क्या सिंगल होने के बाद अध्यात्म की राह पर हैं तमन्ना? ध्यान मुद्रा से की ‘स्पिरिचुअल डिटॉक्स’!, सीखें ‘आर्ट ऑफ हीलिंग’

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Tamannaah Bhatia home puja : क्या सिंगल होने के बाद अध्यात्म से खुद को हील कर रही हैं तमन्ना भाटिया? घर पर कराई ईशा योग केंद्र की खास पूजा, सिल्क साड़ी में ध्यान लगाते हुए तस्वीरें वायरल.

Celebrity spiritual lifestyle : ग्लैमर, चकाचौंध और लगातार कैमरों की सुर्खियों में रहने वालीं एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया इन दिनों एक बिल्कुल अलग वजह से चर्चा में हैं. सोशल मीडिया पर उनके ब्रेकअप और पर्सनल लाइफ को लेकर कई तरह की अफवाहें उड़ रही हैं, लेकिन इन सबके बीच तमन्ना ने खुद को एक बेहद शांत और आध्यात्मिक स्पेस में ढूंढ लिया है. हाल ही में उन्होंने अपने मुंबई वाले घर पर ईशा योग केंद्र की साध्वियों को बुलाकर ‘लिंग भैरवी देवी पुण्य पूजा’ करवाई. इस पूजा के बाद तमन्ना का जो अनुभव सामने आया है, वह आज के दौर में हर उस इंसान के लिए एक सीख है जो मानसिक शांति और खुद को अंदर से हील करने की तलाश में है.

तमन्ना ने पारंपरिक और बेहद खूबसूरत गुलाबी सिल्क साड़ी पहनकर इस पूजा में भाग लिया. उनका यह लुक जितना दैवीय था, उनकी ध्यान मुद्रा उतनी ही गहरी थी. पूजा खत्म होने के बाद जब सब लोग जा चुके थे और मंत्रों की आवाजें भी शांत हो चुकी थीं, तब भी तमन्ना वहीं मां लिंग भैरवी की प्रतिमा के पास ध्यान में लीन बैठी रहीं. उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर लिखा, “सब चले गए थे. मंत्र थम चुके थे. पूजा पूरी हो चुकी थी. फिर भी मैंने खुद को देवी के पास बैठे हुए पाया, मैं नहीं चाहती थी कि वह दिन खत्म हो.”

तमन्ना ने पारंपरिक और बेहद खूबसूरत गुलाबी सिल्क साड़ी पहनकर इस पूजा में भाग लिया. उनका यह लुक जितना दैवीय था, उनकी ध्यान मुद्रा उतनी ही गहरी थी. पूजा खत्म होने के बाद जब सब लोग जा चुके थे और मंत्रों की आवाजें भी शांत हो चुकी थीं, तब भी तमन्ना वहीं मां लिंग भैरवी की प्रतिमा के पास ध्यान में लीन बैठी रहीं. उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर लिखा, “सब चले गए थे. मंत्र थम चुके थे. पूजा पूरी हो चुकी थी. फिर भी मैंने खुद को देवी के पास बैठे हुए पाया, मैं नहीं चाहती थी कि वह दिन खत्म हो.”

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एक्ट्रेस का यह अनुभव दिखाता है कि जब आप किसी गहरे आध्यात्मिक प्रोसेस से गुजरते हैं, तो वह केवल कुछ मिनटों का अनुष्ठान नहीं रह जाता. तमन्ना ने महसूस किया कि पूजा खत्म होने के बाद भी उस जगह पर एक अद्भुत ऊर्जा और जीवंतता बची हुई थी, जो हवा में तैर रही थी और वहां से जाने का नाम नहीं ले रही थी. ब्रेकअप या पर्सनल लाइफ के तनाव से गुजर रही किसी भी महिला के लिए यह ‘स्पिरिचुअल डिटॉक्स’ का सबसे बेहतरीन उदाहरण है, जहां आप बाहरी शोर को बंद करके अपने भीतर की शांति से जुड़ते हैं.

