क्या पपीते के पत्ते का जूस डेंगू में प्लेटलेट्स बढ़ाता है, डॉक्टर से जानें फायदे, 1 दिन में कितनी मात्रा में पीएं

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अगर आपको भी कब्ज की समस्या है, वजन बढ़ा हुआ रहता है या स्किन की कोई समस्या है, तो पपीता आपकी सेहत को फिर से तंदुरुस्त कर सकता है। आम तौर पर पीले फल सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। इन फलों में विटामिन C, विटामिन A (बीटा-कैरोटीन), पोटैशियम और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शरीर को कई तरह की बीमारियों से बचाते हैं। सिर्फ पपीता ही नहीं पपीते के पत्तों का रस भी फायदेमंद होता है। आइये जानते हैं पपीते के पत्ते के रस के फायदे क्या हैं, इसे खाने का सही तरीका क्या है। साथ ही आयुर्वेदिक डॉक्टर से जानेंगे पपीते के पत्तों का आयुर्वेद में क्या महत्व है।

आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा ने बताया कि आयुर्वेद का प्राचीन श्लोक कहता है- 

रोगाः सर्वेऽपि मन्देऽग्नौ सुतरामुदराणि च।

अजीर्णात् मलिनैश्चान्नैर्जायन्ते मलसंचयात्॥ 
(अष्टांगहृदयम्, निदानस्थान 12.1)

इसका मतलब है कि शरीर में सभी प्रकार के रोग मंद अग्नि से उत्पन्न होते हैं, मंद अग्नि मतलब होता है आपकी कमजोर पाचन शक्ति। जिन्हें अपच की समस्या रहती है, जिससे लिवर और पैंक्रियास भी कमजोर हो सकते हैं। अगर आपका पेट ठीक से साफ नहीं होगा, तो यही आपकी बीमारियों की नींव बन जाएगा। इसलिए अपनी पाचन क्रिया को सुधारना बेहद जरूरी है।

पपीते के पत्तों में पाए जाने वाले गुण

  • मजबूत पाचन तंत्र
  • डेंगू में लाभदायक
  • फाइबर और एन्ज़ाइम्स से भरपूर
  • प्लेटलेट्स बढ़ाता है और इम्यूनिटी मजबूत करता है
  • विटामिन C और एंटीऑक्सिडेंट्स का खजाना
  • ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करता है
  • एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन कम करता है

डेंगू में पपीते के पत्ते का जूस 

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिपोर्ट में कहा गया है कि पपीता में एल्कलॉइड, ग्लाइकोसाइड, टैनिन, सैपोनिन और फ्लेवोनोइड जैसे एक्टिव कंपाउंड होते हैं जो डेंगू से पीड़ित मरीज के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। कई मेडिकल रिसर्च में भी पाया गया है कि पपीते के पत्ते डेंगू में फायदेमंद होते हैं। पपीते के पत्ते का रस 2 कंपाउंड 1-beta-D-ribofuranosyl-3-ethynyl जिसे टेरिआजोल (ETAR) और 1-beta-Dribofuranosyl-4-ethynyl जिसे इमिडाजोल कहते हैं से भरपूर होता है। ये डेंगू के वायरस को पूरे शरीर में फैलने से रोकते हैं। वहीं डेंगू के मरीज के कम हो रहे प्लेटलेट्स को बढ़ाने में भी मदद करते हैं।

पपीते के पत्तों का जूस कैसे बनाएं?

इसके लिए आपको 5-6 पपीते के पत्तों को अच्छे से धोकर पीसना है। आप इसमें थोड़ा बहुत पानी भी डाल सकते हैं। पत्तों के मिश्रण को बारीक कपड़े या छन्नी से छान लें। अब रस में नींबू का रस और चुटकी भर नमक मिलाएं। पौष्टिक और स्वादिष्ट पपीते के पत्तों का रस बनकर तैयार है। 

डेंगू में कितनी मात्रा में पीएं पपीते के पत्ते का रस ?

स्वामी रामदेव के मुताबिक पपीते के पत्तों का रस पीने से लिवर और आंतों की फंक्शनिंग अच्छी हो जाती है। लेकिन इसकी ज्यादा मात्रा एक बार में लेने से उल्टियां होने लगती हैं। इसलिए ज्यादा मात्रा में पपीते के पत्ते का रस न पीएं। पूरे दिन में 25 से 50 ml पूरे दिन में ले सकते हैं। 

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)



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Kaushal kumar
Author: Kaushal kumar

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