उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के असनी गांव में शनिवार देर रात एक दुखद घटना सामने आई। गांव में रहने वाले मनीष कुमार दुबे (46 वर्ष), जो पेशे से एक ट्रक ड्राइवर थे और रक्षाबंधन के त्योहार पर अपने घर आए हुए थे, की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह पूरी घटना गांव के ही एक शराब ठेके के सामने आधी रात के वक्त हुई, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
क्या है पूरा मामला?
घटना की शुरुआत मनीष दुबे के 16 वर्षीय बेटे वैभव से हुई। शनिवार रात लगभग 11 बजे वैभव सड़क से पैदल अपने घर लौट रहा था। तभी शराब ठेके के पास मौजूद सेल्समैन गोवर्धन निषाद के बेटों से किसी बात को लेकर उसकी कहासुनी हो गई। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई। इसके बाद वैभव ने अपने घर पहुंचकर पूरी बात अपने पिता मनीष दुबे को बताई। बेटे के साथ हुई मारपीट की खबर सुनकर मनीष दुबे और कुछ अन्य ग्रामीण शराब ठेके पर पहुंच गए।
अचानक क्यों चली गोली?
मौके पर दोनों पक्षों के बीच बहस और ज्यादा बढ़ गई। इसी बीच सेल्समैन गोवर्धन निषाद ने शराब ठेके के मालिकों—अमन सिंह और मनु सिंह—को फोन करके वहां बुला लिया। दोनों पक्षों के आमने-सामने आते ही माहौल बहुत गर्म हो गया। आरोप है कि बहस के दौरान ही ठेका मालिक मनु सिंह ने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर निकाल ली और मनीष दुबे पर फायर कर दिया। मनीष के सीने में दो गोलियां लगीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर वहीं जमीन पर गिर पड़े।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
घटना के तुरंत बाद परिजन और पुलिस घायल मनीष को इलाज के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मनीष दुबे ने दम तोड़ दिया। पुलिस और परिजनों के मुताबिक, दोनों परिवारों के बीच शराब ठेके के सामने की पुश्तैनी जमीन को लेकर काफी समय से रंजिश भी चल रही थी।
घटना के बाद गांव में भारी तनाव को देखते हुए फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) अभिमन्यु मांगलिक खुद मौके पर पहुंचे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में दो सीओ (CO) और 4 थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर सेल्समैन गोवर्धन निषाद को हिरासत में ले लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अमन सिंह और मनु सिंह की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें बनाकर छापेमारी की जा रही है।
फतेहपुर से उमेश चन्द्रा की रिपोर्ट
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