भारत निर्वाचन आयोग की ओर से देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR करवाया जा रहा है। चुनाव आयोग के मुताबिक, SIR कराने का मकसद ये है कि देश में कोई भी पात्र वोटर न छूटे और कोई भी अयोग्य वोटर, मतदाता सूची में शामिल न हो। इसी क्रम में बुधवार को चुनाव आयोग ने झारखंड में SIR की मसौदा/ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को जारी कर दिया है। सामने आई जानकारी के अनुसार, झारखंड में SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 43 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं।
कितनी है वोटर्स की संख्या?
झारखंड में जारी की गई SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के.रवि कुमार अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया है कि झारखंड में SIR की प्रक्रिया शुरू होने से पहले 2.64 करोड़ वोटर्स थे। वहीं, SIR के तहत गिनती का काम पूरा होने के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल वोटर्स की संख्या 2.21 करोड़ है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, ’29 जुलाई 2026 तक कुल 2,64,63,236 वोटर्स में से 2,21,01,249 (83.51 फीसदी) वोटर्स ने अपने गणना फॉर्म जमा करा दिए हैं। ये आंकड़ा SIR की गणना वाले चरण में लोगों की अच्छी भागीदारी को दिखाता है।
कुल कितने लोगों के नाम हटाए गए?
आपको बता दें कि झारखंड में SIR की प्रक्रिया की शुरुआत 30 जून 2026 से की गई थी और ये काम 29 जुलाई तक चला। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान बूथ लेवल के अधिकारियों ने गणना फॉर्म बांटने और उन्हें वापस से इकट्ठा करने और उनकी जांच करने के लिए घर-घर जाकर लोगों से संपर्क किया। जानकारी के अनुसार, इस दौरान ASDD यानी अनुपस्थित, दूसरी जगह चले गए, मृत या नाम में दोहराव की लिस्ट में आने वाले 43,61,987 वोटर्स के नाम ड्राफ्ट वोट लिस्ट से हटा दिए गए हैं।
क्यों हटाए गए 43 लाख से ज्यादा वोटर्स?
झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से जिन वोटर्स के नाम हटाए गए हैं, उनमें से करीब 7.63 लाख लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा, 15.92 लाख लोग स्थायी तौर पर किसी अन्य जगह चले गए, 14.50 लाख का पता नहीं चल सका या वे इस प्रक्रिया के दौरान मौजूद नहीं थे, और 4.38 लाख लोगों के नाम कई जगहों पर मतदाता के तौर पर दर्ज पाए गए। (इनपुट: भाषा)
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