बिहार के बांका जिला परिषद कार्यालय में सोमवार को पटना निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जूनियर इंजीनियर (जेई) ओमप्रकाश मंडल और कार्यालय के क्लर्क जागेश्वर मंडल को 1 लाख 26 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से जिला परिषद कार्यालय सहित अन्य सरकारी दफ्तरों में हड़कंप मच गया।
संवेदक ने दर्ज कराई थी शिकायत
निगरानी विभाग के डीएसपी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि अवध किशोर ने निगरानी विभाग से शिकायत की थी कि उनके द्वारा कराए गए पीसीसी सड़क निर्माण की फाइल आगे बढ़ाने के लिए जेई की ओर से रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया।
रंगेहाथ आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
सोमवार को जैसे ही संवेदक ने तय की गई 1.26 लाख रुपये की रिश्वत की राशि सौंपी, पहले से मौजूद निगरानी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जेई ओमप्रकाश मंडल और क्लर्क जागेश्वर मंडल को रंगेहाथ दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान निगरानी टीम दो वाहनों से जिला परिषद कार्यालय पहुंची और मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। छापेमारी के दौरान किसी भी व्यक्ति को कार्यालय से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई।
अचानक कार्रवाई से मचा हड़कंप
उस समय जिला परिषद अध्यक्ष राजेंद्र यादव सहित कई अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय में मौजूद थे। अचानक हुई कार्रवाई से पूरे कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जबकि बाहर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। निगरानी अधिकारियों ने दोनों आरोपितों से पूछताछ के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और उन्हें अपने साथ पटना ले गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपितों पर एक कार्य के एवज में 1.26 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। निगरानी विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बांका से बंटी कुमार सिंह की रिपोर्ट
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