यूपी के प्रतापगढ़ में हुए हत्याकांड मामले में योगी सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। प्रतापगढ़ में कंप्यूटर ऑपरेटर सौरभ विश्वकर्मा के हत्याकांड केस में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन तीनों को जेल भेज दिया गया है। बता दें कि सौरभ हत्याकांड के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है। अभियुक्तों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
पीड़ित परिवार की मदद में आगे आई योगी सरकार
योगी सरकार पीड़ित परिवार की मदद के लिए भी आगे आई है। मृतक की बेटी की 5 साल की फीस जिला प्रशासन जमा कराएगा। मृतक की पत्नी को रोजगार देने की तैयारी भी है। राज्य कर्मचारियों के एक दिन के वेतन से बच्ची के नाम एफडी होगी। पीड़ित परिवार को कृषि भूमि का पट्टा देने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
पिटाई में घायल होने के बाद हो गई थी सौरभ की मौत
गौरतलब है कि बीते गुरुवार को प्रतापगढ़ में पिटाई की वजह से संविदा कर्मी की मौत होने के मामला सामने आया था। अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) बृजनंदन राय ने बताया था कि आपूर्ति विभाग में संविदा कर्मी सौरभ उर्फ मोनू विश्वकर्मा गुरुवार देर रात घर आ रहे थे तभी लक्ष्मणपुर ब्लाक के पास जमीन विवाद के कारण गांव के कुछ लोगों ने ही लाठी-डंडे से हमला कर दिया। इस हमले में सौरभ गंभीर तौर पर घायल हो गए।
पुलिस ने दरोगा तिवारी समेत 6 के खिलाफ दर्ज किया केस
उन्होंने आगे बताया कि खबर मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। फिर, सौरभ के परिजनों की तहरीर पर मुख्य आरोपी दरोगा तिवारी सहित 6 आरोपियों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज करके दरोगा तिवारी को अरेस्ट किया गया है। पुलिस ने कहा कि आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। आरोपी चाहें जो भी हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। इससे पहले हाल ही में इटावा में दोस्त की बर्थडे पार्टी से लौटते समय युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए थे।
(इनपुट- भाषा)
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