भोपाल। 80वें स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को पूरा मध्य प्रदेश देशभक्ति के रंग में रंग गया। चारों ओर तिरंगा लहराया और देशभक्ति गीतों ने युवाओं को उत्साह से भर दिया। इस बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण से पहले राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का गायन हुआ और ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान जन-गण-मन की धुन बजाई गई। उसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। परेड में पुलिस बैंड सहित कुल 22 टुकड़ियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश के लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। सीएम ने कहा कि आजादी का ये महोत्सव इसलिए भी अविस्मरणीय हो गया है क्योंकि, आज राष्ट्रीय पर्व पर राष्ट्रीय गीत वन्दे-मातरम् का भी गायन हो रहा है। भारतीय संविधान की इसी मूल भावना के अनुरूप ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता कानून लागू कर रहें हैं। हमने ‘’एक देश- एक विधान- एक प्रधान- एक निशान’’ के विचार को धरातल पर उतारकर, सबके लिए एक जैसा कानून लागू कर रहें हैं। समान नागरिक संहिता एक ओर भेदभावपूर्ण व्यवहार को समाप्त कर समरसता का संचार करेगी तो दूसरी ओर महिलाओं को अत्याचार और अन्याय से मुक्ति दिलाएगी ।
भारतीय संस्कृति का मूल वसुधैव कुटुम्बकम
मुख्यमंत्री ने कहा कि समरसता के संत गुरू रविदास जी महाराज की 650वीं जयन्ती का उत्सव हम 18 अगस्त, 2026 से प्रदेश भर में मनाने जा रहे हैं।‘’वसुधैव कुटुम्बकम्’’ भारतीय संस्कृति का मूल है। यह हर्ष का विषय है कि, जून 2026, में ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों एवं कृषि कार्य समूह तथा अगस्त, 2026 में ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्रियों और ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की, बैठक के आयोजन का सौभाग्य मध्यप्रदेश को प्राप्त हुआ है। इन आयोजनों ने न केवल मध्यप्रदेश को दुनिया के मानचित्र पर नई चमक दी है, बल्कि वैश्विक शांति और साझी संस्कृति का एक मजबूत रोडमैप प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि लोक का तंत्र पर भरोसा ही सुशासन की पहली सीढ़ी है। जन-कल्याण यदि साध्य है तो, जन-विश्वास और जन-संवाद उसके साधन। इसी लक्ष्य के साथ सरकार ने दिनांक 7 अगस्त-2026 से ‘’मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’’ प्रारंभ किया है। उन्होंने कहा कि जन-विश्वास अभियान का लक्ष्य स्पष्ट है- ‘’न देरी, न दूरी’’। समाधान से उत्थान के पवित्र भाव के साथ, इस अभियान का प्रथम चरण 8 जनवरी-2027 तक संचालित किया जाएगा।

Image Source : INDIA TVसीएम मोहन यादव ने फहराया तिरंगा
किसानों के खेत हमारे लिए देवस्थल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के खेत सरकार के लिए देवस्थल हैं और खेत से उपजा एक-एक दाना प्रसाद के समान है। वर्ष-2026, को हम किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहें है। सभी जिलों में, बलराम कृषि महोत्सव आयोजित कर, किसानों की मेहनत और समर्पण को सम्मानित किया जा रहा है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार शासकीय योजनाओं के लिए, कृषि भूमि का भू-अर्जन करने पर किसानों को चार गुना मुआवजा दिए जाने का किसान हितैषी निर्णय लागू किया है। हमारी सरकार ने किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से नई “कवच” योजना शुरू की है।
अंतिम खेत तक सिंचाई के लिए संकल्पित सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अंतिम छोर के अंतिम खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने के लिए संकल्पित होकर काम कर रही है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का हृदय से आभार, जिन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल की 100वीं जन्म जयंती के अवसर पर 44 हजार 600 करोड़ की लागत की देश की पहली, नदी जोड़ो केन-बेतवा परियोजना की सौगात दी है। मां नर्मदा के जल से, विंध्य अंचल में, हरियाली लाने का सपना स्लीमनाबाद टनल परियोजना की सफलता के रूप में साकार होने जा रहा है। वर्ष 2028-29 तक, मध्यप्रदेश की सकल सिंचाई क्षमता को बढ़ाकर, 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य है।
सरकार का लक्ष्य युवाओं को सशक्त बनाना
