चीनी की मिल कीमत ₹5500 प्रति क्विंटल के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर, खुदरा कीमत में भी 13% की बढ़ोतरी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

[ad_1]

मंगलवार को देश में चीनी की औसत मिल कीमतें 5400 रुपये से लेकर 5500 रुपये प्रति क्विंटल के अभी तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले 2026-27 सत्र के लिए शुरुआती स्टॉक कम रहने की संभावना के चलते चीनी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। एक उद्योग निकाय ने मंगलवार को ये जानकारी दी। बताते चलें कि एक साल पहले चीनी की औसत मिल कीमत 3900 रुपये प्रति क्विंटल थी, जिससे पता चलता है कि सालाना आधार पर इसमें भारी बढ़ोतरी हुई है। 

चीनी की औसत खुदरा कीमत में 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मिल दरों में बढ़ोतरी के साथ ही चीनी की औसत खुदरा कीमत भी 13 प्रतिशत बढ़कर 18 अगस्त को 52.3 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जो एक साल पहले 46.34 रुपये प्रति किलोग्राम थी। नए 2026-27 सत्र (अक्टूबर-सितंबर) के लिए शुरुआती स्टॉक के 50 लाख टन की घरेलू जरूरत से कम रहने की संभावना है। 

सरकार ने आंकड़ों को लेकर नहीं दिया अंतिम रूप

हालांकि, सरकार ने अभी तक इस आंकड़े को अंतिम रूप नहीं दिया है। अनुमानों में काफी अंतर है। उद्योग का एक वर्ग पहले का बचे स्टॉक को 40 से 42 लाख टन मानता है, जबकि शोधकर्ता बचे हुए स्टॉक को कम बता रहे हैं। उनका कहना है कि पहले का बचा हुआ स्टॉक 32 से 35 लाख टन है, जो नए सत्र की शुरुआत में सप्लाई की तंगी की स्थिति की ओर इशारा करता है। इसकी तुलना में, मौजूदा 2025-26 सत्र की शुरुआत 1 अक्टूबर, 2025 को 47 लाख टन के शुरुआती स्टॉक के साथ हुई थी।

देश में चीनी की घरेलू जरूरत 285 लाख टन

शुरुआती स्टॉक, इस साल 280 लाख टन के अनुमानित उत्पादन और 7 लाख टन के निर्यात को ध्यान में रखते हुए, 2025-26 के लिए कुल उपलब्धता 320 लाख टन बैठती है। जबकि, देश में चीनी की घरेलू जरूरत 285 लाख टन की होती है। इससे 35 लाख टन का पहले का स्टॉक बचता है, जो 50 लाख टन की जरूरत से भी कम है और इससे चीनी की मिल कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है। 

चीनी मिलों द्वारा बेचे जा रहे चीनी के स्टॉक पर कड़ी नजर

खाद्य मंत्रालय देश भर की चीनी मिलों द्वारा बेचे जा रहे चीनी के स्टॉक पर कड़ी नजर रख रहा है। मिलों को निर्देश दिया गया है कि वे ऑनलाइन फॉर्म और जांचे गए ईमेल आईडी का इस्तेमाल करके खरीदारों को बेचे गए और उनके द्वारा उठाए गए स्टॉक की सही जानकारी दें, ताकि देश में चीनी की उपलब्धता की साफ तस्वीर मिल सके।

PTI Inputs

ये भी पढे़ं

Bank of India में 12 महीने की FD पर कितना मिल रहा ब्याज, सीनियर सिटीजन के लिए क्या है ब्याज दरें



[ad_2]

Source link

Kaushal kumar
Author: Kaushal kumar

Leave a Comment

और पढ़ें