UPI ने पूरे किए 10 साल! ₹1.78 करोड़ से ₹24,162 करोड़ सालाना ट्रांजैक्शन तक पहुंचा सफर, PM मोदी ने शेयर किया खास पोस्ट

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

[ad_1]

भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को बदलने वाला UPI आज 10 साल का हो गया है। 25 अगस्त 2016 को शुरू हुआ यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब देश में रोजमर्रा के भुगतान का अहम हिस्सा बन चुका है। छोटी दुकान पर कुछ रुपये का पेमेंट हो या लाखों रुपये का कारोबारी लेनदेन, UPI ने पैसे भेजने और लेने का तरीका काफी आसान बना दिया है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर UPI की उपलब्धियों को याद किया।

PM मोदी ने शेयर किया खास पोस्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘X’ में लिखा कि एक दशक पहले UPI की शुरुआत भारत की डिजिटल पेमेंट यात्रा में बड़ा बदलाव लेकर आई थी। उन्होंने UPI के बड़े पैमाने और इसकी पहुंच को हर भारतीय के लिए गर्व का विषय बताया।

10 साल में 13,000 गुना बढ़ा ट्रांजैक्शन

वित्त मंत्रालय के मुताबिक, UPI की शुरुआत के पहले वित्त वर्ष 2016-17 में सालाना सिर्फ 1.78 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए थे। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 24,162 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन हो गया। यानी करीब 10 साल में UPI के सालाना ट्रांजैक्शन में लगभग 13,000 गुना की बढ़ोतरी हुई है।सिर्फ ट्रांजैक्शन की संख्या ही नहीं, बल्कि इसके जरिए होने वाले भुगतान की कुल रकम में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है। 2016-17 में UPI के जरिए करीब ₹0.07 लाख करोड़ का लेनदेन हुआ था, जो 2025-26 में बढ़कर लगभग ₹314 लाख करोड़ हो गया।

जुलाई 2026 में बना नया रिकॉर्ड

UPI की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। मई 2026 में पहली बार एक महीने में 2,300 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए। मई में 2,320 करोड़ और जुलाई 2026 में 2,366 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जो UPI के एक दशक के सफर में अब तक का सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा है।

44 बैंकों से 703 बैंक तक पहुंचा नेटवर्क

UPI से जुड़े बैंकों की संख्या में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। 2016-17 में सिर्फ 44 बैंक UPI पर लाइव थे। वित्त वर्ष 2025-26 तक यह संख्या बढ़कर 703 बैंक हो गई।

11 देशों में भी पहुंचा UPI

UPI अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। यह UAE, फ्रांस, भूटान, श्रीलंका, नेपाल, सिंगापुर, मॉरीशस, कतर, कंबोडिया, ग्रीस और मालदीव समेत 11 देशों में संचालित हो रहा है। IMF के अनुसार, 2025 में वैश्विक रियल-टाइम पेमेंट ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में UPI की हिस्सेदारी करीब 49 फीसदी थी। इस तरह 10 साल में UPI भारत की डिजिटल पहचान के साथ-साथ दुनिया के प्रमुख रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम में भी अपनी जगह बना चुका है।

यह भी पढ़ें- कराधान और भुगतान कानूनों में संशोधन विधेयकों को राष्ट्रपति से मिली मंजूरी, UPI पर फीस वसूलने का रास्ता खुला



[ad_2]

Source link

Kaushal kumar
Author: Kaushal kumar

Leave a Comment

और पढ़ें