अमेरिका की प्रसिद्ध एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी (एएसयू) ने कंटेंट क्रिएशन में डिग्री प्रोग्राम शुरू किया है। यह कोर्स उन युवाओं के लिए तैयार किया गया है जो सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, डिजिटल स्टोरीटेलर या प्रोफेशनल कंटेंट क्रिएटर बनना चाहते हैं। विश्वविद्यालय का दावा है कि यह डिग्री क्रिएटर इकोनॉमी में करियर बनाने में छात्रों की प्रभावी मदद करेगी। बता दें कि, यूनिवर्सिटी ने अपने वाल्टर क्रोनकाइट स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन के माध्यम से कंटेंट क्रिएशन में एक नई बैचलर डिग्री शुरू की है। इसका सिलेबस एएसयू के मास कम्युनिकेशन और मीडिया स्टडीज डिग्री के सिलेबस से मिलता-जुलता है, लेकिन इसमें मुख्य अंतर पॉडकास्टिंग, स्टूडियो प्रोडक्शन और ऑन-कैमरा प्रेजेंस पर विशेष ऐच्छिक कोर्सेज का होना है।
डिग्री कोर्स की कीमत
एएसयू में, एरिजोना के निवासियों के लिए स्कॉलरशिप को छोड़कर प्रति शैक्षणिक वर्ष की मूल ट्यूशन फीस लगभग 12,000 डॉलर है, लेकिन आवास, भोजन और अन्य शुल्कों को जोड़ने के बाद कुल लागत 37,000 डॉलर से अधिक हो सकती है। एरिजोना के बाहर के छात्रों के लिए, ट्यूशन फीस 35,000 डॉलर से अधिक है और स्कॉलरशिप से पहले कुल लागत लगभग 60,000 डॉलर है।
एएसयू को झेलनी पड़ीं आलोचनाएं
एएसयू के इस कोर्स पर कई पक्षों से तुरंत आलोचना हुईं। कुछ लोगों का मानना है कि कंटेंट क्रिएशन एक वैध पेशा नहीं है, तो कुछ लोग सोशल मीडिया के प्रोफशन में करियर शुरू करने के लिए कॉलेज की डिग्री के महत्व पर सवाल उठा रहे हैं। गौरतलब है कि, छात्रों की घटती संख्या के लिए प्रतिस्पर्धा करने के इच्छुक विश्वविद्यालय, छात्रों को आज के करियर के लिए तैयार करने के उद्देश्य से नए कोर्सेज शुरू कर रहे हैं। हालांकि, इनसे रोजगार मिलने की संभावना पर बहस हो सकती है।
एक्सपर्ट से समझिए इस कोर्स का महत्व
- कॉर्नेल विश्वविद्यालय में संचार की प्रोफेसर ब्रुक एरिन डफी के अनुसार ये कॉलेज कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण मोड़ का प्रतिनिधित्व करते हैं। डफी ने कहा कि पिछले एक साल में शिक्षा और अन्य क्षेत्रों के संस्थानों ने कंटेंट क्रिएशन को एक बेहतर करियर विकल्प के रूप में स्वीकार किया है। भले ही “इन्फ्लुएंसर” शब्द कुछ लोगों को असहज कर दे। डफी ने कहा कि एक आदर्श इन्फ्लुएंसर की छवि आमतौर पर एक “युवा लड़की की होती है जो सेल्फी ले रही होती है और बिना कुछ किए ही जबरदस्त लाभ कमा रही होती है।” लेकिन यह उन कंटेंट क्रिएटर्स के लिए नहीं है, जो मीडिया प्रोडक्शन, ऑडियंस रिटेंशन स्ट्रेटेजी, ब्रांड पार्टनरशिप और अपनी ऑनलाइन उपस्थिति से जुड़े व्यावसायिक संबंधों पर काम कर रहे हैं। डफी के मुताबिक, यह एक समय लेने वाला, श्रमसाध्य काम है जिसमें अक्सर अच्छी तनख्वाह नहीं मिलती, कम से कम शुरुआत में तो नहीं। लेकिन इस बात को अक्सर इस धारणा के पीछे छिपा दिया जाता है कि यह एक सपनों की नौकरी है।
- दूसरे एक्सपर्ट ईमार्केटर के प्रमुख विश्लेषक मैक्स विलेंस के मुताबिक, सोशल मीडिया पहले से ही एक भीड़भाड़ वाला क्षेत्र है, और आने वाले वर्षों में यह और भी अधिक प्रतिस्पर्धी होने वाला है। ईमार्केटर का अनुमान है कि अमेरिका में सोशल मीडिया क्रिएटर्स की आय इस साल 20 अरब डॉलर से ऊपर पहुंच जाएगी, लेकिन विलेंस ने कहा कि यह समझना महत्वपूर्ण है कि इसका व्यक्तिगत क्रिएटर्स के लिए क्या मतलब है। उन्होंने कहा, ‘उस पैसे का अधिकांश हिस्सा क्रिएटर्स की जेब में नहीं जा रहा है।’
- कंटेंट क्रिएटर और अभिनेता सैमी क्रिस्टर्ना ने इस साल एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी से समाजशास्त्र और राजनीति विज्ञान में डिग्री के साथ स्नातक किया, लेकिन उन्होंने कहा कि अगर कंटेंट क्रिएशन प्रोग्राम उपलब्ध होता तो वह निश्चित रूप से उसमें कक्षाएं लेते और इस विषय को मुख्य विषय के रूप में चुनने पर विचार करते। क्रिस्टर्ना ने कहा कि ये कोर्स ब्रांड सौदों पर बातचीत करने, मॉनेटाइजेशन के अवसरों को अधिकतम करने और दर्शकों को आकर्षित करने और बनाए रखने के तरीके सीखने में उपयोगी होते। उन्होंने आगे कहा कि इनमें से कुछ कौशल अनुभव के माध्यम से स्वयं सीखे जा सकते हैं। फिर भी, “औपचारिक शिक्षा प्राप्त करना अच्छा है।”
कई संस्थान कर चुके हैं ऐसे कोर्स की शुरुआत
पिछले कुछ वर्षों में कई उच्च शिक्षा संस्थानों ने उभरते हुए कंटेंट क्रिएशन उद्योग पर केंद्रित पाठ्यक्रम शुरू कर दिए हैं और कई संस्थानों में सर्टिफिकेट या माइनर प्रोग्राम भी उपलब्ध हैं। इनमें सिरैक्यूज़ विश्वविद्यालय, क्विनिपियाक विश्वविद्यालय और कोलोराडो स्टेट यूनिवर्सिटी के नाम शामिल हैं जिन्होंने माइनर कोर्स शुरू किए हैं और सेंट बोनावेंचर विश्वविद्यालय ने भी पूर्व में कंटेंट क्रिएशन में मेजर कोर्स की घोषणा की थी।
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