पार्टनर से प्यार तो है, लेकिन बातचीत कम हो गई? रिश्ते में फिर से स्पार्क लाने के लिए आजमाएं ये 5 तरीके

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Healthy Relationship Advice: कभी-कभी रिश्ते में प्यार कम नहीं होता, बस बातचीत धीरे-धीरे कम हो जाती है. पहले दिनभर की छोटी-बड़ी बातें एक-दूसरे से शेयर करने वाले कपल कुछ समय बाद सिर्फ जरूरी बातों तक सीमित रह जाते हैं. काम का तनाव, मोबाइल, परिवार की जिम्मेदारियां और रोज की भागदौड़ इस दूरी को बढ़ा सकती है. सबसे खास बात यह है कि ऐसी स्थिति हमेशा रिश्ते में किसी बड़ी परेशानी का संकेत नहीं होती. कई बार दोनों लोग साथ रहते हुए भी एक-दूसरे के लिए समय निकालना भूल जाते हैं, अगर आपको भी लगता है कि पार्टनर के साथ पहले जैसी बातें नहीं होतीं, तो घबराने की जरूरत नहीं है.

रिश्ते को दोबारा सहज और खूबसूरत बनाने के लिए हमेशा किसी बड़े बदलाव की जरूरत नहीं पड़ती. छोटी-छोटी कोशिशें भी काफी असर डाल सकती हैं. साथ बैठकर चाय पीना, दिन के बारे में पूछना या बिना मोबाइल के कुछ मिनट साथ बिताना बातचीत की शुरुआत बन सकता है. आइए जानते हैं ऐसे ही पांच आसान तरीके, जिनसे रिश्ते में दोबारा अपनापन और स्पार्क लौटाया जा सकता है.

1. रोज कुछ समय सिर्फ एक-दूसरे के लिए रखें

आजकल कपल एक ही घर में होते हुए भी अपने-अपने मोबाइल और काम में व्यस्त रहते हैं. ऐसे में बातचीत के लिए अलग से समय निकालना जरूरी हो जाता है. इसके लिए घंटों बैठना जरूरी नहीं है. रोज 15 से 20 मिनट भी काफी हैं. इस दौरान कोशिश करें कि टीवी और फोन को थोड़ी देर किनारे रख दें. पार्टनर से पूछें कि उसका दिन कैसा रहा, आज क्या अच्छा लगा या किस बात ने परेशान किया. शुरुआत में बातचीत छोटी हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे सहजता वापस आने लगती है.

2. हर बात को शिकायत में न बदलें

बातचीत का तरीका बदलना भी जरूरी है कई रिश्तों में समस्या यह नहीं होती कि कपल बात नहीं करते, बल्कि यह होती है कि बातचीत शुरू होते ही शिकायतें सामने आने लगती हैं. उदाहरण के लिए, “तुम मेरे लिए समय ही नहीं निकालते” कहने के बजाय “मुझे तुम्हारे साथ थोड़ा समय बिताना अच्छा लगता है” कहना ज्यादा सहज हो सकता है. इस तरह सामने वाला खुद को कटघरे में खड़ा महसूस नहीं करता. अपनी जरूरत और भावनाओं को सीधे लेकिन शांत तरीके से बताना रिश्ते में गलतफहमियां कम कर सकता है.

3. पुरानी अच्छी यादों को फिर से जिएं

कभी-कभी रिश्ते में नई चमक लाने के लिए नई चीज करने की जरूरत नहीं होती. पुरानी यादें ही काफी होती हैं. जिस जगह पहली बार साथ गए थे, वहां दोबारा जाना, पुरानी तस्वीरें देखना या पहली मुलाकात से जुड़ी कोई मजेदार बात याद करना बातचीत को हल्का और खुशनुमा बना सकता है. मसलन, अगर दोनों को शाम की चाय साथ पीना पसंद था और अब यह आदत छूट गई है, तो इसे दोबारा शुरू किया जा सकता है. ऐसी छोटी रस्में रिश्ते में अपनापन बनाए रखने में मदद करती हैं.

4. साथ में कुछ नया करने की कोशिश करें

एक जैसी दिनचर्या से बाहर निकलें हर दिन काम, घर और जिम्मेदारियों के बीच रिश्ते की बातचीत भी एक जैसी हो सकती है. ऐसे में साथ मिलकर कुछ नया करना फायदेमंद हो सकता है. कोई नई डिश बनाना, शाम को टहलने जाना, फिल्म देखना या वीकेंड पर आसपास की जगह घूमना अच्छा विकल्प हो सकता है. जब दोनों लोग किसी काम को साथ करते हैं, तो बातचीत अपने आप शुरू होने लगती है. जरूरी नहीं कि इसके लिए महंगी डेट या लंबी यात्रा की जाए. घर की बालकनी में साथ बैठकर चाय पीना भी उतना ही असरदार हो सकता है.

5. पार्टनर को सुनने की आदत डालें

रिश्ते में बातचीत सिर्फ अपनी बात कहने का नाम नहीं है. सामने वाले की बात ध्यान से सुनना भी उतना ही जरूरी है. कई बार पार्टनर किसी परेशानी को बताता है और हम तुरंत समाधान देने लगते हैं. जबकि उस समय उसे सिर्फ सुने जाने की जरूरत हो सकती है. जब पार्टनर बात कर रहा हो तो बीच में मोबाइल देखना, बार-बार रोकना या उसकी बात को छोटा समझना बातचीत का उत्साह कम कर सकता है. उसकी बात पूरी सुनें और जरूरत हो तो प्यार से प्रतिक्रिया दें. इससे भावनात्मक जुड़ाव मजबूत हो सकता है.

रिश्ते में स्पार्क के लिए बड़े बदलाव नहीं, छोटी कोशिशें जरूरी

रिश्ता लंबे समय तक खूबसूरत तभी रहता है जब दोनों लोग उसमें समय और ध्यान देते रहें. बातचीत कम होना अपने आप में रिश्ते का अंत नहीं है. कई बार यह सिर्फ एक संकेत होता है कि दोनों को अपनी व्यस्त दिनचर्या के बीच एक-दूसरे के लिए थोड़ा और समय निकालने की जरूरत है.

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