बिहार के चर्चित EO हत्याकांड की गुत्थी उलझी, आरोपी चालक की पत्नी ने कहा ‘ पुलिस के टॉर्चर से बदला बयान, SIT करेगी जांच

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

[ad_1]

बिहार के डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या का मामला उलझता जा रहा है। अब इस हत्याकांड में एक नया मोड़ आया है। इस मामले में मुख्य आरोपी और विमल कुमार के चालक मिथिलेश कुमार के कथित कबूलनामे के बाद भी मामले पर उठ रहे है। आरोपी की पत्नी आरती देवी के बयान ने पूरे घटनाक्रम को और भी उलझा दिया है। उन्होंने दावा किया है कि उनके पति को एक सुनियोजित साजिश के तहत हत्या के मामले में फंसाया गया है और पुलिस के दबाव में उनसे अपराध स्वीकार कराया गया है। 

चालक मिथिलेश कुमार की पत्नी ने लगाए आरोप

मुख्य आरोपी मिथिलेश कुमार की पत्नी आरती देवी ने कहा कि उनके पति निर्दोष हैं और उन्हें जानबूझकर इस मामले में फंसाया गया है। उनका कहना है कि उनके पति ने कभी घर पर अपने काम को लेकर तनाव, दबाव या कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार के साथ किसी विवाद का जिक्र नहीं किया था। आरती देवी का कहना है कि उनके पति अपने अधिकारी के व्यवहार और काम की बहुत तारीफ करते थे और दोनों के अच्छे संबंध थे।

पुलिस के दबाव में बदला पति ने बयान

आरती देवी ने आरोप लगाया कि पुलिस के दबाव में आकर उनके पति ने हत्या की बात स्वीकार की है, जबकि वास्तविकता कुछ और ही है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण के पीछे किसी दूसरे व्यक्ति की भूमिका हो सकती है, हालांकि उन्होंने किसी विशेष व्यक्ति का नाम लेने या किसी पर संदेह होने से इनकार किया है।

बाइट- आरती देवी (आरोपी मिथिलेश कुमार की पत्नी)

विमल कुमार की पत्नी ने बताया राजनीतिक साजिश 

आपको बता दें इससे पहले दिवंगत कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की पत्नी बबीता कुमारी भी इस हत्याकांड को एक साजिश करार दे चुकी हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि हत्या के पीछे राजनीतिक साजिश हो सकती है और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। ऐसे में अब आरोपी की पत्नी के बयान सामने आने के बाद यह मामला और अधिक संवेदनशील और पूरे बिहार में चर्चाओं का विषय बन गया है।

मुख्यमंत्री से निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग

आरती देवी ने राज्य सरकार से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि मामले की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराई जाती है तो सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जांच किसी भी प्रकार के दबाव या पूर्वाग्रह से मुक्त होकर कराई जाए, जिससे असली दोषियों की पहचान हो सके और उनके परिवार को न्याय मिल सके। आरती देवी ने बताया कि उनके पति एक साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आते हैं। पूरे परिवार का खर्च उनके पति की कमाई से ही चलता है। उनके जेल जाने के बाद पूरे परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मुख्य आरोपी मिथिलेश कुमार डेहरी मुफस्सिल थाना के कौवाखोंच गांव का निवासी है।

SIT कर रही है मामले की जांच 

इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में लगातार सामने आ रहे नए तथ्यों, आरोप-प्रत्यारोप और साजिश की आशंकाओं को देखते हुए मगध रेंज के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा के नेतृत्व में गठित एसआईटी पूरे मामले की बारीकी से जांच करेगी।

इनपुट: रंजन सिंह (रोहतास) 

 



[ad_2]

Source link

Kaushal kumar
Author: Kaushal kumar

Leave a Comment

और पढ़ें