Rajat Sharma’s Blog: GDP की दर 7.8: ये मोदी ने कैसे हासिल किया?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7.8 प्रतिशत तिमाही GDP वृद्धि दर हासिल करने पर देशवासियों को बधाई दी और विपक्ष के नेताओं को आईना भी दिखाया। मोदी ने कहा, जो लोग देश को निराशा के गर्त में धकेलना चाहते हैं, उनकी सारी कोशिशें बेकार हो गईं।

दुनिया की दो बड़ी आर्थिक शक्तियां हैं, चीन और अमेरिका। चीन की GDP वृद्धि दर 4.3 और अमेरिका की सिर्फ 2.1 प्रतिशत है। GDP में देश के सर्विस सेक्टर (10) और मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर (9.2 प्रतिशत) का योगदान सबसे ज्यादा है। इसका मतलब है देश में उत्पादन और खपत दोनों बढ़ रही है। ये किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने GDP आंकड़ों को सरकार का पब्लिसिटी स्टंट करार दिया। खर्गे ने कहा, अगर अर्थव्यवस्था की हालत इतनी अच्छी है तो फिर बेरोजगारी की दर 40 प्रतिशत से ज्यादा कैसे पहुंच गई। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ये अंगूर खट्टे हैं जैसी स्थिति है।

आज किसी दोस्त ने मुझे राहुल गांधी का वो वीडियो भेजा, जिसमें वो रिपोर्टर्स से बार बार कह रहे हैं कि ‘Indian Economy Is Dead’. राहुल अपने बयान पर इतने फिदा थे कि बार-बार रिपोर्टर्स  से पूछ रहे थे कि आप इतने हैरान क्यों हैं? मोदी ने उसी ‘झूठ की गूंज’ और नकारात्मक रुख का जिक्र किया।

ये तो बड़ा स्पष्ट था कि खाड़ी युद्ध ने तेल की कीमतें बढ़ा दीं, सप्लाई चेन को डिस्टर्ब कर दिया, दुनिया में हर मुल्क की आर्थिक वृद्धि  पर असर पड़ा तो हमारे यहां भी खराब असर पड़ सकता था लेकिन मोदी ने कुछ तो किया होगा कि इस तिमाही में GDP दर दुनिया में सबसे बेहतर रही।

भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रही है। इसकी वजह है कि भारत ने मैन्यूफैक्चरिंग के फोकस को दुनिया की जरूरतों के हिसाब से शिफ्ट किया, Production Linked Incentive दिए, 40 देशों के साथ Free Trade Agreements हुए, MSME को Support किया।

इन सबका असर हुआ। इसका एक सबूत ये भी है कि पिछले साल अगस्त में GST वसूली 1.74 लाख करोड़ रुपए थी। इस बार अगस्त में ये बढ़ कर 2 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गयी।

अब कोई इन आंकड़ों को नकारना चाहे, इन्हें PR कहे, तो ये नकारात्मक सोच के अलावा और क्या हो सकता है? अगर दुनिया में युद्ध का संकट न होता, अगर कोविड ने दो साल बर्बाद न किए होते, तो सोचिए भारत का आर्थिक विकास कहां जा पहुंचता?

मोदी ने इस विकास का श्रेय भारत के लोगों की मेहनत और कुशलता को दिया है, पर ये नहीं भूलना चाहिए कि एक मजबूत नेता और स्थिर सरकार के बिना ये संभव नहीं था।

सेमीकंडक्टर चिप्स: पहले भारत आयात करता था, अब निर्यात शुरू

जीडीपी ग्रोथ रेट कैसे बढ़ा, इस सवाल का जवाब दिया IT मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने। कहा, कि इस वक्त दुनिया में सबसे ज्यादा मांग है सेमीकंडक्टर चिप की। पिछले कुछ सालों तक भारत 99 परसेंट सेमीकंडक्टर चिप का आयात करता था लेकिन अब भारत निर्यातक हो गया है। ये बहुत बड़ा बदलाव है।

