पश्चिम बंगाल की शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने मीटिंग में अफसरों की जमकर क्लास लगाई। कोलकाता में जो इलीगल बिल्डिंग्स बनी हैं, उनकी पूरी लिस्ट वीडियो के साथ अफसरों को दिखाईं और पूछा कि कोलकाता में इतनी बड़ी-बड़ी इलीगल बिल्डिंग्स कैसे बन गईं। आप लोग क्या कर रहे हैं। दरअसल, पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के तुरंत बाद 13 मई को कोलकाता की एक बिल्डिंग में आग लगी थी। इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई थी। फिर, जांच में पता लगा कि तोलाबाजी टैक्स देकर बिना नक्शा पास कराए पांच मंजिल की बिल्डिंग खड़ी कर दी गई थी।
जांच में अवैध मिलीं 27 इमारतें
इसके बाद ही शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने कोलकाता की सारी बिल्डिंग का ऑडिट कराया। इस दौरान, साउथ दमदम, हावड़ा और बारानगर इलाके में 27 बिल्डिंग्स इलीगल पाई गईं। तीन मंजिल का नक्शा पास करवा कर 6 फ्लोर बना दिए गए। इन बिल्डिंग्स में बने फ्लैट भी बिक गए लेकिन न फायर सेफ्टी के इंतजाम थे और न इमरजेंसी एक्जिट प्लान।
अग्निमित्रा पॉल ने बनवाए अवैध इमारतों के वीडियो
वहीं, साउथ दमदम म्युनिसिपैलिटी इलाके में 13 मंजिल की एक बिल्डिंग बन रही थी, ये पूरी की पूरी गैरकानूनी है। अग्निमित्रा पॉल ने सभी बिल्डिंग्स के वीडियो बनवाए। इसके बाद जिम्मेदार अफसरों की मीटिंग बुलाई। एक-एक अफसर को उसके इलाके में खड़ी गैरकानूनी बिल्डिंग का वीडियो दिखाया और पूछा कि इतनी बड़ी बिल्डिंग कैसे बन गई। जब बिल्डिंग बन रही थी तब आप कहां सो रहे थे।
मंत्री अग्निमित्रा ने अफसरों से मांगी जवाबदेही
अग्निमित्रा पॉल ने अफसरों से कहा कि शहर में इलीगल कन्स्ट्रक्शन के असली जिम्मेदार आप ही लोग हैं। बंगाल सरकार लोगों की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं करेगी। इलीगल बिल्डिंग्स बनाने वाले बिल्डर्स और लापरवाह अफसरों के खिलाफ सख्त एक्शन होगा। बता दें कि पिछले साल अप्रैल महीने में भी कोलकाता के एक होटल में आग लग गई थी। इस घटना में 14 लोगों की मौत हो गई थी।
अफसरों की जिम्मेदारी तय करने की दिशा में कदम
गौरतलब है कि आमतौर पर जब भी किसी बिल्डिंग में कोई हादसा होता है तो अफसर तुरंत कह देते हैं कि बिल्डिंग का नक्शा पास नहीं था। जितने फ्लोर बनाने की इजाजत थी, उससे ज्यादा फ्लोर बने थे। बिल्डिंग में फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं थे। ऐसे तमाम कारण बताकर बिल्डिंग के मालिक को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहरा दिया जाता है लेकिन कभी कोई ये नहीं पूछता कि इलीगल कन्स्ट्रक्शन रोकना जिन अफसरों की जिम्मेदारी है, वो क्या रहे थे। इसी कड़ी में बंगाल सरकार ने ये काम शुरू किया है। अफसरों की जिम्मेदारी तय की है।
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