जम्मू-कश्मीर में कब होंगे पंचायत और DDC चुनाव? नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा- ‘सही समय पर जवाब देंगे’, बढ़ा गया राजनीतिक विवाद

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क्या जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल होने तक पंचायत और जिला विकास परिषद यानी DDC चुनाव नहीं हो सकते? यह संकेत तब मिला जब चुनाव आयोग ने सत्ताधारी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस से इस महीने के आखिर तक चुनाव प्रक्रिया की औपचारिकताएं पूरी करने को कहा। दूसरी ओर सत्ताधारी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने साफ कर दिया है कि चुनाव कराने का यह सही समय नहीं है।

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

जम्मू-कश्मीर में लंबे समय से रुके हुए पंचायत और जिला विकास परिषद चुनावों का भविष्य एक नया राजनीतिक मुद्दा बन गया है। राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने सरकार से कहा है कि अगर इस साल चुनाव कराने हैं, तो अगस्त के आखिर तक इस पर फैसला लिया जाए। राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक, अगर इस महीने के आखिर तक फैसला हो जाता है, तो चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है और अक्टूबर-नवंबर में वोटिंग हो सकती है। देरी होने पर चुनाव मार्च-अप्रैल 2027 तक टल सकते हैं, क्योंकि दिसंबर से बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के कारण चुनाव कराना मुश्किल हो सकता है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने चुनाव को लेकर क्या कहा?

नेशनल कॉन्फ्रेंस के सीनियर नेता और पार्टी प्रवक्ता तनवीर सादिक ने चुनावों के समय को राज्य का दर्जा बहाल करने से जोड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार “सही समय” पर चुनाव आयोग को जवाब देगी। उन्होंने कहा- “रिपोर्ट सही समय पर आएगी, जैसे दिल्ली हमें राज्य का दर्जा देने के लिए सही समय बताती रहती है। उसी तरह, हम इसे चुनाव आयोग को देंगे। जम्मू-कश्मीर में एक चुनी हुई सरकार है। यह बहुमत वाली सरकार है, और सरकार की केंद्र से कई मांगें हैं जो पूरी नहीं हुई हैं। हमें बताया गया था कि पहले परिसीमन होगा और फिर राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। ऐसा अभी तक नहीं हुआ है। राज्य का दर्जा अहम है। क्या वे इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि BJP सत्ता में आए और फिर हमें राज्य का दर्जा दे? BJP कभी भी जम्मू-कश्मीर में सत्ता में नहीं आएगी।” बता दें कि कुछ ही समय पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा दिलाने के लिए दिल्ली में प्रदर्शन भी किया था।

स्थानीय संस्थाओं का कार्यकाल खत्म हो चुका

जम्मू-कश्मीर में कई चुनी हुई स्थानीय संस्थाओं का कार्यकाल पहले ही खत्म हो चुका है। पंचायतों का कार्यकाल 9 जनवरी 2024 को खत्म हुआ, जबकि ब्लॉक विकास परिषदों (BDCs) का कार्यकाल भी पूरा हो गया। नगर निकायों का कार्यकाल अक्टूबर-नवंबर 2023 में पूरा हो गया। DDC का पांच साल का कार्यकाल 24 फरवरी, 2026 को खत्म हुआ। ये चुनाव काफी अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि इनसे लंबे समय के बाद जमीनी स्तर पर चुनी हुई संस्थाएं फिर से बहाल होंगी। जम्मू-कश्मीर में पहली बार पंचायती राज व्यवस्था के तीनों स्तरों पर एक साथ चुनी हुई संस्थाएं बनाई गई थीं।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के पास सिर्फ एक बहाना- BJP

इस पूरे मुद्दे पर BJP नेता अल्ताफ ठाकुर ने कहा- “नेशनल कॉन्फ्रेंस के पास सिर्फ एक बहाना है, और वह है राज्य का दर्जा (स्टेटहुड)। क्या नेशनल कॉन्फ्रेंस सिर्फ राज्य के दर्जे के एक कारण से जम्मू-कश्मीर के विकास को रोक रही है? चुनी हुई पंचायती राज संस्थाओं के न होने से ग्रामीण इलाकों में विकास पर असर पड़ रहा था, खासकर स्थानीय निकायों के लिए फंड के प्रवाह और उसके इस्तेमाल पर। पंचायत निकायों के लिए जो विकास फंड आता था, वह नहीं आ रहा है क्योंकि चुनाव नहीं हो रहे हैं, और नेशनल कॉन्फ्रेंस की वजह से ही ये चुनाव नहीं हो रहे हैं। गांवों और दूर-दराज के इलाकों में लोगों को पानी और बिजली की जरूरत है। वे हर बार राज्य के दर्जे का मुद्दा नहीं उठा सकते।”

PDP ने की चुनाव कराने की मांग

पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) ने भी बिना और देरी किए चुनाव कराने की मांग की है। PDP नेता गुलाम नबी हंजूरा ने कहा कि लोकतंत्र के कामकाज के लिए पंचायत चुनाव जरूरी हैं और उन्होंने सरकार की आलोचना की कि राज्य चुनाव आयोग द्वारा तैयारियां चल रही हैं, यह बताने के बावजूद सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया। पीडीपी नेता जीएच नबी हंजुरा ने कहा- “पंचायत चुनाव बहुत ज़रूरी हैं। ये होने चाहिए। किसी भी लोकतंत्र के लिए पंचायत चुनाव जरूरी हैं, लेकिन दो साल से ये नहीं हुए हैं। हमारे पास DDC नहीं हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस चुनाव नहीं कराना चाहती। सरकार का बार-बार ‘सही समय’ का जिक्र करना काफी नहीं था और यह साफ करने की मांग की गई कि वह समय असल में कब आएगा। चुनाव आयोग ने कहा है कि वह चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि चुनाव सही समय पर होंगे। यह सही समय कब होगा? जैसे BJP कहती है कि राज्य का दर्जा बहाल करने का सही समय आएगा, वैसे ही उमर अब्दुल्ला कहते हैं कि पंचायत चुनाव सही समय पर होंगे। मैं चाहता हूं कि ये पंचायत चुनाव जल्द से जल्द हों।”

चुनावी को लेकर अनिश्चितता बढ़ी

राज्य चुनाव आयोग की अगस्त की समय-सीमा पास आ रही है, ऐसे में सरकार के सामने एक ऐसा फैसला लेने की चुनौती है जो यह तय कर सकता है कि जम्मू-कश्मीर में लंबे समय से लंबित पंचायत और DDC चुनाव सर्दियों से पहले होंगे या 2027 तक टाल दिए जाएंगे। इस बीच, राज्य का दर्जा बहाल करने को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद ने चुनावी प्रक्रिया में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है।

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Author: Kaushal kumar

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