लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 41 फर्जी डॉक्टर पकड़े गए हैं। ये सभी आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं और फर्जी डिग्री से आयुर्वेदिक तथा यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड में रजिस्ट्रेशन करवाकर प्रैक्टिस कर रहे थे। बोर्ड ने लखनऊ पुलिस को इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी है।
पिछले 15 साल से रजिस्टर्ड डॉक्टरों की डिग्री जांच करने के भी आदेश
बोर्ड ने पिछले 15 साल से रजिस्टर्ड डॉक्टरों की डिग्री जांच करने के भी आदेश दिए हैं। जिन 41 डॉक्टरों पर FIR के आदेश हुए हैं उनकी अब तक की जांच में बोर्ड को पता चला है कि इन 41 के पास अलग-अलग जगहों से जाली BAMS की डिग्री, फर्जी मार्कशीट्स, इंटर्नशिप सर्टिफिकेट और भारतीय चिकित्सा परिषद हरियाणा के नाम पर जाली NOC है और इन जाली कागजातों से इन्होंने रजिस्ट्रेशन करा रखा है।
दरअसल यूनानी और आयुर्वेदिक डॉक्टरों को सरकार के आयुष विभाग का आयुर्वेदिक और यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड में रजिस्ट्रेशन कराना होता है। इन सभी ने अपनी मार्कशीट, डिग्री और दूसरे डाक्यूमेंट्स से बोर्ड में रजिस्ट्रेशन कराया।
बोर्ड ने इन सभी डाक्यूमेंट्स को वेरीफाई भी किया। इनकी जब शिकायत हुई और जांच कराई गई तो यूनिवर्सिटी ने इन डिग्री को फर्जी बताया। अब बोर्ड ने पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने को कहा है।
योगी सरकार के मंत्री का सामने आया बयान
योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर का इस मामले में बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, “अखिलेश सरकार में बड़े पैमाने पर फर्जी डिग्रियां बांटी गईं लेकिन अब सरकार सभी फर्जी डिग्री की जांच करा रही है।”
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