Highlights
- झारखंड में 5 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना, 10 जिलों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी।
- जमशेदपुर में खरकई और स्वर्णरेखा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
- गढ़वा में बाढ़ और जलभराव के खतरे के कारण 2-3 सितंबर को स्कूल बंद रहेंगे।
रांची: झारखंड में भारी बारिश के दौर को देखते हुए मौसम विभाग ने राज्य के 10 जिलों में फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ का अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, राज्य में 5 सितंबर तक बादल छाए रहने और भारी बारिश की संभावना है। बुधवार सुबह तक 4 जिलों में बहुत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट और 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बताया है कि बुधवार को झारखंड के उत्तर-पश्चिमी जिलों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है।
10 जिलों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट
IMD ने बुधवार सुबह तक गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सिमडेगा में फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई। सोमवार से अब तक पूर्वी सिंहभूम के डुमरिया में सबसे ज्यादा 217 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद गिरिडीह के डुमरी में 162.2 मिलीमीटर और लातेहार के महुआडांड़ में 146.2 मिलीमीटर बारिश हुई।
4 जिलों में रेड अलर्ट, 5 में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने बुधवार सुबह तक गढ़वा, पलामू, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में बहुत भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। रेड अलर्ट का मतलब है कि लोगों और प्रशासन को तुरंत जरूरी कदम उठाने चाहिए। वहीं लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी और सरायकेला-खरसावां में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसका मतलब है कि इन इलाकों में भारी बारिश के खतरे को देखते हुए लोगों को सावधान और तैयार रहने की जरूरत है। मौसम कार्यालय के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने कहा,
‘कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।’
मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार को झारखंड के उत्तर-पश्चिमी जिलों गढ़वा, पलामू, चतरा और लातेहार में भारी बारिश हो सकती है। गुरुवार और शुक्रवार को भी राज्य के कई हिस्सों में इसी तरह का मौसम रहने की संभावना है। कुल मिलाकर राज्य में 5 सितंबर तक बारिश और बादल छाए रहने का अनुमान है।
जमशेदपुर में दोनों नदियां खतरे के निशान से ऊपर
लगातार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण पूर्वी सिंहभूम के जमशेदपुर में खरकई और स्वर्णरेखा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। पड़ोसी ओडिशा के बांधों से पानी छोड़े जाने के साथ ही झारखंड के चांडिल बांध और गालूडीह बैराज से पानी छोड़े जाने का भी नदियों के जलस्तर पर असर पड़ा है। डिप्टी कमिश्नर राजीव रंजन के मुताबिक, आदित्यपुर ब्रिज के पास खरकई नदी का जलस्तर 133.10 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 4.10 मीटर ऊपर है। वहीं, मानगो ब्रिज के पास स्वर्णरेखा नदी 122.60 मीटर पर बह रही थी, जबकि यहां लाल निशान यानी खतरे का स्तर 121.50 मीटर है। जलस्तर बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की है।
गढ़वा में 2 और 3 सितंबर को स्कूल बंद
भारी से बहुत भारी बारिश और बाढ़ के खतरे को देखते हुए गढ़वा जिला प्रशासन ने 2 और 3 सितंबर को जिले के सभी स्कूल बंद रखने का आदेश दिया है। जिला प्रशासन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, भीषण बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव की आशंका है। इसे देखते हुए डिप्टी कमिश्नर पशुपति नाथ मिश्रा ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और जिला शिक्षा अधीक्षक (DES) को 2 और 3 सितंबर को सभी स्कूल बंद रखने का निर्देश दिया है। हालांकि, इन दो दिनों में स्कूलों में सिर्फ गैर-शैक्षणिक काम होंगे। सभी शिक्षक और संबंधित कर्मचारी अपने-अपने स्कूलों में मौजूद रहेंगे।
झारखंड में तापमान भी रहा 30 डिग्री के आसपास
बारिश के बीच राज्य में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। दुमका सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद पाकुड़ में 31.3 डिग्री और डाल्टनगंज में 30.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। इस तरह देखा जाए तो झारखंड में अगले कुछ दिन बरसात जारी रहने की संभावना है और कुछ जिलों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। बता दें कि इससे पहले भी खबर आई थी कि सूबे के जमशेदपुर में बाढ़ का खतरा बना हुआ है और बोकारो के घरों में पानी घुस गया है। (PTI से इनपुट्स के साथ)
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