इस खास दिन को तमन्ना ने अपने परिवार और करीबी दोस्तों के साथ शेयर किया. उनका मानना है कि जब घर में कोई आध्यात्मिक प्रक्रिया शुरू होती है, तो वह सिर्फ आयोजन करने वाले को नहीं, बल्कि उस घर में कदम रखने वाले हर इंसान को छूती है. यह हमें जिंदगी की भागदौड़ में थोड़ी देर रुकने, अपनों से जुड़ने और जीवन को थोड़ा और गहराई से अनुभव करने का मौका देती है. आज की मॉडर्न लाइफस्टाइल में जहां लोग तनाव में अकेले हो जाते हैं, तमन्ना का यह नजरिया अपनों के साथ मिलकर हील होने की कला सिखाता है.

तमन्ना ने ईशा योग केंद्र की उन साध्वियों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया, जिन्होंने पूरे ग्रेस और भक्ति भाव के साथ इस अनुष्ठान को संपन्न कराया. एक्ट्रेस ने कहा कि जो लोग इतनी खुशी और समर्पण के साथ सेवा करते हैं, उनके भीतर एक अलग ही गर्मजोशी होती है जो पूरे माहौल को बदल देती है. यही वजह है कि जब देवी घर आती हैं, तो वह सिर्फ एक कमरे में प्रवेश नहीं करतीं, बल्कि अपने आसपास के पूरे वातावरण को पूरी तरह से सकारात्मकता से भर देती हैं.

दिलचस्प बात यह रही कि इस आध्यात्मिक अनुभव के साथ एक कुदरती चमत्कार भी जुड़ा था. पिछले कई दिनों से मुंबई में असहनीय गर्मी पड़ रही थी और तमन्ना के मन में यह चिंता थी कि इस उमस और गर्मी में मेहमान और परिवार के लोग इतनी लंबी पूजा में कैसे बैठेंगे. सब कुछ आरामदायक कैसे रहेगा, यही सवाल उनके दिमाग में घूम रहा था. लेकिन जैसे ही पूजा वाले दिन की सुबह हुई, कुछ ऐसा हुआ जिसने तमन्ना को हैरान कर दिया.

सुबह तड़के जब तमन्ना की आंख खुली और उन्होंने खिड़की के बाहर देखा, तो नजारा बिल्कुल बदल चुका था. तेज हवाएं चल रही थीं, पेड़ झूम रहे थे और फूल बारिश की बूंदों से भीगे हुए थे. मुंबई पर कई दिनों से छाई हुई उमस और गर्मी एक झटके में गायब हो चुकी थी. उस ठंडी और अप्रत्याशित सुबह को खिड़की से निहारते हुए तमन्ना को लगा कि पूजा का पहला दीया जलने से बहुत पहले ही कुछ बहुत ही सुंदर और दिव्य शुरू हो चुका था.

पूजा तो खैर उसके कई घंटों बाद शुरू हुई, लेकिन तमन्ना के लिए वह अहसास पहले ही आ चुका था. उन्होंने बेहद खूबसूरती से अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसा लग रहा था मानो देवी पूजा से पहले ही, बारिश की बूंदों के साथ उनके घर में प्रवेश कर चुकी थीं. प्रकृति का यह साथ मिलना उनके इस स्पिरिचुअल डिटॉक्स को और भी जादुई बना गया, जिसने उनके मन के साथ-साथ उनके परिवेश को भी शांत कर दिया.

तमन्ना भाटिया की यह कहानी आज की जनरेशन को ‘आर्ट ऑफ हीलिंग’ (खुद को संभालने की कला) सिखाती है. जब लाइफ में उतार-चढ़ाव आएं या आप सिंगल होने के बाद अकेलेपन से जूझ रहे हों, तो सोशल मीडिया के दिखावे या नकारात्मकता में डूबने के बजाय अपनी जड़ों, परंपराओं और अध्यात्म की तरफ मुड़ना आपको एक नई ताकत देता है. तमन्ना ने साबित कर दिया है कि खुद को हील करने का सबसे खूबसूरत तरीका अपने भीतर उतरना और ईश्वर की शरण में शांति खोजना है.(All Image Credit: Instagram-tamannaahspeaks)

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