बिहार से गुरुवार को बड़ी खबर सामने आई है। बिहार के राज्यपाल सचिवालय के चार स्टेनोग्राफर की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। सामने आई जानकारी के अनुसार, स्टेनोग्राफर के पद पर कार्यरत राजेश कुमार, अखिलेश कुमार मिश्र, सुशील कुमार एवं संगीता कुमारी की सेवा जरूरी दक्षता (क्षमता) के अभाव, निर्धारित दक्षता परीक्षा में बार-बार अनुपस्थित रहने और नियुक्ति प्राधिकारी के निर्देशों की अवहेलना के कारण तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।
लोकभवन ने दी जानकारी
बिहार लोकभवन की ओर से जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, इन कर्मियों को स्टेनोग्राफर पद पर नियुक्त तो किया गया, लेकिन नियुक्ति से पहले निर्धारित अनिवार्य लिखित परीक्षा तथा शॉर्टहैंड एवं टाइपिंग दक्षता परीक्षा नहीं ली गई थी। जबकि स्टेनोग्राफर के लिए शॉर्टहैंड डिक्टेशन लेना तथा उसका सटीक टाइप किया हुआ प्रतिलेख तैयार करना मूल एवं अनिवार्य दायित्व हैं।
परीक्षा में भी शामिल नहीं हुए कर्मचारी
जानकारी के अनुसार, कार्य के दौरान इन कर्मचारियों की कार्यक्षमता एवं दक्षता के संबंध में संबंधित अधिकारियों से प्रतिकूल रिपोर्ट प्राप्त हुई। इसके बाद राज्यपाल, बिहार के आदेश से उनकी दक्षता एवं कार्यक्षमता के आकलन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई। सभी संबंधित कर्मियों को 22 जुलाई, 2026 को आयोजित दक्षता परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया गया, लेकिन वे परीक्षा में उपस्थित नहीं हुए। 6 अगस्त, 2026 को पुनः दक्षता परीक्षा में शामिल होने का अंतिम अवसर दिया गया। इसके बावजूद उन्होंने परीक्षा में भाग नहीं लिया और अपने पद के लिए आवश्यक मूलभूत दक्षताओं से छूट की मांग की।
प्रोबेशन अवधि में थे कर्मचारी
बिहार लोकभवन की ओर से बताया गया है कि इन कर्मियों की नियुक्ति 23 जनवरी, 2025 को हुई थी और वे परिवीक्षा अवधि (प्रोबेशन) में थे। संबंधित सेवा नियमों के अनुसार प्रोबेशन अवधि में सेवा संतोषजनक नहीं पाए जाने पर निर्धारित शर्तों के तहत सेवा समाप्त की जा सकती है। उन्हें अपनी दक्षता सिद्ध करने के लिए पर्याप्त अवसर दिए गए, लेकिन उन्होंने उन अवसरों का लाभ नहीं उठाया।
लोकभवन ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया है कि समस्त तथ्यों और इन कर्मचारियों की कार्य क्षमता को लेकर प्राप्त हुई प्रतिकूल रिपोर्ट, और दक्षता परीक्षा में उनकी लगातार अनुपस्थिति और नियुक्ति प्राधिकारी के निर्देशों की अवहेलवना को ध्यान में रखते हुए चारों कर्मियों की सेवा को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का फैसला किया गया है।
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