कौन हैं पवन पांडे? जो अयोध्या से होंगे सपा उम्मीदवार, अखिलेश यादव ने की जमकर तारीफ

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


लखनऊः उत्तर प्रदेश की हाई प्रोफाइल विधानसभा सीट अयोध्या के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अयोध्या विधानसभा सीट से पूर्व विधायक पवन पांडे को पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया है। लखनऊ में पार्टी के ब्राह्मण सम्मेलन में की गई यह घोषणा चुनावों के लिए सपा की ओर से उम्मीदवार के तौर पर पहला बड़ा ऐलान है।

कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने भरोसा जताया कि पवन पांडे अयोध्या सीट फिर से जीतेंगे। उन्होंने कहा कि पांडे यहां से चुनाव जीतते आ रहे हैं। उन्हें उम्मीदवार है आगामी चुनाव में वो फिर से जीत हासिल करेंगे। सपा की ओर से एक फिर उन पर भरोसा जताए जाने के बाद, पांडे 2027 में उत्तर प्रदेश के सबसे चर्चित चुनावी मुकाबलों में से एक के केंद्र में रहने वाले हैं।

कौन हैं पवन पांडे?

सपा नेता का पूरा नाम तेज नारायण पांडे है, जिन्हें पवन पांडे के नाम से जाना जाता है। अपने बेबाक अंदाज़ और ज़मीनी स्तर पर लोगों से जुड़ाव के लिए पहचाने जाने वाले पवन पांडे लगभग 30 साल से समाजवादी राजनीति में सक्रिय हैं। पांडे ने साल 1998 में छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की और जल्द ही सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाले समाजवादी आंदोलन से जुड़ गए। 1999 से वे अखिलेश यादव के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और पार्टी में कई संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

2004 में वे लखनऊ विश्वविद्यालय छात्र संघ के उपाध्यक्ष चुने गए। छात्र राजनीति के दौरान उन्होंने कई विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व किया और 2007 में छात्रों से जुड़े मुद्दों पर एक आंदोलन में हिस्सा लेने के कारण जेल भी गए, जिससे उनकी पहचान एक संघर्षशील युवा नेता के तौर पर बनी।

पवन पांडे ने 2012 में बीजेपी के बड़े नेता को हराया

पवन पांडे पहली बार 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में चर्चा में आए, जब उन्होंने अयोध्या सीट से वरिष्ठ बीजेपी नेता और तत्कालीन मंत्री लल्लू सिंह को हराया। इस जीत को उस चुनाव के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक माना गया था। 2012 से 2017 तक विधायक रहने के दौरान, पवन पांडे ने विधानसभा में इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, हेल्थकेयर, पीने के पानी और शहरी विकास से जुड़े मुद्दे अक्सर उठाए। वह सपा सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। बता दें कि अयोध्या में ही भगवान राम का मंदिर स्थित है। अयोध्या जिले में रुदौली, मिल्कीपुर, बीकापुर और दरियाबाद और अयोध्या विधानसभा सीट शामिल है।

यूपी चुनाव से पहले ही सपा ब्राह्मण सम्मेलन कर रही है। सपा ब्राह्मण नेताओं को भी आगे कर रही है। अखिलेश ने सपा के संस्थापक सदस्य रहे जनेश्वर मिश्र की जयंती पर यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित ‘ब्राह्मण सम्मेलन’ के दौरान ही पवन पांडे को उम्मीदवार घोषित कर बड़ा संदेश देने की कोशिश की।

ये भी पढ़ेंः योगी का हिंदुत्व vs अखिलेश का PDA+सनातन कार्ड, 2027 के चुनाव से पहले यूपी में छिड़ी नई सियासी बहस

 VIDEO: भगवान राम-हनुमान बने कलाकारों को अखिलेश यादव ने दिए 51-51 हजार, बोले- ये चढ़ावा चोरी नहीं होगा

 

 





Source link

Leave a Comment

और पढ़ें