भारतीय स्ट्रीट फूड की लोकप्रियता दुनिया भर में बढ़ रही है। भारत की सरल लेकिन स्वादिष्ट डिशेज विदेशियों को भारत से जोड़ने का काम कर रही है। ऐसे वायरल वीडियो उसी खुशी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का खूबसूरत उदाहरण है। भारतीय स्ट्रीट फूड की दुनिया में गोलगप्पा या पानीपुरी का कोई सानी नहीं। कुरकुरी पुरी, चटपटा पानी और मसालों का मेल विदेशियों को भी दीवाना बना देता है। हाल ही में एक जर्मन महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने पहली बार गोलगप्पे का स्वाद चखा और ऐसा मजेदार रिएक्शन दिया कि देखने वाले हंस पड़े। इस मज़ेदार वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे वह इस लोकप्रिय भारतीय स्ट्रीट फ़ूड का नाम बोलने की कोशिश करते हुए उत्साहित हो जाती है, लेकिन अंत में उसे “टोलगप्पा” बोल देती हैं।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @carinaxaman नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में महिला गोलगप्पे के ठेले के सामने खड़ी होकर इस मशहूर स्ट्रीट फूड को चखने की तैयारी करती नजर आ रही है। नाम बोलने की कोशिश में वह गलती से इसे “टोलगप्पा” कह देती है। फिर वह एक गोलगप्पा उठाती है, जबकि उसका साथी उसे याद दिलाता है कि इसे एक ही बार में खा लेना। कैप्शन में लिखा है, “उसने इसे ‘गोलगप्पा’ कहा। पहली बार गोलगप्पा खा रही हूं!” पहला गोलगप्पा खाते हुए, वह इस अनुभव का भरपूर आनंद उठाती हुई दिखाई देती हैं और कहती हैं, “भारतीय खाना वाकई बहुत अच्छा है।” उसकी सच्ची प्रतिक्रिया और हंसमुख चेहरे ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
इस वीडियो को देखने के बाद कई लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। कई लोगों ने कमेंट सेक्शन में दिल वाले इमोजी और प्यार भरे संदेशों की बाढ़ ला दी। कुछ दर्शकों को तोलगप्पा का उनका उच्चारण प्यारा लगा, वहीं कुछ ने भारतीय स्ट्रीट फूड की दुनिया में उनका स्वागत किया। इस वीडियो ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय स्ट्रीट फूड की ताकत सिर्फ स्वाद में नहीं, बल्कि उस खुशी में भी है जो वह बांटता है। जर्मन महिला का मासूम रिएक्शन और ‘टोलगप्पा’ वाली गलती वीडियो को यादगार बना गई। लोग बार-बार देखकर मुस्कुरा रहे हैं और कह रहे हैं कि भारतीय खाने की कोई तुलना नहीं।
गौरतलब है कि, इससे पहले भी एक विदेशी का गोलगप्पे खाते वीडियो वायरल हुआ था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
ये भी पढ़ें –