इस वक्त दुनियाभर में सेमीकंडक्टर चिप का बाजार चालीस लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का है। सरकार ने सेमीकॉन 2.0 लॉन्च मिशन लांच किया है, इस पर 1 लाख 27 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर चिप की पूरी सप्लाई चेन खड़ी करेगा। पहले तय था, दस साल में 85 हजार इंजीनियर तैयार होंगे, लेकिन देश ने ये लक्ष्य चार साल में ही हासिल कर लिया।

सेमीकंडक्टर किस चिड़िया का नाम है, ये अश्विनी वैष्णव ने एक शिक्षक की तरह समझाया और बताया, Chip का इस्तेमाल कहां कहां होता है, इसे कैसे बनाया जाता है और देश भर में हमारे छात्रों ने Chips के कैसे कैसे Designs बनाए हैं।

मुझे अश्विनी वैष्णव की सबसे अच्छी बात ये लगी कि जो छात्र सेमीकंडक्टर में दिलचस्पी रखते थे, उनसे उन्होंने कमेंट्स मांगे और फिर ये कहा कि उन कमेंट्स को स्टडी करके उसका Explainer वह Upload करेंगे।

चिप्स बनाने में देश के कुशल युवाओं को Involve करने और उनकी Intelligence को Recognize करने का ये अच्छा तरीका है। सेमीकंडक्टर में देश के नौजवानों को Involve करना जरूरी क्यों है, ये भी समझने की जरूरत है।

अब तक भारत चीन, अमेरिका, ताइवान, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया से चिप्स का आयात करता है। 2017 से 2025 के बीच हमने 15 लाख करोड़ रु. के चिप्स का आयात किया।

अश्विनी वैष्णव ने सॉलिड प्लान बनाया, उत्पादन शुरू हो चुका है। अगले 10 साल में भारत न केवल आत्मनिर्भर होगा बल्कि सेमीकंडक्टर चिप्स का निर्यात भी करेगा। सेमीकॉन इंडिया के तहत 6 राज्यों में 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। तीन सेमीकंडक्टर प्लांट में उत्पादन शुरू हो चुका है। तीनों प्लांट गुजरात के साणंद में है। भारत मलेशिया को सेमीकंडक्टर चिप का निर्यात शुरू कर चुका है। 

CJP प्रोटेस्ट: Happy Ending, पर पिक्चर अभी बाकी है

सरकार के अनुरोध पर सुप्रीम कोर्ट ने अपने विशेष अधिकारों का इस्तेमाल करके शान्तिपूर्ण प्रोटेस्ट करने वाले सभी युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज की गई FIR रद्द करने का आदेश दे दिया।

दूसरी तरफ कॉकरोच जनता पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उन्होंने 5 सितंबर को दिल्ली के इंडिया गेट से होने वाले मार्च को वापस लेने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट ने CJP के इस रुख की तारीफ की। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी साफ किया कि प्रदर्शन में जो 2800 से ज्यादा आपराधिक इतिहास वाले लोग शामिल थे वो इस दायरे में नहीं आएंगे। उनके खिलाफ दिल्ली पुलिस अलग से FIR दर्ज करेगी।

NEET परीक्षा रद्द होने के बाद जिन छात्रों ने आत्महत्या की थी, उनके परिवारों को मुआवजा देने के लिए सरकार ने कोर्ट में कहा कि 90 दिन में इन सभी परिवारों के लिए एक नीति बनाएगी।

कॉकरोच जनता पार्टी जिन Chief Justice Of India के कमेंट से पैदा हुई थी, कल सौरव दास ने सुप्रीम कोर्ट के उन्हीं Chief Justice को हाथ जोड़कर Thank You कहा और Justice सूर्यकांत ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं।

CJP का सरकार से चला आ रहा टकराव भी खत्म हुआ। दोनों केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने जो वादे किए थे, वो पूरे कर दिए। CJP ने भी पांच सितंबर को अपने मार्च की कॉल वापस ले ली।

पुराने जमाने की हिंदी फिल्मों की तरह आखिर में यही हुआ कि ‘जो लड़ाई तुम ने शुरू की थी, वो हमने खत्म कर दी’। अब हम साथ-साथ हैं। Happy Ending, लेकिन पिक्चर अभी बाकी है।

देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 1 सितंबर, 2026 का पूरा एपिसोड





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