मोहन यादव ने कहा कि हमने 85 हजार से अधिक युवाओं की शासकीय सेवाओं में नियुक्तियां की हैं तथा आने वाले समय में प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएंगे। इसी प्रकार हमारी सरकार अगले 1 वर्ष में 1 लाख से अधिक युवाओं को आईटीआई में तथा प्रतिवर्ष 10 हजार युवाओं को ग्लोबल स्किल पार्क में कौशल प्रशिक्षण दिलाने का काम करेगी। हम कौशल विकास के अंतर्गत मध्यप्रदेश में एक अलग प्लेसमेंट सेल बनाऐंगे, जो उद्योग और सरकार के बीच, एक कड़ी का काम करेगा। उन्होंने कहा कि उद्यम पोर्टल पर विगत ढाई वर्षों में, 3 लाख 34 हजार से अधिक विनिर्माण ईकाईयां पंजीकृत हुई, जिनमें 33 लाख 80 हजार युवाओं को, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। बड़ी औद्योगिक ईकाईयों में भी, 50 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया है। राज्य सरकार अगले ढाई वर्ष में, उन युवाओं पर विशेष रूप से फोकस करने जा रही है, जो किसी कारण से 10वीं की परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो पाए अथवा जिन्होंने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी है। हम ऐसे युवाओं के हाथ में हुनर देकर, उन्हें इतना सशक्त बनाएंगे कि वे प्रदेश ही नहीं बल्कि देश और विदेश जाकर भी रोजगार प्राप्त कर सकें।
युवाओं के विकास के लिए बहुत कुछ कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को केन्द्र में रखकर, एमएसएमई और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई गति देने के लिए प्रदेश में ‘मध्यप्रदेश एमएसएमई विकास नीति 2025’, ‘स्टार्टअप नीति एवं कार्यान्वयन योजना 2025’ नीति लागू की गई। प्रदेश में वर्तमान में लगभग 8 हज़ार स्टार्टअप संचालित हैं, इसमें से 50 प्रतिशत स्टार्टअप का नेतृत्व, नारी शक्ति, कर रही है। हमारा संकल्प है कि, प्रदेश के हर जिले में, कम से कम एक इंक्यूबेशन सेंटर हो। हमने आगामी ढाई वर्षों में स्टार्ट-अप की संख्या 12 हजार से अधिक और 100 नवीन इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘प्लग-एंड-प्ले’ मॉडल पर, को-वर्किंग स्पेस तैयार किए जाएंगे। युवा पीढ़ी की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, ड्रोन, सेमीकंडक्टर, एआई, स्पेसटेक और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में, एमएसएमई की भागीदारी को अनिवार्य रूप से बढ़ाया जाएगा।
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मेडिकल एजुकेशन पर फोकस
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि पूरे प्रदेश में बेहतर चिकित्सा सेवाओं के लिए निरंतर नए-मेडिकल कॉलेज खुल रहें हैं। इसमें पढ़ने वाले विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त हो सके इसके लिए एक और चिकित्सा विश्वविद्यालय खोले जाने का निर्णय लिया है। इस तरह से प्रदेश में अब 2 चिकित्सा विश्वविद्यालय हो जाएंगे। इसी तरह से हमने प्रदेश में 8 नये आयुर्वेदिक महाविद्यालय का निर्माण प्रारंभ कर दिया है और 9वें का कार्य भी शीघ्र प्रारंभ करेंगे।
हर जिले में होगी एमएसएमई पार्क की स्थापना
सीएम ने कहा कि राज्य सरकार का विजन है कि, हम प्रत्येक जिले में एक एमएसएमई पार्क की स्थापना करेंगे। इसके साथ ही, प्रदेश के 10 एमएसएमई क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। भोपाल में इंजीनियरिंग सेक्टर हेतु 30 करोड़ रुपए की लागत से, नए केन्द्र की स्थापना की जा रही है। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि, औद्योगिक क्षेत्र में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई, विभिन्न नीतियों को भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा, सर्वाधिक निवेश मित्र नीतियों के रूप में सराहा गया है। मध्यप्रदेश की धरती पर ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट- 2027, पुन: भोपाल में आयोजित होने जा रही है। मुझे पूरा विश्वास है कि, यह समिट मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास, निवेश एवं रोजगार की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगी।
बेटी से ही आती है घर में खुशहाली
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत, पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक, महिला सशक्तीकरण के स्वर्णिम युग में प्रवेश कर गया है। मध्य प्रदेश में दिनांक 27 अप्रैल 2026 को विधानसभा के 1 दिवसीय विशेष सत्र में देश की संसद तथा सभी विधानसभाओं में, महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण एवं परिसीमन लागू करने संबंधी ‘’नारी शक्ति वंदन’’ संकल्प पारित किया गया है। “जिस घर में बेटी मुस्काती है, उस घर में खुशहाली आती है; जिस प्रदेश की नारी आगे बढ़ती है, वही धरती नई कहानी गढ़ती है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना‘’ लगभग 1 करोड़ 25 लाख बहनों की जिंदगी को सशक्त बनाने का माध्यम बन गई है। लाड़ली लक्ष्मी योजना से प्रदेश की 53 लाख 55 हजार से अधिक बेटियां जुड़ी हैं।
सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय, अब प्रदेश की पहचान बन गए हैं और इस मॉडल का अनुसरण अन्य प्रदेश भी कर रहे हैं। सांदीपनि विद्यालयों के 50 से अधिक विद्यार्थियों ने, राज्य स्तरीय मेरिट सूची में अपना स्थान बनाया है। वर्ष 2026 के हाई स्कूल परीक्षा परिणाम में प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ 10 जिलों में से 7 जनजातीय बाहुल्य जिले शामिल हैं। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में,प्रदेश में कुल 73 विश्वविद्यालय, 1 हजार 400 से अधिक महाविद्यालय प्रदेश, के 16 लाख से अधिक युवाओं के भविष्य को गढ़ रहे हैं।








