राजस्थान में कुचामन सिटी के सरकारी अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद पांच मरीजों की आंखों में गंभीर संक्रमण फैल गया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। आंखों में तेज संक्रमण और सफेदपन आने के बाद सभी मरीजों को बुधवार देर शाम जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया, जहां चरक भवन में उन्हें तत्काल भर्ती कर विशेषज्ञ उपचार शुरू किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए देर शाम एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी, कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. राकेश जैन, ड्यूटी इंचार्ज डॉ. मनोज शर्मा तथा डॉ. गिरधर गोयल मौके पर पहुंचे और उपचार व्यवस्था का जायजा लिया।
तीन महिला और दो पुरुष भर्ती
चरक भवन में नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र सिंह, पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज शर्मा तथा वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. मनीष शर्मा ने मरीजों की जांच कर उपचार शुरू कराया। डॉ. नरेंद्र सिंह ने बताया कि सभी मरीज देर शाम करीब 8 बजे एसएमएस पहुंचे। प्रारंभिक उपचार के साथ स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल के अनुसार तत्काल इलाज शुरू कर दिया गया है। तीन महिला और दो पुरुष मरीज भर्ती किए गए हैं। मरीजों की स्थिति गंभीर है, लेकिन सभी का मानक उपचार शुरू कर दिया गया है। पांचों को अलग वार्ड में भर्ती किया गया है और वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। पूरी कोशिश रहेगी कि मरीजों की आंखों के साथ उनकी रोशनी भी बचाई जा सके।
ये हैं पांच मरीज
घासीराम (65 वर्ष)
हीराराम (73 वर्ष)
गोकुल (70 वर्ष)
मीरा देवी (68 वर्ष)
नारायणी (67 वर्ष)
मंगलवार को हुआ था ऑपरेशन
इन सभी का मंगलवार को कुचामन सिटी के सरकारी अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद आंखों में संक्रमण फैलने और स्थिति बिगड़ने पर उन्हें तत्काल जयपुर रेफर किया गया। इस घटना के बाद कई अहम सवाल उठ रहे हैं। ऑपरेशन के दौरान संक्रमण नियंत्रण में लापरवाही और उपकरणों की स्टरलाइजेशन प्रक्रिया में चूक को लेकर जांच चल रही है। क ही दिन हुए ऑपरेशन के बाद सामूहिक संक्रमण ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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