35% प्रीमियम के साथ हुई थी IPO की लिस्टिंग, पहले दिन 48% की बढ़त लेकर बंद हुआ Shiprocket का शेयर

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लॉजिस्टिक बिजनेस से जुड़ी कंपनी शिपरॉकेट आज घरेलू शेयर बाजार में लिस्ट हो गई। कंपनी ने स्थानीय बाजार में छप्परफाड़ एंट्री मारी और 97 रुपये के इश्यू प्राइस की तुलना में 48 प्रतिशत की बढ़त लेकर पहले दिन का कारोबार बंद किया। बुधवार को बीएसई पर कंपनी का शेयर 33.50 प्रतिशत की बढ़त के साथ 129.50 रुपये पर लिस्ट हुआ था। कारोबार के आखिर में ये 47.93 प्रतिशत की बढ़त के साथ 143.50 रुपये पर बंद हुआ। 

एनएसई पर 35% की बंपर बढ़त लेकर लिस्ट हुआ था कंपनी का शेयर

बीएसई के अलावा, कंपनी के शेयरों ने एनएसई पर भी बंपर ओपनिंग की। एनएसई पर कंपनी के शेयर ने 131 रुपये पर शुरुआत की जो इश्यू प्राइस से 35 प्रतिशत ज्यादा है। पहले दिन के कारोबार के अंत में ये एनएसई पर 47.88 प्रतिशत की तेजी के साथ 143.45 रुपये पर बंद हुआ। पहले दिन का कारोबार बंद होने के बाद कंपनी का मार्केट कैप 10,440.74 करोड़ रुपये रहा। 

शिपरॉकेट के आईपीओ को मिला था 99.38 गुना सब्सक्रिप्शन 

शिपरॉकेट लिमिटेड के आईपीओ को निवेशकों का जोरदार समर्थन मिला था। पिछले हफ्ते शुक्रवार को आखिरी दिन कंपनी के आईपीओ को 99.38 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। बताते चलें कि शिपरॉकेट लिमिटेड का आईपीओ बुधवार, 12 अगस्त को खुला था और 14 अगस्त को बंद हुआ था। 14 अगस्त को आईपीओ बंद होने के बाद 17 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट किया गया था। जिसके अगले ही दिन, 18 अगस्त को निवेशकों के डीमैट अकाउंट में शेयर क्रेडिट कर दिए गए थे।

कंपनी ने फिक्स किया था 92-97 रुपये का प्राइस बैंड

कंपनी ने इस आईपीओ से 1,617 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिसके लिए कुल 16,67,61,566 शेयर अलॉट किए गए थे। शिपरॉकेट ने अपने आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर के लिए 92-97 रुपये का प्राइस बैंड फिक्स किया था और 97 रुपये के भाव पर शेयर जारी किए थे। इस आईपीओ में 885 करोड़ रुपये के 9,12,99,203 फ्रेश शेयर जारी किए गए थे। जबकि, कंपनी के प्रोमोटर्स ने ओएफएस के जरिए 732 करोड़ रुपये के 7,54,62,363 शेयर बेचे हैं। 

मार्केटिंग, आईटी इंफ्रा, कर्ज चुकाने में इस्तेमाल होंगे पैसे

कंपनी ने सेबी के पास जमा किए गए दस्तावेजों में बताया था कि नए शेयरों की बिक्री से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल मार्केटिंग में निवेश और अपने मुख्य और उभरते हुए बिजनेस के लिए आईटी इंफ्रा को मजबूत करने में किया जाएगा। इसके अलावा, कुछ पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, संभावित अधिग्रहण और सामान्य कारोबारी उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। 

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Author: Kaushal kumar

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