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मध्य प्रदेश के बालाघाट के लांजी थाना क्षेत्र में एक पंचायत सचिव उस समय उफनते नाले में पानी के साथ बह गया था, जब वह ड्यूटी पूरी करके अपने घर लौट रहा था। घटना के दूसरे दिन आज पंचायत सचिव सीताराम घोरमारे का शव बरामद हुआ है। SDRF की रेस्क्यू टीम ने घटनास्थल से 7 किलोमीटर दूर सोन नदी से उनका शव बरामद किया है। लांजी क्षेत्र के कोसमारा से पीपलगांव के बीच मार्ग के नाले पर बने छोटे रपटा को पार करते समय पंचायत सचिव सीताराम घोरमारे अपनी बाइक के साथ ही पानी में बह गया था। इस घटना ने पूरे गांव को चिंता में डाल दिया है।
कैसे हुआ हादसा?
घटना सोमवार, 27 जुलाई की शाम करीब 5 बजे के बीच की बताई जा रही है। पंचायत सचिव सीताराम घोरमारे ग्राम कोसमारा का ही रहने वाला था, जो कि किरनापुर क्षेत्र के ग्राम ककोड़ी में पदस्थ था। 27 जुलाई को सीताराम घोरमारे ग्राम पंचायत ककोड़ी में आया था और अपना काम करने के बाद 27 जुलाई की शाम को अपने घर जा रहा था। शाम करीब 5 बजे वह अपने गांव के निकट के रपटा को पार कर रहा था। रपटा पर पानी बहने के कारण बाइक असंतुलित हो गया और वह बाइक समेत रपटा से सीधे नीचे नाले में जा गिरा।
चट्टान में फंसा हुआ मिला शव
जैसे ही ग्रामीणों को पंचायत सचिव सीताराम घोरमारे के पानी में बहने का पता चला, ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और राजस्व विभाग को इस हादसे की सूचना दी। इसके बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई और पंचायत सचिव सीताराम घोरमारे की तलाश को लेकर एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई। एसडीआरएफ की टीम पंचायत सचिव की तलाश में जुटी रही। चूंकि शाम होने से रेस्क्यू में मुश्किलें आई। इसके बाद रेस्क्यू अभियान आज 28 जुलाई को फिर शुरू किया गया। एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम ने घंटों मशक्कत के बाद घटनास्थल से 7 किलोमीटर दूर सोन नदी के मुहाने एक चट्टान में सीताराम का शव फंसा हुआ मिला।
परिवार में पसरा मातम
कहा जा रहा है कि रपटा के ऊपर पानी बहने के बावजूद सचिव सीताराम घोरमारे ने अपने घर जाने के लिए यह जोखिम लिया, जो उनकी जान के लिए खतरा बन गया। इस घटना के बाद पंचायत सचिव के घर में मातम पसर गया है।
(रिपोर्ट- शौकत बिसाने)
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