीं देने के कारण उनका लोन मंजूर नहीं किया गया, जबकि वह इसके लिए पात्र हैं।
पात्र महिलाओं ने बार-बार कार्यालय के काटे चक्कर
अनीता कवठाडे का आरोप है कि बचत गटों की कुछ महिलाओं से पैसे लेकर लोन मंजूर किए जा रहे हैं। वहीं, कुछ मामलों में दस्तावेज पूरे नहीं होने के बावजूद लोन अप्रूवल किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। जबकि पात्र महिलाओं को लोन के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
कार्यालय में हुआ जमकर हंगामा
इसी मुद्दे को लेकर अनीता कवठाडे औसा पंचायत समिति कार्यालय पहुंचीं और अधिकारियों से जवाब मांगा। इस दौरान उन्होंने कथित अनियमितताओं को लेकर कड़ा विरोध जताया, जिसके बाद कार्यालय में हड़कंप मच गया।
जांच और अधिकारियों के जवाब का इंतजार
हालांकि, लोन मंजूरी के बदले पैसे मांगे जाने और अन्य अनियमितताओं के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या बचत गटों के लोन अप्रूवल में वास्तव में पैसों का खेल चल रहा है? महिलाओं के हक से जुड़े फंड और लोन वितरण की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है, इस पर जांच और अधिकारियों के जवाब का इंतजार है। अभी तक पंचायत समिति के कार्यालय के अधिकारियों का कोई बयान सामने नहीं आया है।
खड़े हो रहे सवाल
वहीं, इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों पंचायत समिति कार्यालय के अधिकारियों के खिलाफ गुस्से का माहौल है। लोगों का साफ कहना है कि जब जरूतमंद लोगों को लोन के नाम पर पैसे ऐठे जा रहे हैं। बाकी लोगों के साथ भी ऐसा ही किया जा रहा होगा।
आसिफ पटेल की रिपोर्ट
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