भारतीय रेल में एक यात्री ने परिवार के साथ यात्रा करते हुए सहयात्रियों द्वारा शराब पीने पर आपत्ति जताई। वीडियो में वह पुलिस से मदद मांगता नजर आता है और कहता है कि स्थिति से वह असहज महसूस कर रहा है। यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है।
एक्स पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को एक्स पर @Strongindia28 नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में एक व्यक्ति अपने परिवार के साथ ट्रेन में यात्रा कर रहा है। पास में बैठे कुछ यात्री कथित तौर पर शराब पी रहे थे। व्यक्ति ने उनसे कहा कि ट्रेन में शराब नहीं पी सकते। उसने बोतलों की ओर इशारा करते हुए बताया कि सब कैमरे में कैद हो चुका है। परिवार और बच्चे भी उसी इलाके में यात्रा कर रहे थे, इसलिए स्थिति असहज हो गई थी। व्यक्ति पुलिस कर्मियों के पास गया और कार्रवाई की मांग की। उसने कहा-“मैं अपनी सीट पर असहज हूं। आप लोग शराब पी रहे हैं, यही मेरी समस्या है भाई।” उसने अनुरोध किया कि शराब जब्त की जाए। पुलिस अधिकारी ने लिखित शिकायत दर्ज कराने को कहा। व्यक्ति ने सीट बदलने की भी गुहार लगाई क्योंकि परिवार के साथ असहज महसूस हो रहा था। उसने बताया कि उसकी बेटी वहीं बैठी है।
क्या कहता है नियम
रेलवे अधिनियम की धारा 145 के तहत ट्रेन या रेलवे परिसर में नशे की हालत में उपद्रव, अभद्रता या यात्रियों को परेशान करना अपराध है। शराब पीना और नशे में हंगामा करना दंडनीय है। जुर्माना 500 से 1000 रुपये तक और छह महीने तक की जेल हो सकती है। टिकट जब्त कर अगले स्टेशन पर उतारा जा सकता है। फिर भी ऐसे मामले अक्सर सामने आते हैं।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं तेज रहीं। कई यूजर्स ने व्यक्ति का समर्थन किया और कहा कि परिवार के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों का अधिकार है कि वे सुरक्षित और सहज महसूस करें। कुछ ने पूछा कि आरपीएफ और जीआरपी कहां हैं। कई लोगों ने लिखा कि नियम कागजी हैं और लागू नहीं होते। कुछ ने कहा कि ऐसे व्यवहार से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को असुविधा होती है। कई यूजर्स ने शिकायत दर्ज कराने वाले यात्री का समर्थन किया और पुलिस अधिकारी की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए।
एक यूजर ने लिखा, “बिल्कुल भी समझदारी और नागरिक बोध नहीं है!”
दूसरे ने कहा, “ट्रेन में शराब पीना पूरी तरह से प्रतिबंधित होना चाहिए, फिर लोग महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करेंगे।”
एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, “सिविक सेंस कहां है?”
एक अन्य व्यक्ति ने टिप्पणी की, “यह बेहद घटिया व्यवहार है!”
एक यूजर ने अधिकारी की प्रतिक्रिया की आलोचना करते हुए लिखा, “यह पुलिस अधिकारी कितना निकम्मा है। सख्त कानून लागू करने के बजाय, यह शिकायतकर्ता से अपनी शिकायत लिखित में देने को कह रहा है!!”
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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