हरियाणा के गुरुग्राम जिले के मानेसर नगर निगम की सदन बैठक हंगामे, धक्का-मुक्की और मारपीट की भेंट चढ़ गई। नगर निगम के इतिहास में शायद पहली बार ऐसा नजारा देखने को मिला है, जब सत्ताधारी भाजपा की ही मेयर और भाजपा के सीनियर डिप्टी मेयर आमने-सामने आ गए हैं। विवाद इतना बढ़ गया कि मामला अब आईएमटी सेक्टर-7 मानेसर थाने तक पहुंच गया है। सीनियर डिप्टी मेयर ने मेयर और उनके समर्थकों पर संगीन आरोप लगाते हुए पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, मानेसर नगर निगम की सदन की अहम बैठक बुलाई गई थी, जिसमें क्षेत्र के विकास कार्यों पर चर्चा होनी थी। लेकिन बैठक शुरू होते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। सीनियर डिप्टी मेयर का आरोप है कि बैठक के दौरान जानबूझकर बाहरी व्यक्तियों को अंदर बुलाया गया, जिन्होंने पार्षदों को डराना-धमकाना शुरू कर दिया। बात यहीं खत्म नहीं हुई, हंगामा इतना बढ़ा कि वहां मारपीट की स्थिति बन गई।
महिला पार्षदों के साथ धक्का-मुक्की, गाली-गलौज
आरोप है कि सदन में मौजूद महिला पार्षदों के साथ खुलेआम धक्का-मुक्की की गई, उनके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और गाली-गलौज की गई। सदन के भीतर शुरू हुआ यह विवाद बैठक खत्म होने के बाद और गहरा गया। सीनियर डिप्टी मेयर का दावा है कि जब वे और उनके साथी पार्षद बैठक के बाद बाहर निकल रहे थे, तब उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
देखें वीडियो-
इस पूरे घटनाक्रम के बाद का एक CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें बैठक के बाद मची अफरा-तफरी और हंगामे की तस्वीरें कैद हुई हैं। घटना से आक्रोशित सीनियर डिप्टी मेयर अपने समर्थक पार्षदों के साथ सीधे आईएमटी सेक्टर-7 मानेसर थाने पहुंचे और पुलिस प्रशासन को अपनी शिकायत सौंपी।
सीनियर डिप्टी मेयर ने क्या कहा?
सीनियर डिप्टी मेयर ने पुलिस को दी शिकायत में सभी आरोपियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम जैसी संवैधानिक जगह पर बाहरी तत्वों का आना और पार्षदों से अभद्रता करना बेहद गंभीर मामला है।
राजनीतिक गलियारों में घटना की चर्चा
एक ही पार्टी के दो शीर्ष प्रतिनिधियों के बीच की यह आपसी जंग अब गुरुग्राम और मानेसर के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। फिलहाल पुलिस ने शिकायत ले ली है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अब देखना यह होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलकर आता है और पार्टी संगठन इस अंदरूनी गुटबाजी पर क्या संज्ञान लेता है।
(रिपोर्ट- गोहित कौशिक)
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