दतिया (मध्यप्रदेश): मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए बृहस्पतिवार को वोट डाले जाएंगे। इस चुनाव में करीब 2.20 लाख से ज्यादा वोटर कुल 21 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे। वोटिंग के मद्देनजर राज्य चुनाव आयोग और जिला प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और सुरक्षा के मद्देनजर भी सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
कुल कितने मतदान केंद्र?
दतिया विधानसभा क्षेत्र में कुल 291 मतदानकेंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 186 मतदान केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में जबकि 105 मतदान केंद्र शहरी क्षेत्रों में हैं। इन केंद्रों पर कुल 2,20,344 मतदाता वोट डाल सकेंगे हैं। इनमें 1,16,088 पुरुष और 1,04,246 महिलाएं हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दतिया के एसपी मयूर खंडेलवाल ने बताया कि वोटिंग के मद्देनजर सभी सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है और कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि कंट्रोल रूम में आनेवाली हर शिकायत पर तत्काल कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रख रही है और मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मतदाताओं से बिना किसी डर के मतदान करने की अपील की है।
30 जुलाई को वोटिंग, तीन अगस्त को काउंटिंग
बता दें कि दतिया उपचुनाव के लिए मंगलवार शाम प्रचार अभियान समाप्त हो गया। मतदान 30 जुलाई को होगा जबकि काउंटिंग तीन अगस्त को होगी। दतिया सीट पर बीजेपी ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है जबकि कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को टिकट दिया है। आजाद समाज पार्टी के दामोदर सिंह यादव भी चुनाव मैदान में हैं, जिनकी वजह से मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है। इन तीनों के अलावा 18 अन्य उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में हैं जो प्रमुख राजनीतिक दलों की जीत और हार का समीकरण बनाने और बिगाड़ने में अपनी भूमिका निभा सकते हैं।
2023 में राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा को हराया था
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,500 से ज्यादा वोटों से हराया था। दिल्ली की एक अदालत ने अप्रैल में धोखाधड़ी के एक मामले में भारती को तीन साल जेल की सजा सुनाई थी। इस फैसले के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई और दतिया सीट पर उपचुनाव कराना जरूरी हो गया। हालांकि बाद में भारती को जमानत मिल गई। बीजेपी ने इस उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया। उनकी जगह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले आशुतोष तिवारी पर दांव लगाया है।
ये भी पढ़ें:
‘हम हमेशा नमस्ते करने के लिए तैयार हैं’, टिकट कटने के सवाल पर प्रहलाद पटेल का बड़ा बयान









