भोपाल/मुंबई। मध्य प्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर में निवेश आकर्षित करने के लिए महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में 4 अगस्त को ‘इन्वेस्टर राउंड टेबल’ मीटिंग आयोजित की गई। इस राउंड टेबल मीटिंग में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय दूर संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित बड़ी संख्या में निवेशक मौजूद थे। कार्यक्रम में निवेश के साथ-साथ रोजगार, कनेक्टिविटी और मध्य प्रदेश की खासियतों पर चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि ग्वालियर में अगले दो से तीन माह में टेलीकॉम मेन्यूफेक्चरिंग जोन का भूमि-पूजन किया जाएगा। मीटिंग में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को मध्य प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। यहां निवेशकों को बताया गया कि ग्वालियर के टेलीकॉम मेन्यूफेक्चरिंग जोन में निवेशकों को 1 रुपए प्रति वर्ग मीटर लीज पर औद्योगिक भूखंड आवंटित किए जाएंगे। निवेशकों के लिए 50 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। निवेशकों को 5000 रुपए प्रति श्रमिक मासिक वेतन में भी सहायता प्रदान की जाएगी। अगर निवेशक 12 हजार करोड़ का निवेश करेंगे तो मध्यप्रदेश सरकार 8 हजार करोड़ सब्सिडी के रूप में लौटाएगी। यहां 10 हजार से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
ग्वालियर में टेलीकॉम मेन्यूफेक्चरिंग जोन
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार ने मिलकर ग्वालियर में टेलीकॉम मेन्यूफेक्चरिंग जोन स्थापित करने के लिए काम शुरू किया है। पिछले ढाई साल में राज्य सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों के चलते मध्य प्रदेश में लगभग हर क्षेत्र को अभूतपूर्व निवेश प्राप्त हुआ है। इसी दिशा में केंद्र सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर जोन की स्थापना हमारी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। बीते ढाई वर्षों में हमने सभी क्षेत्रों के विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया है, जिसका सकारात्मक परिणाम हमें प्राप्त हो रहा है। हमारी प्रभावी नीतियों को उद्योग जगत का बेहतर रिस्पॉन्स मिला है। मध्यप्रदेश सभी सेक्टर में तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है और देश-दुनिया के निवेशकों का भरोसा हमारे साथ है। भारत और दुनिया की सबसे सस्ती बिजली मध्य प्रदेश में मिलती है। औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए कौशल युक्त श्रमिक मध्यप्रदेश में उपलब्ध हैं। अगर रोजगार आधार उद्योग शुरू किया जाए तो सरकार 5 से 10 साल तक वेतन में भी सहयोग प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि मेक इन एमपी और फेथ इन एमपी के बलबूते पिछले दिनों दिल्ली में हुई पहली राउंड टेबल मीटिंग में साढ़े 3 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले, जिससे 12 हजार लोगों के लिए रोजगार का अवसर मिलेंगे। यह केंद्र और राज्य सरकार के साथ पहली इन्वेस्टर राउंड टेबल मीटिंग थी, जिसमें अभूतपूर्व सफलता मिली। मध्य प्रदेश सरकार ने देश के अलग-अलग शहरों में निवेश आकर्षित करने के लिए रोड शो आयोजित किए हैं। उन्होंने कहा कि यह मध्य प्रदेश सभी औद्योगिक घरानों और निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। एक बार जो यहां आकर व्यापार-व्यवसाय करता है, फिर मध्य प्रदेश से जाता नहीं है।

Image Source : REPORTERमध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव।
एमपी ने स्थापित किए कई कीर्तिमान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का दिल है। पूर्व-पश्चिम-उत्तर-दक्षिण कोई किसी भी दिशा में जाए, मध्य प्रदेश से जरूर गुजरता है। मध्य प्रदेश की कानून व्यवस्था सबसे अच्छी है। यहां कभी लेबर प्रॉब्लम भी नहीं हुई। भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता के बाद अगले साल फिर जीआईआस 2027 का आयोजन होने जा रहा है। भोपाल के पास नर्मदापुरम के बाबई-मोहासा में इलेक्ट्रिकल उपकरण पार्क में भूमिपूजन के दिन ही 1000 एकड़ के भूखंड आवंटित हो गए। पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल सेक्टर का देश का सबसे बड़ा क्लस्टर है। यहां भी भूमि-पूजन के दिन सभी भूखंड आवंटित हो गए। उन्होंने कहा कि अब ग्वालियर में टेलीकॉम मेन्यूफेक्चरिंग जोन एक नई सौगात है, जो दिल्ली-एनसीआर से ज्यादा दूर नहीं है। ग्वालियर में देश की पहली टेलीकॉम इंडस्ट्री शुरू हो रही है। इसके लिए भारत सरकार के साथ राज्य सरकार ने एमओयू किया है। बदलते दौर में राज्यों के बीच सौहार्द्रपूर्ण संबंध बनाते हुए मध्य प्रदेश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि तीन राज्यों के साथ नदी जोड़ो परियोजना के माध्यम से जल प्रबंधन के लिए कार्य किए जा रहे हैं। हमने राजस्थान के साथ करीब 40 साल पुराने जल बंटवारे के विवाद को आपसी सहमति से हल करते हुए पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना पर आगे बढ़ रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार सभी क्षेत्रों में भारत सरकार के सहयोग से कार्य करते हुए प्रदेश को आगे रखने के लिए कार्य कर रही है।
