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Healthy Relationship: मुहब्बत भले ही बेलगाम हो लेकिन यदि आप इसकी लगाम को कसने की कोशिश की तो रिश्ता वहीं दरक जाएगा. वास्तव में हम प्यार के नाम पर अपने पार्टनर की पसंद, नापसंद और उनकी जिंदगी के फैसलों को कंट्रोल करने लगते हैं. हमें लगता है कि यह केयर है, लेकिन असल में यह रिश्ते के लिए धीमा जहर साबित होता है. इसलिए इनसे बचने की टिप्स जान लीजिए.
कहावत है कि मुहब्बत में समझदारी दिखाई तो वो मुहब्बत नहीं वह मुहब्बत की तौहीन है. प्यार बेलौस होता है, बेखौफ जिसमें किसी चीज की परवाह नहीं. प्यार जब जुनून बनता है तो महबूब की हर पसंद-नापसंद अपनी पसंद और नापसंद बन जाती है. इसमें अगर आपने समझदारी दिखाई या कंट्रोल करने की कोशिश की तो यह रिश्ता धीरे-धीरे बोझ बनने लगता है और बोझ जब भारी होने लगती है तो इस रिश्ते में सड़ांध पैदा होने लगता है. इसलिए जब आप रिश्ते में हों तो पार्टनर को कंट्रोल करने की कोशिश न करें.
हम अक्सर सुनते हैं कि किसी भी रिश्ते की नींव प्यार होती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बहुत ज्यादा लगाव या ‘दम घुटने वाला प्यार’ आपकी जिंदगी को मुश्किल में डाल सकता है? आधुनिक रिलेशनशिप साइकोलॉजी के मुताबिक जब प्यार कंट्रोल करने की भावना में बदल जाता है, तो वो सुरक्षा देने के बजाय बेचैनी पैदा करता है. कई बार, भले ही दोनों एक-दूसरे को बहुत प्यार करते हों, लेकिन एक-दूसरे को कंट्रोल करने की इच्छा मतभेदों में बदल जाती है. इससे दोनों के बीच तनाव और चिंता बढ़ जाती है और साथ रहना मुश्किल हो जाता है. (AI फोटो)
जॉन बाउल्बी और मैरी ऐन्सवर्थ जैसे रिसर्चर्स के मुताबिक, बचपन में हमारे माता-पिता के साथ हमारा रिश्ता और बड़े होने के बाद अपने पार्टनर के साथ हमारा रिश्ता बहुत अलग किस्म का होता है. जिन लोगों को रिलेशनशिप में ज्यादा चिंता रहती है, वो हमेशा डरते हैं कि उनका पार्टनर उन्हें छोड़ देगा या कम प्यार करता है. ऐसे लोग छोटी-छोटी बातों पर भी परेशान हो जाते हैं कि रिश्ता खत्म हो रहा है. तो चलिए जानते हैं ऐसी पांच बड़ी वजहें जो चिंता का कारण बनती हैं. (AI फोटो)
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पर्सनल स्पेस की कमी: जब पार्टनर हर छोटी-बड़ी बात में दखल देने लगते हैं, तो इसे ‘दम घुटने वाला प्यार’ कहा जाता है. हर किसी को अपनी पर्सनल स्पेस चाहिए. अपने पार्टनर को समय न देना चिंता और चिड़चिड़ेपन का कारण बन सकता है. (AI फोटो).
बहुत ज्यादा पजेसिव होना: प्यार में थोड़ा पजेसिव होना आम बात है, लेकिन जब ये शक और कंट्रोल में बदल जाता है तो रिश्ता बोझिल हो जाता है. बातचीत में दूरी: कई बार पति-पत्नी अपनी परेशानियां छुपा लेते हैं. बाहर से सब ठीक दिखता है, लेकिन अंदर की लड़ाइयां चिंता का कारण बनती हैं. साफ बातचीत की कमी से गलतफहमियां बढ़ती हैं और दोनों एक-दूसरे को समझने में मुश्किल महसूस करते हैं. (AI फोटो)
भावनात्मक रूप से ज्यादा निर्भर होना: अगर आपकी खुशी पूरी तरह आपके पार्टनर की मानसिक स्थिति पर निर्भर है, तो आप ‘भावनात्मक जाल’ में फंस गए हैं. दूसरों पर अपनी खुशी के लिए जरूरत से ज्यादा निर्भर रहने से डर और असुरक्षा की भावना पैदा होती है, जो आखिर में गंभीर चिंता का कारण बन सकती है. (AI फोटो).
बीते हुए समय को बार-बार याद करना: पुराने गलतियों को लेकर परेशान रहना किसी भी रिश्ते को खराब कर सकता है. हर बार झगड़े के वक्त पुराने बातें याद करना आज की खुशी को बिगाड़ देता है और कपल्स के बीच डर पैदा करता है. (AI फोटो).
रिश्ते में प्यार, इज्जत और भरोसे के साथ-साथ बराबरी भी बहुत जरूरी है. अगर आपको अपने पार्टनर की वजह से चिंता हो रही है, तो इन पांच बातों को ध्यान में रखें. इन आदतों को पहले ही बदलने से न सिर्फ आपका रिश्ता बच सकता है, बल्कि आप खुश और हेल्दी जिंदगी भी जी सकते हैं. (डिस्क्लेमर: यह लेख इंटरनेट पर उपलब्ध रिपोर्ट्स और जानकारी पर आधारित है. इसका News18 से कोई लेना-देना नहीं है और News18 इसके लिए किसी भी तरह से जिम्मेदार नहीं है.) (AI फोटो)








