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What Is Choking In Intimacy: सेक्स एजुकेशन अब युवाओं तक किसी एक्सपर्ट के माध्यम से नहीं बल्कि मूवी और इंटरनेट से पहुंच रही है. जिसका एक सबसे बड़ा नुकसान है, संबंध बनाने के दौरान किए जाने वाले सेक्सुअल एक्टविटीज की गंभीरता के बारे में पता न होना. चोकिंग एक ऐसी ही रिस्की प्रैक्टिस है. हाल ही में एक 16 साल की लड़की की इसके कारण मौत हो गयी.
रिलेशनशिप के शुरुआती फेस में अक्सर कपल नई चीजें ट्राई करने को लेकर एक्साइटेड रहते हैं. लेकिन जब किसी एक्सपेरिमेंट में सेहत और जान का जोखिम जुड़ जाए, तो सावधानी बेहद जरूरी हो जाती है. हाल ही में सिडनी में 16 साल की एक लड़की की मौत संबंध बनाने के दौरान होने वाली चोकिंग या सेक्शुअल स्ट्रैंगुलेशन के कारण मौत का मामला सामने आया है. हालांकि चोकिंग जैसे सेक्सुअल प्रैक्टिस किसी सेक्स एजुकेशन का हिस्सा नहीं है. लेकिन मूवी और इंटरनेट ने इसे एक सेफ एक्टिविटी के रूप में परोसा है.
ऐसे में कई यंग कपल इसे रोमांच या सेक्सुअल फैंटेसी का हिस्सा मानने लगे हैं. बिना ये समझें कि इसका असर किस तरह से सेहत पर पड़ सकता है. मेलबर्न लॉ स्कूल की प्रोफ़ेसर हीथर डगलस का कहना है कि युवाओं में चोकिंग कॉमन है. 2024 में इनके द्वारा किए गए एक सर्वे में पता चला कि ऑस्ट्रेलिया में 18 से 35 वर्ष की उम्र के 4,702 में से 57 प्रतिशत लोगों ने कभी न कभी सेक्शुअल स्ट्रैंगुलेशन एक्सपीरियंस किया है. चोकिंग क्या होता है, क्यों ये लोगों की वाइल्ड लव मेकिंग फेंटसी का हिस्सा है, चलिए इस लेख में समझने की कोशिश करते हैं.
क्या है सेक्शुअल चोकिंग?
सेक्स के दौरान अक्सर मेल पार्टनर अपनी फीमेल पार्टनर की गर्दन को अपने हाथों के पंजे से दबाता है, देखने में ये ठीक वैसा ही होता है, जैसे कि गला दबाया जा रहा हो. लेकिन ये सिर्फ माहौल को सेक्सु्अली इंटेंस बनाने के मकसद से होता है. लेकिन इसका असर सिर्फ सामने वाले के एक्साइटमेंट पर ही नहीं बल्कि शरीर पर भी पड़ता है. इसे कभी-कभी ब्रीद प्ले या इरोटिक अस्फिक्सिएशन भी कहा जाता है.
लोग इसे क्यों आजमाते हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार कुछ लोग इसे सेक्सुअल उत्तेजना बढ़ाने या ऑर्गेज्म को अधिक तीव्र महसूस करने के लिए आजमाते हैं. कुछ लोगों के लिए यह जोखिम लेने का रोमांच, जिज्ञासा, पावर प्ले या BDSM जैसी सेक्सुअल फैंटेसी से जुड़ा हो सकता है.
क्या सेक्शुअल चोकिंग खतरनाक है?
विशेषज्ञ इसे हाई-रिस्क सेक्सुअल एक्टिविटी मानते हैं. क्योंकि चोकिंग के दौरान गर्दन पर दबाव पड़ने से गंभीर चोट, बेहोशी, स्ट्रोक, ब्रेन को नुकसान और यहां तक कि मौत भी हो सकती है. खास बात यह है कि कुछ चोटें बाहर से दिखाई नहीं देतीं और उनके लक्षण बाद में सामने आ सकते हैं. सबसे खास बात है कि इसे करने का कोई सेफ तरीका नहीं है. ऐसे में अगर आपका पार्टनर भी
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शारदा सिंह एक अनुभवी लाइफस्टाइल पत्रकार हैं, जिनके पास डिजिटल मीडिया और कंटेंट लेखन के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से…
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New Delhi,Delhi
August 30, 2026, 12:38 IST