भारत में आई दूर संचार क्रांति
मीटिंग में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 साल में भारत के दूरसंचार क्षेत्र और डिजिटलाइजेशन में नई क्रांति देखने को मिली है। पहले भारत 2जी पर निर्भर रहता था। आज वही देश विश्व का दूसरा बड़ा टेलीकॉम आत्मनिर्भर देश बन चुका है। भारत में 5जी सेक्टर में वर्तमान समय में 50 करोड़ से अधिक उपभोक्ता है। प्रधानमंत्री मोदी ने भविष्य की जरूरतों के मुताबिक 130 साल पुराने टेलीकॉम एक्ट में परिवर्तन किए और देश को आधुनिक टेलीकॉम आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एक रोडमैप और रनवे प्रदान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने लोकल फॉर वोकल को प्रमोट किया है। उनकी सोच है- मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड। उनके नेतृत्व में हम सभी विकसित भारत @ 2047 के संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं। विकसित भारत के विजन में टेलीकॉम सेक्टर एक सेंट्रल नर्वस सिस्टम (सीएनएस) की तरह है। यह विकास के एक अदृश्य हाईवे की तरह है।
Image Source : REPORTERसीएम मोहन ने की निवेशकों संग बैठक।
निवेशकों को मिलेगी भारी सब्सिडी
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत को सर्विस आधारित देश से प्रोडक्ट वाले देश को लेकर जाना चाहते हैं। देश में कभी 5 करोड़ फोन बनते थे और हमें अपनी जरूरत के 85 प्रतिशत फोन दूसरे देशों से आयात करने पड़ते थे। आज भारत में प्रतिवर्ष 33 करोड़ फोन तैयार होते हैं। एपल जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनी के लगभग 20 प्रतिशत फोन भारत में निर्मित हो रहे हैं। आज भारत में यूपीआई से 20 बिलियन डिजिटल ट्रांजेक्शन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने नौ देशों को यूपीआई टेक्नोलॉजी दी है। ग्वालियर के टीएमजेड में टेलीकॉम सेक्टर की लिए जरूरी इकोसिस्टम उपलब्ध होगा। भारत सरकार टेलीकॉम सेक्टर के निवेशकों को प्लग एंड प्ले फैसिलिटी उपलब्ध कराना चाहती है। मध्य प्रदेश सरकार इसके लिए आगे आई है। यहां दूरसंचार मंत्रालय और मध्यप्रदेश सरकार ने मिलकर ग्लोबल स्टैंडर्ड और बेस्ट इन क्लास फैसिलिटी तैयार करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि पहले फेज के लिए 170 एकड़ जमीन उपलब्ध है। निवेशकों को 2 रुपए प्रति यूनिट बिजली दी जाएगी। बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए 5000 रुपए प्रति श्रमित वेतन सहायता, कौशल उन्नयन के लिए 13 हजार रुपए प्रति कर्मचारी सब्सिडी दी जाएगी।
दस हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने कहा कि हम आपको मध्य प्रदेश आकर निवेश करने का आमंत्रण देने आए हैं। ग्वालियर में बनने वाला टेलीकॉम मेन्यूफेक्चरिंग जोन देश में संचार उपकरणों के निर्माण में अद्वितीय पहल है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में उद्योग अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए छोटे-छोटे शहरों में जाकर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कीं। जिसका सुखद परिणाम हमें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस 2025) में मिला और राज्य में 30 लाख करोड़ से अधिक निवेश आया, इसका 30 प्रतिशत अब तक धरातल पर आ चुका है। सेक्टर बेस्ड औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की दिशा में अब तक ग्वालियर में टेलीकॉम मेन्यूफेक्चरिंग जोन, धार जिले में पीएम मित्र पार्क और नर्मदापुरम जिले के बाबई-मोहासा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तैयार करने के लिए काम चल रहा है। मंडलोई ने कहा कि ग्वालियर में टेलीकॉम मेन्यूफेक्चरिंग जोन को केंद्र सरकार के सहयोग से तैयार किया जा रहा है। यहां बिजली, पानी और जमीन सस्ती दरों पर उपलब्ध होगी। यह क्षेत्र देश के मध्य में होने के साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लगभग 300 किमी दूरी पर स्थित है। टीएमजेड पार्क के प्रथम चरण के विकास के लिए कुल 170 एकड़ जमीन उपलब्ध है। दूसरे चरण के लिए 400 एकड़ और भूमि पर विस्तार के लिए विचार किया जा रहा है। यहां 6 स्पेशल टेस्टिंग लैब उपलब्ध होंगी। निवेशकों को यहां पर 1 रुपए प्रति वर्ग मीटर लीज पर औद्योगिक भूखंड आवंटित किए जाएंगे। निवेशकों के लिए 50 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। निवेशकों को 5000 रुपए प्रति श्रमिक मासिक वेतन में भी सहायता प्रदान की जाएगी। अगर निवेशक 12 हजार करोड़ का निवेश करेंगे तो मध्यप्रदेश सरकार 8 हजार करोड़ सब्सिडी के रूप में लौटाएगी। यहां 10 हजार से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
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