मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र के ग्राम चांदबर्डा में बुजुर्ग पति-पत्नी की हत्या और लूट के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि वारदात में शामिल एक अन्य आरोपी ने घटना के बाद आत्महत्या कर ली। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लूटे गए चांदी के जेवरात, वारदात में प्रयुक्त बाइक, मोबाइल फोन और खून से सने कपड़े बरामद किए गए हैं।
खेत की झोपड़ी में सो रहे थे बुजुर्ग दंपती
पुलिस के अनुसार 25 अगस्त 2026 को नारायण पिता देवीलाल बंजारा निवासी चांदबर्डा ने गरोठ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसके माता-पिता देवीलाल और भुलीबाई गांव से दूर खेत पर बनी झोपड़ी में सो रहे थे। रात के समय अज्ञात बदमाशों ने भारी पत्थरों से हमला कर देवीलाल की हत्या कर दी, जबकि भुलीबाई गंभीर रूप से घायल मिलीं। इलाज के दौरान भुलीबाई की भी मौत हो गई। इसके बाद मामला डबल मर्डर में बदल गया।
चांदी के कड़े गायब मिले तो लूट का शक
जांच के दौरान मृतक के बेटे ने पुलिस को बताया कि उसकी मां भुलीबाई चांदी के भारी आमले (कड़े) पहनती थीं, लेकिन घटना के बाद उनके पैरों में जेवरात नहीं थे। इस सुराग के आधार पर पुलिस ने हत्या के पीछे लूट की आशंका जताते हुए जांच आगे बढ़ाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल, डॉग स्क्वायड और एफएसएल टीम को मौके पर भेजा गया। पुलिस ने अलग-अलग टीमों का गठन किया और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश करने पर सफलता मिली।
प्रेम संबंध और पैसों के लिए बनाई लूट की योजना
पुलिस जांच में सामने आए साक्ष्यों और साइबर सेल से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने कान्हा उर्फ करण पिता विष्णु निवासी दुरगपुरा, थाना मनासा, हाल सगोरिया थाना शामगढ़, पवन पिता उदयराम निवासी सातलखेड़ी, थाना भानपुरा और संतोषबाई उर्फ संता पति अमरलाल निवासी भाटखेड़ी थाना नाहरगढ़, हाल चांदबर्डा को गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर वारदात करना स्वीकार किया। पुलिस के अनुसार संतोषबाई करीब दो साल से अपने पति से अलग होकर चांदबर्डा में अपने माता-पिता के पास रह रही थी। इसी दौरान उसके कान्हा उर्फ करण से प्रेम संबंध बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, करण ने अपने साथियों पवन और राजेश के साथ मिलकर पैसों के लिए लूट की योजना बनाई थी।
महिला ने दी थी बुजुर्ग दंपती के बारे में जानकारी
पुलिस के अनुसार, संतोषबाई ने आरोपियों को बताया था कि देवीलाल और भुलीबाई गांव से दूर खेत पर बनी झोपड़ी में अकेले रहते हैं और भुलीबाई भारी चांदी के आमले पहनती हैं। इसी जानकारी के आधार पर 24-25 अगस्त की रात आरोपी झोपड़ी पर पहुंचे और सो रहे बुजुर्ग दंपती पर भारी पत्थरों से हमला कर दिया।
हमले में देवीलाल की मौके पर मौत हो गई, जबकि भुलीबाई गंभीर रूप से घायल हो गईं। इसके बाद आरोपी उनके पैरों से चांदी के आमले निकालकर फरार हो गए।
एक आरोपी ने लिखा सुसाइड नोट, फिर लगाई फांसी
पुलिस के अनुसार, वारदात में शामिल राजेश कीर निवासी राजगढ़, जिला झालावाड़ राजस्थान, हाल मनासा ने घटना के बाद कथित तौर पर सुसाइड नोट लिखा। इसके बाद उसने मनासा स्थित अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को सुसाइड नोट में बुजुर्ग दंपती की हत्या और लूट की घटना का उल्लेख मिलने की जानकारी दी गई है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में अन्य साक्ष्यों एवं घटनाक्रम की जांच जारी है।
अशोक परमार की रिपोर्ट
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