अमेरिकी कोर्ट के फैसले के बाद लीगल सिस्टम पर मजबूत हुआ गौतम अडाणी का भरोसा, बोले- सच को साबित करने के लिए लड़ना पड़ता है

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अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने बुधवार को अमेरिका में चले मामलों को लेकर अपनी दिल की बात कही। अमेरिका में चल रहे सभी मामले खत्म होने के बाद उन्होंने कहा कि बीते दो साल का वक्त मुश्किल जरूर था, लेकिन उन्हें पूरा यकीन था कि जीत सच्चाई की ही होगी। उन्होंने कहा, ”सच को साबित करने के लिए लड़ना पड़ता है, हौसला रखना होता है, ये लड़ाई आसान नहीं होती, लेकिन अगर आप सही हैं, आपने कुछ गलत नहीं किया, तो डरना नहीं चाहिए।” 

‘अपनी बात, अपनों के साथ’ कार्यक्रम में बोले गौतम अडाणी

अडाणी ने अपने कर्मचारियों और साझेदारों के साथ एक कार्यक्रम ‘अपनी बात, अपनों के साथ’ के दूसरे संस्करण में 2023 में हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट और उसके बाद अमेरिका के न्याय विभाग की ओर से दर्ज मामले पर विस्तार से बात की। ये कार्यक्रम न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत द्वारा अडाणी और उनके भतीजे सागर अडाणी के खिलाफ आपराधिक आरोप खारिज किए जाने के बाद आयोजित हुआ।

लीगल सिस्टम पर और भी ज्यादा मजबूत हुआ भरोसा

गौतम अडाणी ने कहा कि अमेरिकी कोर्ट के फैसले के बाद लीगल सिस्टम पर उनका भरोसा और भी ज्यादा मजबूत हुआ है। इसके बाद गौतम अडाणी ने देश के नौजवानों को भी एक संदेश दिया।  अडाणी ने कहा, ”देश के नौजवान ऊर्जा से भरे हैं, मेहनती भी हैं। लेकिन, सफलता के लिए मेहनत के साथ साथ संयम भी जरूरी है।” उन्होंने कहा कि जब वो घर से निकले थे, तो उनके पास कुछ नहीं था। उन्होंने मेहनत की, ईमानदारी से अपना काम किया और उनका संघर्ष रंग लाया। इसीलिए उन्होंने नौजवानों को संदेश देते हुए कहा कि कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं हैं।

लगातार हुए हमलों के बावजूद नहीं घबराए गौतम अडाणी

बीते 12 सालों अडाणी पर लगातार राजनीतिक हमले हुए। लेकिन, उन्होंने कभी पलट कर वार नहीं किया। अमेरिकी ताकतों ने दो-दो बार अडाणी को बर्बाद करने की कोशिश की। लेकिन, वो घबराए नहीं। इसी विनम्रता और लड़के की ताकत ने अडाणी की को इतना बड़ा बनाया। आप की अदालत में अडाणी ने अपनी जिंदगी के बारे में काफी बातें बताई थीं और उसी दौरान एक बड़ी बात सामने आई थी कि उन्होंने लाखों लोगों को रोजगार दिया है, लाखों लोग उनके काम से अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं। अडाणी अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा गरीब परिवारों के स्वास्थ्य, सुविधाओं और बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं।

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