Paternity leave benefits : हमारे समाज में अक्सर यह माना जाता है कि बच्चा होने के बाद मां और शिशु की देखभाल की जिम्मेदारी सिर्फ घर की महिलाओं या दाई की होती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि विदेशों में, खासकर पश्चिमी और एशियायी देशों में, डिलीवरी के बाद पति अपनी पत्नी की देखभाल के लिए हफ्तों की छुट्टी क्यों लेते हैं? वहां इसे सिर्फ एक ‘मदद’ नहीं, बल्कि एक ‘जिम्मेदारी’ और ‘जरूरत’ माना जाता है. अगर आप जल्द ही पिता बनने वाले हैं, तो यह जानकारी आपके लिए है. आइए जानते हैं क्यों पोस्ट-डिलीवरी केयर में पति का साथ पत्नी के लिए किसी वरदान से कम नहीं है.
विदेशों में ‘पैटर्निटी केयर’ का चलन क्यों है?
विकसित देशों में न्यूक्लियर फैमिली (छोटे परिवार) का चलन ज्यादा है, जहाँ दादा-दादी या अन्य रिश्तेदार हमेशा साथ नहीं होते. ऐसे में पति ही पत्नी का सबसे बड़ा सहारा होता है. वहां इसे ‘पोस्ट-पार्टम रिकवरी’ का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है. पति न केवल घर के कामों में हाथ बंटाते हैं, बल्कि बच्चे की डायपरिंग और फीडिंग के दौरान पत्नी को आराम देने में भी मदद करते हैं.
The Gottman Institute (जो वैवाहिक रिश्तों पर काम करता है) के अनुसार, बच्चे के जन्म के बाद जिम्मेदारी साझा करने से कपल्स के बीच ‘रिलेशनशिप सैटिस्फैक्शन’ बढ़ता है और भविष्य के झगड़े कम होते हैं.
डॉ. जॉन गॉटमैन (प्रसिद्ध रिलेशनशिप थेरेपिस्ट) के अनुसार, “बच्चे के जन्म के पहले एक साल में पति-पत्नी के बीच झगड़े बढ़ना स्वाभाविक है. लेकिन जो पति अपनी पत्नी की थकान और जरूरतों को बिना कहे समझ लेते हैं और बच्चे की रात की ड्यूटी (जैसे डायपर बदलना या डकार दिलाना) शेयर करते हैं, उनका वैवाहिक रिश्ता भविष्य में दूसरों के मुकाबले 70% ज्यादा मजबूत रहता है.”
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि एक ‘सुपर डैड’ बनने के लिए आपको सब कुछ आना जरूरी नहीं है, बस आपका वहां ‘मौजूद’ रहना और अपनी पत्नी को यह एहसास दिलाना कि ‘वह इस सफर में अकेली नहीं है’, सबसे बड़ी केयर है.
पति की देखभाल के 5 जबरदस्त फायदे (जो हर नए पापा को जानने चाहिए):
1. पोस्ट-पार्टम डिप्रेशन से बचाव:
डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर में हार्मोन्स का भारी उतार-चढ़ाव होता है, जिससे वे चिड़चिड़ापन या उदासी महसूस करती हैं. इसे ‘बेबी ब्लूज’ या ‘पोस्ट-पार्टम डिप्रेशन’ कहते हैं. जब पति साथ खड़ा होता है और मानसिक सहारा देता है, तो पत्नी इस मुश्किल दौर से जल्दी बाहर निकल आती है.
2. शारीरिक रिकवरी में मदद:
चाहे नॉर्मल डिलीवरी हो या सिजेरियन (C-section), महिला के शरीर को ठीक होने में समय लगता है. भारी सामान उठाना या झुकना मना होता है. ऐसे में जब पति बच्चे को गोद में लेने, नहलाने या पत्नी को दवा देने जैसी छोटी-छोटी चीजें करता है, तो मां का शरीर जल्दी रिकवर होता है.
3. बच्चे के साथ मजबूत बॉन्डिंग:
अक्सर पिता और बच्चे का रिश्ता थोड़ा देर से गहरा होता है. लेकिन अगर आप पहले दिन से ही बच्चे की देखभाल करते हैं, तो बच्चे के साथ आपका एक अनूठा और अटूट रिश्ता बन जाता है. बच्चा आपकी खुशबू और टच को पहचानने लगता है.
4.जीवनभर के लिए शादी का रिश्ता बनता है मजबूत:
एक नया बच्चा आने के बाद कपल्स के बीच अक्सर तनाव बढ़ जाता है क्योंकि दोनों थके होते हैं. लेकिन जब आप जिम्मेदारी साझा करते हैं, तो पत्नी के मन में आपके प्रति सम्मान और प्यार और बढ़ जाता है. यह आपके वैवाहिक जीवन की नींव को और मजबूत करता है.
5. नींद की कमी होती है दूर:
नवजात शिशु रात भर जागते हैं. अगर सिर्फ मां ही रात भर जगेगी, तो उसकी सेहत बिगड़ सकती है. विदेशों में पति ‘शिफ्ट’ में काम करते हैं जैसे रात के कुछ घंटे पति बच्चे को संभालता है ताकि मां अपनी नींद पूरी कर सके.
नए पापा के लिए कुछ सिंपल टिप्स:
जिम्मेदारी बांटें: बच्चे के डायपर बदलने और डकार दिलाने जैसी छोटी जिम्मेदारियों को खुद आगे बढ़कर उठाएं.
नींद का ख्याल रखें: रात में जब बच्चा जागे, तो पत्नी को आराम देने के लिए आप उसे संभालने की ड्यूटी लें.
तारीफ करना न भूलें: प्रसव के बाद पत्नी की शारीरिक और मानसिक मेहनत की सराहना करें, इससे उन्हें खुशी मिलेगी.
धैर्य बनाए रखें: बच्चा रोए या पत्नी चिड़चिड़ी हो, तो गुस्सा करने के बजाय शांत रहकर माहौल को संभालें.
एक्टिव ‘लिस्नर’ बनें: पत्नी की बातें और परेशानियां ध्यान से सुनें, कभी-कभी बस ‘सुन लेना’ ही सबसे बड़ी केयर है. खाना बनाना सीखें: अगर पत्नी को उसकी पसंद का हेल्दी खाना बनाकर खिलाएंगे, तो उसे बहुत खुशी होगी.
तारीफ करें: उसकी मेहनत और सहनशक्ति की सराहना करें.
पिता बनना सिर्फ एक स्टेटस नहीं, बल्कि परिवार में एक एक सक्रिय भागीदारी है. विदेशों की तरह अगर भारत में भी पति अपनी पत्नी की पोस्ट-डिलीवरी केयर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, तो न केवल मां और बच्चा स्वस्थ रहेंगे, बल्कि परिवार में खुशियां भी दोगुनी हो जाएंगी. तो नए पापा, क्या आप इस जिम्मेदारी के लिए तैयार हैं?









