Last Updated:
How Women Can Make Friends After 30 : कॉलेज और स्कूल के दिनों में दोस्ती करना बेहद आसान लगता था. हर दिन मिलने-जुलने, घंटों बातें करने और छोटी-बड़ी खुशियां बांटने का समय होता था. लेकिन 30 की उम्र के बाद तस्वीर बदल जाती है. शादी, नौकरी, बच्चों की परवरिश और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच कई महिलाओं की सबसे प्यारी दोस्तियां धीरे-धीरे छूट जाती हैं. ऐसे में अकेलापन(Loneliness in Women) महसूस होना बिल्कुल सामान्य है. अच्छी बात यह है कि इस उम्र में भी नई और सच्ची सहेलियां बनाई जा सकती हैं, बस इसके लिए थोड़ी पहल और सही सोच की जरूरत होती है.
Women Friendship Tips: 30 के बाद दोस्त बनाना इसलिए मुश्किल लगने लगता है क्योंकि हमारी प्राथमिकताएं बदल जाती हैं. पहले जहां दोस्तों के लिए समय निकालना आसान था, वहीं अब दिन का ज्यादातर हिस्सा काम और परिवार में बीत जाता है. कई महिलाएं नौकरी बदलती हैं, नए शहर में शिफ्ट होती हैं या शादी के बाद नया सामाजिक दायरा बनाती हैं. ऐसे में पुराने दोस्तों से दूरी बढ़ जाती है और नए रिश्ते बनाने के मौके भी कम हो जाते हैं.
अगर आप नई सहेलियां बनाना चाहती हैं, तो सबसे पहले पहल करने से न झिझकें. ऑफिस में किसी सहकर्मी के साथ लंच करें, पड़ोस की महिला से बातचीत शुरू करें या बच्चों के स्कूल के पैरेंट्स ग्रुप में शामिल हों. इसके अलावा योगा क्लास, जिम, बुक क्लब, डांस क्लास, गार्डनिंग या किसी हॉबी ग्रुप का हिस्सा बनने से समान रुचि वाले लोगों से मुलाकात होती है. ऐसी दोस्तियां अक्सर लंबे समय तक टिकती हैं क्योंकि उनकी शुरुआत साझा पसंद से होती है.
आज सोशल मीडिया पर सैकड़ों लोग जुड़े रहते हैं, लेकिन असली दोस्ती सिर्फ लाइक और कमेंट से नहीं बनती. अगर किसी से अच्छी बातचीत होती है, तो उसे कॉफी पर मिलने के लिए कहें या कभी फोन पर बात करें. ऑनलाइन पहचान को धीरे-धीरे वास्तविक रिश्ते में बदलने की कोशिश करें. यही तरीका भरोसेमंद और गहरी दोस्ती की नींव रखता है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
नई दोस्ती निभाने के लिए समय देना भी उतना ही जरूरी है जितना उसे बनाना. हर हफ्ते या महीने में एक बार बात करना, जन्मदिन याद रखना, हालचाल पूछना या मुश्किल समय में साथ देना रिश्ते को मजबूत बनाता है. साथ ही, हर दोस्त से एक जैसी उम्मीदें न रखें. हर इंसान अलग होता है और हर दोस्ती का अपना अलग महत्व होता है.
विशेषज्ञ भी मानते हैं कि अच्छे सामाजिक रिश्ते मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी हैं. करीबी दोस्त तनाव कम करने, भावनात्मक सहारा देने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करते हैं. इसलिए खुद के लिए थोड़ा समय निकालें, नए लोगों से मिलने का मौका दें और बातचीत शुरू करने में संकोच न करें. कई बार एक साधारण “हैलो” ही जिंदगी भर की दोस्ती की शुरुआत बन जाता है.
30 के बाद दोस्ती खत्म नहीं होती, बल्कि उसका मतलब बदल जाता है. इस उम्र में दोस्त कम हो सकते हैं, लेकिन अगर वे सच्चे हों तो जीवन को ज्यादा खुशहाल बना देते हैं. इसलिए शादी, नौकरी और जिम्मेदारियों के बीच खुद को अकेला महसूस करने के बजाय नए रिश्तों के लिए दिल और समय दोनों खुला रखें. हो सकता है आपकी अगली सच्ची सहेली आपसे बस एक बातचीत की दूरी पर हो.
आखिर में यही कहा जा सकता है कि जिंदगी में परिवार, करियर और रिश्ते जितने जरूरी हैं, उतनी ही जरूरी एक सच्ची दोस्त भी होती है. ऐसी सहेली जिसके सामने आप बिना किसी डर या दिखावे के अपने मन की बात कह सकें, हंस सकें और मुश्किल वक्त में सहारा पा सकें. इसलिए अगर 30 के बाद आपकी पुरानी दोस्तियां छूट गई हैं, तो निराश होने की जरूरत नहीं है. नए लोगों से मिलिए, रिश्तों को समय दीजिए और दोस्ती की पहल कीजिए. हो सकता है आपकी अगली सच्ची सहेली आपकी जिंदगी को पहले से ज्यादा खूबसूरत बना दे.(All Image Canva)
August 07, 2026, 11:49 IST









