यूपी के सीतापुर में सेवता से बीजेपी एमएलए के समधी अनुज त्रिवेद्वी और दामाद पर महिलाओं को झांसा देकर शादी करने और कैश- जेवरात की ठगी का आरोप लगा है। आरोप लगाने वाली महिलाएं महाराष्ट्र और प्रयागराज की रहने वाली हैं। महिलाओं ने सीतापुर एडीएम से मिलकर बीजेपी एमएलए के समधी और दामाद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन महिलाओं का आरोप है कि बीजेपी एमएलए के समधी ने 25 महिलाओं से शादी कर उनसे लगभग 600 करोड रुपये और एक किलो सोना-चांदी ठगने का काम किया है।
वहीं, इस मामले में बीजेपी एमएलए ने अपनी बेटी के साथ सोशल मीडिया पर अपना एक भावुक वीडियो साझा करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी एमएलए ज्ञान तिवारी इस वीडियो में बेटी के साथ रोते हुए दिखाई दे रहे हैं और समधी पर कार्रवाई की बात भी कहते हुए सुनाई दे रहे हैं।
देखें वीडियो
आपको बता दें कि सीतापुर के मिश्रिख तहसील के चंद्रावल के रहने वाले अनुज त्रिवेदी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। महाराष्ट्र व प्रयागराज की पीड़ित महिलाओं ने एक सामूहिक शिकायती पत्र एडीएम आयुष चौधरी को सौंपा है। पत्र सौंपने वाली पीड़िताओं ने बीजेपी एमएलए के समधी अनुज त्रिवेदी पर कई महिलाओं से करीब 600 करोड रुपए ठगने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं आरोपी की संपत्ति को भी कुर्क कर रकम जेवर आदि सामान वापस दिलाने की गुहार लगाई है।
वहीं पीड़ित अहिलाओं ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक के चलते कोई एफआईआर दर्ज नहीं हो रही है सभी ने कार्रवाई की मांग की है। वही आपको बता दें कि इस मामले मे महाराष्ट्र में मामला दर्ज बताया जा रहा है। वही इस मामले में एडीएम आयुष चौधरी ने पुलिस को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। वही इस मामले में आरोपी अनुष त्रिवेदी महाराष्ट्र की जेल में बंद है।
जानें पूरा मामला
यूपी के सीतापुर के मिश्रिख क्षेत्र के चंद्रावल गांव निवासी अनुज त्रिवेदी को महाराष्ट्र पुलिस ने ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया था। वैवाहिक विज्ञापनों के जरिये 25 महिलाओं को धोखा देकर शादी करने व करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोपी अनुज सीतापुर के बड़े नेता का समधी निकला। धोखाधड़ी में आरोपी के बेटे के भी शामिल होने का पुलिस को शक है। पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है।
अनुज त्रिवेदी ग्रेटर नोएडा में चंद्रप्रकाश त्रिवेदी की फर्जी पहचान बनाकर रह रहा था। पुलिस के अनुसार वह अजय अग्रवाल, अजय, संतोष सिंह, जयप्रकाश, रमेश चंद्र गुप्ता आदि नामों का इस्तेमाल कर ठगी कर चुका है। 75 वर्षीय महिला ने चार मार्च 2022 को महाराष्ट्र के ठाणे जिले के नयानगर पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि आरोपी ने अखबार में प्रकाशित वैवाहिक विज्ञापन के जरिये उनकी 45 वर्षीय बेटी से संपर्क किया। एक मार्च 2019 को उससे शादी की।
समधी निकला ठगी का मास्टमाइंड
कुछ समय बाद आरोपी ने उनके परिवार को फ्लैट बेचने के लिए मजबूर किया। नया मकान बनवाने का वादा कर कुल 82 लाख रुपये नकदी कई किस्तों में ली। इसके बाद 22 फरवरी 2022 को आरोपी उनकी बेटी को रिश्तेदार की शादी के बहाने दिल्ली ले गया और वहां रेलवे स्टेशन पर 33 तोला सोना लेकर भाग गया। उसने महिला को मुंबई जाने वाली ट्रेन में बैठाकर अपना फोन बंद कर लिया था। उनकी बेटी से कुल 97 लाख रुपये की ठगी हुई थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने इसी तरह से 25 से अधिक महिलाओं को निशाना बनाया है। इनमें दिव्यांग, मानसिक रूप से कमजोर, तलाकशुदा और असहाय महिलाएं शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी आधार कार्ड, तीन मोबाइल फोन और एक एटीएम कार्ड बरामद किया है।
27 वर्ष पहले लखनऊ में बना था सिक्योरिटी गार्ड
ग्रामीणों के अनुसार 27 वर्ष पूर्व अनुज त्रिवेदी सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने लखनऊ गया था। इसके बाद प्रखर सिक्योरिटी के नाम से उसने कंपनी खोल ली। प्राॅपर्टी डीलिंग भी करने लगा। इसके बाद बस से मुंबई आने-जाने लगा। ग्रामीणों के अनुसार आरोपी कई संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी अनुज कुछ ही समय में करोड़पति हो गया। उसने लखनऊ में छठा मील में कोठी, नैमिषारण्य में मकान और मिश्रिख के चंद्रावल में एक स्कूल खोला। आरोपी के पुत्र की शादी में कई बड़े नेता, मंत्री भी पहुंचे थे।
(सीतापुर से मोहित मिश्र की रिपोर्ट)
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