इंडियन यूथ कांग्रेस की खुली पोल, दुकानदार पर बुलडोजर एक्शन का दावा निकला झूठा, नए VIDEO में सामने आ गई सच्चाई

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नई दिल्ली: इंडियन यूथ कांग्रेस ने अपने एक्स हैंडल पर आज (5 अगस्त) एक वीडियो पोस्ट किया था। इस वीडियो में दिखाई दे रहा था कि एक शख्स बुरी तरह रो रहा है और खाने-पीने की चीजें जमीन पर फैली हुई हैं और मौके पर लोगों की भीड़ जमा है। इस वीडियो में दिल्ली पुलिस भी दिखाई दे रही है।

मामले को देखकर ये साफ समझ आ रहा था कि शख्स खाने-पीने की दुकान लगाता था और उसका ही सामान जमीन पर बिखरा हुआ है। इस वीडियो को पोस्ट करके इंडियन यूथ कांग्रेस ने कैप्शन में लिखा था,”रोजी-रोटी पर क्यों चल रहा है बुलडोजर? ये किसका साथ और किसका विकास है?” 

दिल्ली पुलिस ने IYC के वीडियो को भ्रामक और गलत बताया

IYC ने जो वीडियो शेयर किया, उससे जुड़ा पूरा वीडियो सामने आ गया है। इस पूरे वीडियो में इंडियन यूथ कांग्रेस के दावे की पोल खुल गई है। पूरे वीडियो में देखा जा सकता है कि शख्स खुद ही अपना सामान सड़क पर फेंक रहा था। उसके खिलाफ कोई बुलडोजर एक्शन नहीं हुआ।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शख्स के खिलाफ कोई बुलडोजर एक्शन नहीं किया गया था। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इंडियन यूथ कांग्रेस ने अपने एक्स हैंडल पर जो पोस्ट किया है, वो पूरी तरह से गलत और भ्रामक है। कोई बुलडोजर नहीं चलाया गया है बल्कि लोगों की शिकायत के बाद पुलिस यहां गई थी। गैरकानूनी तरीके से दुकान चलाने वाले इस शख्स ने खुद ही अपना सामान फेंक दिया था।

दिल्ली पुलिस का ये भी कहना है कि इंडियन यूथ कांग्रेस समेत कई एक्स हैंडल से फेक इनफॉर्मेशन सर्कुलेट की जा रही है।

डीसीपी वेस्ट दिल्ली ने पूरे मामले की बता दी सच्चाई

डीसीपी वेस्ट दिल्ली ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर पोस्ट करके इस घटना के बारे में बताया है। डीसीपी वेस्ट दिल्ली ने बताया, “इस घटना की बारीकी से जांच की गई है। 1 अगस्त 2026 को, जनकपुरी के डिस्ट्रिक्ट सेंटर में काली माता मंदिर के पास पैदल चलने वालों के रास्ते में रुकावट की शिकायतों के बाद, पुलिस ने वेंडर को अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। सोशल मीडिया पर चल रहे दावों के उलट, पुलिसकर्मियों ने खाने-पीने का सामान नहीं फेंका। कार्रवाई के दौरान, वेंडर ने खुद ही अपना सामान फेंक दिया; उसने कानूनी निर्देशों का विरोध किया और सार्वजनिक रूप से हंगामा करने की कोशिश की।”

डीसीपी वेस्ट दिल्ली ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर बताया, “जनकपुरी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 285 के तहत FIR नंबर 225/2026 दर्ज की गई है। यह व्यक्ति पहले भी इसी तरह के उल्लंघन के लिए कार्रवाई का सामना कर चुका है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे सोशल मीडिया पर गुमराह करने वाले वीडियो या बिना पुष्टि किए गए दावों को न फैलाएं और न ही उन पर भरोसा करें।”

जाहिर है IYC ने आधा अधूरा वीडियो डालकर एक गलत नैरेटिव फैलाने की कोशिश की। ये जानना भी बेहद जरूरी है कि अगर दिल्ली पुलिस के पास ये वीडियो नहीं होता, तो लोग इस दुष्प्रचार को भी सही मान लेते।

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर अक्सर लोग कुछ भी पोस्ट करते हैं और जनता का एक बड़ा हिस्सा उसे सच मान लेता है। हाल ही में ये खबर भी सामने आई थी कि प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा बोलने वालों पर भी एक्शन लेने की तैयारी है। इसको लेकर दिल्ली पुलिस ने कई X हैंडल्स को नोटिस भेजे थे।

यहां देखिए घटना का पूरा VIDEO-

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