डेटिंग ऐप्स से क्यों भाग रही है Gen Z? प्यार ढूंढने का नया तरीका कर देगा हैरान

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डेटिंग ऐप्स ने रिश्ते बनाने का तरीका जरूर बदल दिया, लेकिन अब कई Gen Z युवा इनसे दूरी बनाते नजर आ रहे हैं. स्वाइप और चैट की बजाय वे असली मुलाकातों, साझा रुचियों और गहरे कनेक्शन को ज्यादा महत्व दे रहे हैं. आखिर इस बदलाव के पीछे क्या वजह है, आइए जानते हैं…

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डेटिंग ऐप से क्यों दूर भाग रहे GenZ.

कुछ साल पहले तक डेटिंग ऐप्स को नए लोगों से मिलने और रिलेशनशिप शुरू करने का सबसे आसान तरीका माना जाता था. लेकिन अब तस्वीर धीरे-धीरे बदलती नजर आ रही है. कई रिपोर्ट्स और सर्वे बताते हैं कि Gen Z यानी लगभग 18 से 28 साल की उम्र के युवा डेटिंग ऐप्स को लेकर पहले जितने उत्साहित नहीं हैं. इसके बजाय वे लोगों से वास्तविक जीवन में मिलने और रिश्ते बनाने को ज्यादा महत्व देने लगे हैं.

Gen Z का एक बड़ा वर्ग मानता है कि डेटिंग ऐप्स पर लगातार स्वाइप करने की प्रक्रिया कई बार थकाने वाली हो जाती है. बहुत सारे विकल्प होने के बावजूद सार्थक बातचीत और लंबे समय तक चलने वाले रिश्ते बनाना आसान नहीं होता. कई युवाओं को ऐसा भी लगता है कि ऐप्स पर बातचीत अक्सर सतही रह जाती है और लोगों को वास्तव में जानने का मौका कम मिलता है. इसके अलावा, लगातार मैच, चैट और जवाब का इंतजार करना भी मानसिक रूप से थका सकता है. कुछ युवाओं का कहना है कि डेटिंग ऐप्स पर मौजूद रहने से तुलना और असुरक्षा की भावना भी बढ़ सकती है.

अब किस तरीके से बन रहे हैं रिश्ते?
हाल के वर्षों में “इन-पर्सन कनेक्शन” यानी आमने-सामने मिलकर रिश्ते बनाने का ट्रेंड बढ़ा है. Gen Z के कई युवा अब दोस्तों के जरिए, कॉलेज, ऑफिस, सामाजिक कार्यक्रमों, हॉबी क्लब्स और कम्युनिटी इवेंट्स में नए लोगों से मिलना पसंद कर रहे हैं. उनका मानना है कि वास्तविक मुलाकातों में किसी व्यक्ति की बॉडी लैंग्वेज, व्यवहार और व्यक्तित्व को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है. इससे रिश्ते अधिक स्वाभाविक महसूस होते हैं.

साझा रुचियों को दे रहे हैं महत्व
आज की युवा पीढ़ी सिर्फ प्रोफाइल फोटो देखकर फैसला लेने के बजाय साझा रुचियों और समान सोच वाले लोगों को प्राथमिकता दे रही है. बुक क्लब, फिटनेस ग्रुप, ट्रैवल कम्युनिटी, वर्कशॉप और अन्य सामाजिक गतिविधियां ऐसे लोगों से मिलने का माध्यम बन रही हैं, जिनकी पसंद और जीवनशैली मिलती-जुलती हो.

क्या डेटिंग ऐप्स का दौर खत्म हो रहा है?
ऐसा कहना सही नहीं होगा. आज भी लाखों लोग डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं और कई सफल रिश्ते भी वहीं से शुरू होते हैं. हालांकि Gen Z के एक हिस्से में यह सोच जरूर बढ़ रही है कि रिश्तों की शुरुआत सिर्फ स्क्रीन पर नहीं, बल्कि वास्तविक दुनिया में भी हो सकती है.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …

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Kaushal kumar
Author: Kaushal kumar

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