मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में गुरुवार दोपहर के नारायणपुरा गांव में खेत की मोटर ठीक करने की कोशिश में बोरवेल के अंदर जाने से एक पिता और उनके बेटे की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना पवई पुलिस स्टेशन के इलाके में हुई और इससे गांव में गहरा सदमा छा गया है। मरने वालों की पहचान नारायणपुरा गांव के रहने वाले 55 साल के उजागर लाल वर्मन और उनके 30 साल के बेटे अतुल वर्मन के तौर पर हुई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बोरवेल से पानी आना बंद होने के बाद पिता और बेटा मुतलान हार स्थित अपने खेत पर गए थे। बताया जा रहा है कि वे मोटर की जांच करने और पानी की सप्लाई फिर से शुरू करने के लिए लगभग 10 से 12 फीट गहरे बोरवेल में उतरे थे।
बोरवेल में उतरे पिता-पुत्र की मौत
जानकारी के मुताबिक, अतुल वर्मन सबसे पहले मोटर की जांच करने के लिए बोरवेल में उतरे थे। हालांकि, जब वे काफी देर तक बाहर नहीं आए तो उनके पिता उजागर लाल वर्मन को चिंता हुई और वे उन्हें देखने के लिए नीचे उतरे। जब उजागर लाल भी वापस नहीं लौटे तो परिवार के दूसरे सदस्य और गाँव वाले खेत की ओर दौड़े। उन्होंने पिता और बेटे दोनों को बोरवेल के अंदर बेहोश पाया। गांव वालों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को बोरवेल से बाहर निकाला गया और पवई के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर ले जाया गया। हालांकि, CHC के डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचने पर दोनों को मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की वजह होगी साफ
मौत की असल वजह का अभी पता नहीं चल पाया है। परिवार वालों ने बताया कि बोरवेल से पानी आना बंद हो गया था, इसलिए दोनों आदमी मोटर की जांच और मरम्मत करने के लिए उसमें उतरे थे। शुरुआती शक है कि उन्हें मोटर कनेक्शन से बिजली का झटका लगा होगा या फिर बोरवेल की बंद जगह में जमा जहरीली गैसों के कारण उनकी मौत हुई होगी। पुलिस अधिकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि मौत बिजली का झटका लगने, जहरीली गैस, ऑक्सीजन की कमी या किसी और वजह से हुई है। पवई BMO डॉ. सुरेश सोनी ने बताया कि दोनों पीड़ितों को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था। मौत की मेडिकल वजह का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
(इनपुट – अमित सिंह)
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