भिंड में वकालत के स्टूडेंट्स का कारनामा, किराये पर ली कार को बेचा, फिर उसी को चुराकर लौटाया वापस, तीन गिरफ्तार

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


मध्यप्रदेश के भिंड के बरोही थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में चार पहिया वाहन चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी गई वैगनआर कार, फर्जी रजिस्ट्रेशन कार्ड और 30 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने वाहन चोरी का बेहद शातिर तरीका अपनाने का खुलासा किया है। पुलिस गिरोह के फरार दो अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।

बेटी की बीमारी का हवाला देकर बेची किराये पर ली कार

पुलिस के अनुसार, 21 जुलाई 2026 को फरियादी पवन भदौरिया ने थाना बरोही में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने एक व्यक्ति से उसकी वैगनआर कार चार लाख रुपये में खरीदने का सौदा किया था। आरोपी ने अपनी बेटी की बीमारी का हवाला देकर तत्काल रुपये की आवश्यकता बताई थी। फरियादी ने 1.68 लाख रुपये देकर एक हजार रुपये के ई-स्टाम्प पर नोटरी कराई थी, जबकि शेष 2.32 लाख रुपये बाद में देकर कार ट्रांसफर कराने की बात तय हुई थी। आरोपी ने कार का रजिस्ट्रेशन कार्ड और आधार कार्ड की फोटोकॉपी भी दी थी।

घर के बाहर से गायब हुई कार

26 जुलाई की रात फरियादी ने कार अपने घर के बाहर खड़ी की थी, लेकिन अगली सुबह कार गायब मिली। शिकायत पर बरोही थाना में चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जिसमें पुलिस को जानकारी मिली कि कुछ युवक किराये पर कार लेकर फर्जी रजिस्ट्रेशन और स्टाम्प दस्तावेज तैयार कर वाहन बेच देते हैं। कुछ दिनों में GPS की मदद से उसी वाहन को दोबारा चोरी कर लेते हैं। और जिससे किराये पर ली थी उसे किराया सहित कार लौटा देते थे।

तीन आरोपी गिरफ्तार

सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्वालियर जिले के गदईपुरा के रहने वाले दो आरोपियों मयंक राठौर और प्रशांत राठौर एवं भिण्ड जिले के गोहद के रहने वाले धर्मेंद्र रावत को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी गई वैगनआर कार, फर्जी रजिस्ट्रेशन कार्ड और 30 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार किए गए ग्वालियर के रहने वाले आरोपियों में एक वकालत की पढ़ाई कर रहा है जबकि दूसरा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है।

फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेची कारें

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे किराये पर वाहन लेकर उसके दस्तावेजों में फर्जी तरीके से नाम-पता बदल देते थे और रुपयों की अर्जेंट जरूरत बताकर वाहन को दूसरे व्यक्ति को बेच देते थे। वहीं आरोपी वहां को बेचने से पहले उसमें जीपीएस डिवाईस लगा देते थे, ताकि उसकी लोकेशन उनको मिलती रहे। कुछ दिन बाद उसकी लोकेशन ट्रैक कर वाहन को चोरी कर लेते थे और फिर जिससे किराये पर लिया उसको वापस कर देते थे। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने बीटीआई रोड भिण्ड से भी एक कार चोरी की थी। इस संबंध में पुलिस उनसे विस्तृत पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के दो सदस्य अभी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है। उनसे पूछताछ के बाद अन्य वाहन चोरी की वारदातों का भी खुलासा होने की संभावना है।

(भिंड से परानिधेश भारद्वाज की रिपोर्ट)

ये भी पढ़ें- चोरी के शक में भीड़ बनी जज, हाथ-पैर बांधकर दी तालिबानी सजा, वीडियो वायरल हुआ तो जांच में जुटी पुलिस





Source link

Leave a Comment

और पढ़ें