‘कॉर्पोरेट जीवन अंतहीन परीक्षाओं जैसा…’ बेंगलुरु की महिला ने काम के तनाव से जुड़ी परेशानियां बताईं; Viral हुआ Video

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बेंगलुरु की एक महिला ने कॉर्पोरेट जीवन के मानसिक दबाव को लेकर जो बात कही, वह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है। चारु गुप्ता नाम की इस महिला ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर बताया कि तीन साल की नौकरी के बाद भी उन्हें लगता है जैसे वे अभी भी स्कूल में हैं और रोज परीक्षा दे रही हैं।

इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो 

इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @the_miss_gupta नामक हैंडल से शेयर किया गया है। चारु ने कहा, “तीन साल हो गए नौकरी करते हुए, लेकिन आज भी मुझे लगता है कि मैं स्कूल में हूं और मेरी परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसा लगता है कि बस आज किसी तरह पास हो जाऊं, आज ऑफिस में किसी तरह दिन कट जाए, फिर कल की परीक्षा के लिए बेहतर तैयारी करूंगी।” उन्होंने आगे बताया कि ऑफिस का अधूरा काम घर आने के बाद भी दिमाग में घूमता रहता है। यह स्कूल के असाइनमेंट या होमवर्क जैसा लगता है। चारु ने शनिवार का उदाहरण देते हुए कहा, “आज शनिवार है। मैं कोई प्लान नहीं बनाऊंगी क्योंकि बहुत सारा काम पेंडिंग है, लेकिन वह काम भी नहीं करूंगी। बस पूरे समय एंग्जायटी और पैनिक में रहूंगी। रविवार रात तक यही हाल रहेगा। जब कोई और विकल्प नहीं बचेगा, तब सबसे जरूरी काम निपटाकर लैपटॉप बंद कर दूंगी और प्रार्थना करूंगी कि भगवान, कल भी किसी तरह पास हो जाऊं। मैं ऐसी क्यों हूं?” इस वीडियो को “रोजमर्रा का संघर्ष” शीर्षक वाले एक सरल कैप्शन के साथ साझा किया गया था।  

कई युवा शेयर ​करते हैं ऐसे वीडियो  

यह अनुभव सिर्फ चारु का नहीं है। बेंगलुरु जैसे आईटी हब में काम करने वाले हजारों युवा इसी चक्र में फंसे हुए हैं। सुबह ऑफिस जाना, मीटिंग्स, डेडलाइन, रिपोर्ट्स और शाम को घर आकर भी अधूरे काम की चिंता। वीकेंड भी पूरी तरह आराम का नहीं बन पाता। कई लोग बताते हैं कि वे या तो काम करते रहते हैं या काम न करने के अपराधबोध में घुलते रहते हैं। 

यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं 

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को देखकर सैकड़ों लोगों ने अपनी सहमति जताई। कई यूजर्स ने कमेंट किया कि कॉर्पोरेट लाइफ सच में कभी खत्म न होने वाली परीक्षा जैसी लगती है। एक यूजर ने लिखा, ‘हर सोमवार नया टेस्ट लगता है।’


दूसरे ने कहा, ‘स्कूल में तो साल में दो-तीन परीक्षाएं होती थीं, यहां तो रोज।’ 

तीसरे यूजर ने लिखा कि, ‘यह तो बिल्कुल मेरे जीवन से मिलता-जुलता है।’

चौथे यूजर ने लिखा कि, ‘कॉर्पोरेट जीवन सचमुच अंतहीन परीक्षाओं जैसा लगता है।’

पांचवें यूजर ने लिखा कि, ‘रविवार की चिंता तो बिल्कुल वास्तविक है।’ 

गौरतलब है कि, इससे पहले एक शख्स ने बेंगलुरु में रात 2 बजे ट्रैफिक जाम की समस्या पर वीडियो बनाकर शेयर किया था। 

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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