Cactus Friendship Benefits : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां ‘आउट ऑफ साइट, आउट ऑफ माइंड’ का डर बना रहता है, वहीं एक ऐसी दोस्ती भी है जो बिना किसी खाद-पानी के फलती-फूलती है. क्या आपका भी कोई ऐसा दोस्त है जिससे आपकी हफ्तों या महीनों बात नहीं होती, लेकिन जब होती है, तो लगता ही नहीं कि बीच में कोई फासला था? अगर हाँ, तो आप एक ‘कैक्टस फ्रेंडशिप’ (Cactus Friendship) का हिस्सा हैं.
इंटरनेट पर आजकल “Cactus Friends” शब्द काफी ट्रेंड कर रहा है. कई लाइफस्टाइल ब्लॉग्स और मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स इसे ‘एडल्ट फ्रेंडशिप’ का सबसे मैच्योर (Mature) रूप मान रहे हैं. अर्बन डिक्शनरी और कई रिलेशनशिप फोरम्स पर इसे उन लोगों के लिए बेस्ट बताया गया है जो करियर और परिवार की जिम्मेदारियों में व्यस्त हैं.
अगर आपके पास भी कोई ऐसा दोस्त है जिसे कॉल करने से पहले आपको यह नहीं सोचना पड़ता कि “वह क्या सोचेगा?”, तो आप बहुत खुशनसीब हैं.
क्या है ‘कैक्टस फ्रेंडशिप’?
जिस तरह कैक्टस का पौधा बहुत कम पानी और बिना किसी खास देखभाल के रेगिस्तान की चिलचिलाती धूप में भी हरा-भरा रहता है, ठीक वैसी ही यह दोस्ती होती है. ‘कैक्टस फ्रेंडशिप’ उस रिश्ते को कहते हैं जिसमें दोस्तों को एक-दूसरे से जुड़े रहने के लिए रोज़ाना बात करने, मैसेज करने या मिलने की जरूरत नहीं होती. इसमें न तो कोई शिकायत होती है और न ही ‘इग्नोर’ किए जाने का डर.
कैक्टिस फ्रेंडशिप की 3 सबसे बड़ी खूबियाँ-
1. लो मेंटेनेंस, हाई ट्रस्ट (Low Maintenance, High Trust)
इस दोस्ती में कोई ‘फॉर्मेलिटी’ नहीं होती. अगर आपने अपने दोस्त के मैसेज का जवाब तीन दिन बाद भी दिया, तो वह आपसे नाराज नहीं होगा. यहाँ ‘मेंटेनेंस’ कम है, लेकिन एक-दूसरे पर भरोसा अटूट होता है.
2. जहां छोड़ा था, वहीं से शुरुआत
कैक्टस फ्रेंड्स जब महीनों बाद मिलते हैं, तो उन्हें ‘क्या चल रहा है’ से ज्यादा इस बात की खुशी होती है कि वे साथ हैं. बातचीत वहीं से शुरू होती है जहां पिछली बार खत्म हुई थी. इसमें वक्त का फासला कभी भी जज्बातों के बीच नहीं आता.
3. बिना शर्त की दोस्ती (Unconditional Support)
हो सकता है कि वे आपकी रोज़ की गॉसिप का हिस्सा न हों, लेकिन जब आपकी लाइफ में कोई बड़ा संकट आता है, तो सबसे पहले खड़े होने वाले यही ‘कैक्टस दोस्त’ होते हैं. ये बिना किसी दिखावे के आपकी ढाल बनते हैं.
क्यों बढ़ रहा है इसका क्रेज?
मनोवैज्ञानिकों और रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स का मानना है कि ‘बर्नआउट’ के इस दौर में लोग ऐसे रिश्तों की तलाश में हैं जो उन पर मानसिक दबाव न डालें. सोशल मीडिया के दौर में जहां हर पल ‘अपडेट’ रहना जरूरी हो गया है, कैक्टस फ्रेंडशिप हमें मानसिक सुकून देती है. यह हमें सिखाती है कि दोस्ती की गहराई ‘चैट हिस्ट्री’ की लंबाई से नहीं, बल्कि दिल के कनेक्शन से नापी जाती है.
अगर आपके पास भी कोई ऐसा दोस्त है जिसे कॉल करने से पहले आपको यह नहीं सोचना पड़ता कि “वह क्या सोचेगा?”, तो आप बहुत खुशनसीब हैं. कैक्टस फ्रेंडशिप असल में उन लोगों के लिए है जो रिश्तों में ‘क्वालिटी’ को ‘क्वांटिटी’ से ऊपर रखते हैं.







