प्रसिद्ध ढाबों में अब पारंपरिक पराठों और चाय के साथ हाई-टेक सर्विस भी उपलब्ध हो गई है। रोबोट वेटर की शुरुआत के बाद ग्राहक हैरान और उत्साहित नजर आ रहे हैं। रोबोट को खाना परोसते देख लोग मोबाइल निकालकर वीडियो और सेल्फी ले रहे हैं। बच्चे तो खासकर इससे नजरें नहीं हटा पा रहे। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर स्थित मुरथल का बताया जा रहा है। हालांकि, इंडिया टीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है।
एक्स पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को एक्स पर @Indianinfoguide नामक हैंडल से शेयर किया गया है। इसमें आप देख सकते हैं कि, ढाबे में ऑर्डर तैयार होने के बाद स्टाफ फूड ट्रे को रोबोट पर रख देता है। इसके बाद रोबोट नेविगेशन सिस्टम की मदद से तय रास्ते पर चलते हुए खुद ग्राहक की टेबल तक पहुंच जाता है। इसे सॉफ्टवेयर चिप और रिमोट कंट्रोल से ऑपरेट किया जाता है। जरूरत पड़ने पर समर्पित टीम रिमोट से इसे नियंत्रित भी कर सकती है। रोबोट का बाहरी ढांचा फाइबर का बना है और आंखों में चमकती लाल एलईडी लाइटें लगी हैं, जो इसे आकर्षक और फ्यूचरिस्टिक लुक देती हैं। एक बार चार्ज करने पर यह करीब डेढ़ से दो घंटे तक सेवा दे सकता है। ग्राहकों से रोबोट सर्विस के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता।
…तो इसलिए डिजाइन किया गया रोबोट
रिपोर्ट्स में बताया गया है कि, यह रोबोट बेंगलुरु की एक टीम ने विकसित किया है। इसका मकसद मुरथल आने वाले लोगों को सिर्फ स्वादिष्ट खाना ही नहीं, बल्कि नई तकनीक का अनुभव भी देना था। बताया कि, क्षेत्र में 50 से ज्यादा ढाबे हैं, इसलिए कुछ अलग और मनोरंजक करना जरूरी था। गौरतलब है कि, ढाबे में टॉय ट्रेन सिस्टम होने का भी दावा किया जाता है जो ट्रैक पर चलकर खाना टेबल तक पहुंचाती है। साथ ही किंग साइज पराठे का शाही स्वागत घंटी बजाकर किया जाता है।
किचन का काम संभालते हैं इंसान
मुरथल लंबे समय से दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे पर पराठों के लिए मशहूर है। कथित दावे के आधार पर अब यहां टेक्नोलॉजी का स्पर्श मिलने से युवा और परिवारों का आकर्षण बढ़ गया है। हालांकि किचन और ऑर्डर मैनेजमेंट अभी भी इंसान संभालते हैं। रोबोट मुख्य रूप से सर्विस में मदद करता है। यह प्रयोग दिखाता है कि पारंपरिक ढाबा संस्कृति भी आधुनिक तकनीक के साथ कदम मिला सकती है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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